नमाज के लिए भोजशाला से दूर चालीस पीर दी जगह, मुस्लिम समाज नहीं गया
Indore. धार भोजशाला पर हाईकोर्ट इंदौर के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील गई। इसमें अंतरिम आदेश हुए कि नमाज के लिए शुक्रवार को 1 से तीन बजे के बीच में जगह दी जाए। यह खुले में भोजशाला परिसर से सटकर या फिर निकट हो। इसे लेकर शुक्रवार सुबह लिखित आदेश आया। इसके बाद प्रशासन ने चालीस पीर जगह दी।
सूत्रों के अनुसार धार कलेक्ट्रेट में नमाज की जगह को लेकर मुस्लिम समाज के साथ अधिकारियों की लंबी बैठक चलती रही। इसी में काफी समय बीत गया। क्योंकि जगह ही तय नहीं हो पा रही थी। सभी इसमें अलग-अलग धड़े में बंट गए।
इस जगह को लेकर क्या आई आपत्ति
कलेक्टर राजीव रंजन मीणा ने मुस्लिम समाज के साथ बात की और सभी बातों और खासकर लां एंड आर्डर को देखते हुए चालीस पीर जगह पर नमाज के लिए कहा। यह जगह भोजशाला से करीब आधा किमी दूर है। लेकिन समाज ने कहा कि उन्हें भोजशाला के एकदम पास ही जगह चाहिए। इस पर प्रशासन ने असमर्थता जताई। इसके बाद समाज ने भी सामूहिक नमाज करने की जगह अपने-अपने स्थल पर ही नमाज अदा की।
इसके पहले यह बोले थे धार कलेक्टर
'द सूत्र' ने धार कलेक्टर राजीव रंजन मीणा से सुप्रीम कोर्ट आदेश आने के बाद बात की थी। तब उन्होंने बताया कि अभी लिखित आदेश आया है और इसका अध्ययन करने के साथ ही जगह भी देखी जा रही है। जल्द इसमें फैसला करेंगे।
क्यों आ रही है उलझन
दरअसल एक बार जगह तय होने के बाद लगातार वही जगह आगे भी रहेगी। ऐसे में प्रशासन को भविष्य के लिए कानून व्यवस्था के नजरिए से सोचना है। आगे बसंत पंचमी के दिन शुक्रवार आने पर बडे़ विवाद की स्थिति हो जाएगी। वहीं जगह ऐसी होना चाहिए कि पूजा करने वालों को भोजशाला में आने-जाने में समस्या नहीं हो। इन्हीं बातों के चलते भोजशाला से दूर ही नमाज के लिए जगह दी जा रही है। वहीं लिखित आदेश भी सुबह देरी से आया। इसके चलते भी प्रशासन के पास व्यवस्था के हिसाब से अधिक समय नहीं था।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बिंदु
भोजशाला मामले में 14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस सूर्यकांत , जस्टिस जॉयमाल्या बागची एवं जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने निम्न निर्देश दिए।
- मुस्लिम पक्ष को जुमे की नमाज़ हेतु दोपहर 1 से 3 बजे के मध्य समीप ही वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने के लिए मध्यप्रदेश सरकार को निर्देश दिए ।
- भोजशाला मां सरस्वती मंदिर में मुस्लिम पक्ष को नमाज की अनुमति देने से इंकार।
- भोजशाला परिसर में हिंदू पक्ष की पूजा पर कोई रोक नहीं लगाई गई।प्रतिदिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक मां वाग्देवी की निरंतर पूजा जारी रहेगी।
- हिंदू पक्ष के हित में हाई कोर्ट के द्वारा दिए गए फैसले पर प्रतिबंध लगाने से इनकार किया गया।
- न्यायालय की अनुमति के बगैर ASI ( भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग) मां सरस्वती मंदिर भोजशाला के मूल ढांचे में कोई परिवर्तन नहीं करेगा।
- सभी पक्षों को नोटिस जारी करने का आदेश। अंतिम बहस हेतु 5 अगस्त 2026 नियत।
इन्होंने की पैरवी
हिंदू पक्ष की ओर से वकील विष्णु शंकर जैन एवं वरिष्ठ अधिवक्ता हरिशंकर जैन, विनय जोशी, रंजीत कुमार और सी एस वैद्यनाथन, पार्थ यादव, सौरव सिंह, मणि मुंजाल ने पैरवी की। प्रकरण में हिंदू फ्रंट फार जस्टिस एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट रंजना अग्निहोत्री, आशीष गोयल, आशीष जनक, मोहित गर्ग, सुनील सारस्वत को प्रतिवादी बनाया गया है। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस के प्रदेश उपाध्यक्ष और भोजशाला याचिकाकर्ता आशीष गोयल ने यह जानकारी दी।
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