भोजशाला पर बोले दिग्विजय सिंह- ये ASI संरक्षित स्थल, सुप्रीम कोर्ट को तय करना है कि क्या पूजा होगी
भोजशाला मामले में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह का बयान सामने आया है। वह शुक्रवार शाम को इंदौर पहुंचे थे। वह यहां पर पहले पूर्व विधायक अश्विन जोशी के यहां शोक व्यक्त करने के लिए गए। इसके बाद मीडिया से चर्चा की। भोजशाला मामले में उन्होंने कहा कि इसमें पूजा होगी या इबादत यह सुप्रीम कोर्ट को तय करना है।
यह बोले दिग्गी
सिंह ने कहा कि भोजशाला पर जो फैसला आया है उसका अध्ययन करें। देश के नियम-कानून से काम होना चाहिए। अभी बनारस की ज्ञानवापी मस्जिद, संभल की मस्जिद और वृंदावना का केस सुप्रीम कोर्ट में है और स्टे है। जो इस तरह का फैसला आया है, जो परिसर एएसआई संरक्षित है तो क्या वहां पूजा/इबादत हो सकती है। यह सुप्रीम कोर्ट को तय करना है।
मां वाग्देवी की जिक्र एएसआई रिपोर्ट में नहीं
दिग्विजय सिंह ने सीएम मोहन यादव के बयान कि मां वाग्देवी की प्रतिमा लंदन से लेकर आएंगे पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि बिल्कुल लाइए। मैं जब सीएम था तब मैने भी कहा था, इसके पहले शंकरदयाल शर्माजी भी कोशिश कर चुके हैं। लेकिन मैंने यह नहीं कहा था कि प्रतिमा लाकर भोजशाला में स्थापित करेंगे। एएसआई की रिपोर्ट में भी वाग्देवी प्रतिमा का जिक्र नहीं है। इस समय देश में आर्थिक और सामाजिक संकट है और देश में हिंदू-मुस्लिम की बात की जा रही जो उचित नहीं है।
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