भोजशाला विवाद: बसंत पंचमी और जुमे की नमाज पर फिर टकराव की आशंका
Jitendra Shrivastava | Jul 16, 2026, 18:13 IST
Photograph: (THESOOTR)
DHAR. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भोजशाला में हर शुक्रवार नमाज को लेकर सवाल उठे हैं। परिसर में एक ही मुख्य द्वार है। प्रशासन के सामने रास्ता और सुरक्षा तय करने की चुनौती है।
समझें क्या है पूरा मामला...
- भोजशाला में एक ही गेट, नमाज कैसे होगी, बड़ा सवाल।
- सुप्रीम कोर्ट के आदेश से प्रशासन के सामने चुनौतियां।
- बसंत पंचमी और जुम्मे की नमाज, फिर टकराव की आशंका।
- भोजशाला विवाद: 2006 से अब तक कैसे बदला रास्ता।
- कब्रिस्तान वाली जगह पर नमाज को लेकर मुस्लिम पक्ष नाराज।
इससे पहले हाईकोर्ट भोजशाला को मंदिर मानते हुए हिंदू पक्ष को पूरे वर्ष पूजा का अधिकार दे चुका है। अब सवाल है कि एक ही परिसर में दोनों गतिविधियां कैसे चलेंगी। प्रशासन अभी आदेश का अध्ययन कर योजना बना रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश से नई बहस
यह आदेश आते ही यह मामला फिर सुर्खियों में आ गया। इससे पहले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट अपने फैसले में भोजशाला को मंदिर मानते हुए हिंदू पक्ष को साल भर पूजा-अर्चना का अधिकार दे चुका है।
एक ही परिसर, दो गतिविधियां
नमाजी किस रास्ते से अंदर आएंगे, यह भी स्पष्ट नहीं है। श्रद्धालुओं की सामान्य आवाजाही कैसे जारी रहेगी, यह भी एक बड़ा सवाल है। साथ ही एक ही मुख्य द्वार पर सुरक्षा व्यवस्था कैसे संभलेगी, यह चुनौती अलग से है।
फिलहाल प्रशासन ने इस पर कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। कोर्ट के आदेश का अध्ययन कर विस्तृत कार्ययोजना बनाई जा रही है।
परिसर में फिलहाल सिर्फ एक द्वार
सामान्य दिनों में दर्शन के बाद श्रद्धालु इसी रास्ते से बाहर निकलते हैं। हालांकि, बसंत पंचमी जैसे बड़े मौकों पर भीड़ ज्यादा होने पर प्रशासन वैकल्पिक निकास का इस्तेमाल करता है।
ऐसे मौकों पर परिसर के बाईं ओर बने छोटे द्वार से भीड़ निकाली जाती है। श्रद्धालु सीढ़ियों से उतरकर दाईं ओर बढ़ते हैं और पुलिस चौकी के पास से बाहर आते हैं।
जब बसंत पंचमी और शुक्रवार साथ पड़ें
इन संवेदनशील मौकों पर जिला प्रशासन, पुलिस, एएसआई और दोनों समुदायों के प्रतिनिधि मिलकर बैठकें करते रहे हैं। सुरक्षा, प्रवेश-निकास और समय को लेकर हर बार विस्तृत योजना बनाई जाती रही है।
2006 में पहली बार बनी वैकल्पिक व्यवस्था
भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने नमाजियों को भोजशाला के पीछे स्थित लकड़ी पीठ क्षेत्र से प्रवेश दिलाया। वहां से उन्हें सुरक्षा घेरे में परिसर तक पहुंचाया गया। उस दौरान एक अस्थायी सीढ़ी भी लगाई गई थी।
2013 में दोहराई गई वही व्यवस्था
जनवरी 2026 में क्या हुआ था
मुस्लिम समाज के लिए अलग व्यवस्था बनाई गई थी। प्रशासन ने मुख्य द्वार के पास स्थित अंदरूनी रास्ते से सीमित संख्या में नमाजियों को अंदर भेजा। चूंकि पूजा लगातार चल रही थी, इसलिए भोजशाला के पीछे खुले हिस्से में अस्थायी टेंट लगाकर नमाज कराई गई थी।
मुस्लिम पक्ष ने जताई थी आपत्ति
धार्मिक मान्यता के अनुसार वहां नमाज अदा नहीं की जाती। यही वजह है कि अब सुप्रीम कोर्ट के नए आदेश के बाद प्रशासन के सामने रास्ता और स्थान तय करना बड़ी चुनौती बन गया है।
FAQ
- भोजशाला में नमाज को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा है?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हर शुक्रवार दोपहर 1 से 3 बजे के बीच मुस्लिम समाज को नमाज के लिए खुला स्थान दिया जाए। इससे पहले हाईकोर्ट भोजशाला को मंदिर मान चुका है। - भोजशाला परिसर में प्रवेश की क्या व्यवस्था है?
परिसर में फिलहाल केवल एक मुख्य प्रवेश द्वार है, जहां पुलिस चौकी भी है। भीड़ ज्यादा होने पर प्रशासन वैकल्पिक निकास का इस्तेमाल करता है। - जनवरी 2026 में बसंत पंचमी पर क्या हुआ था?
23 जनवरी 2026 को हिंदू पक्ष की पूजा पूरे दिन चली और मुस्लिम समाज के लिए पीछे के खुले हिस्से में टेंट लगाकर नमाज कराई गई। मुस्लिम पक्ष ने इस जगह को कब्रिस्तान का हिस्सा बताकर आपत्ति जताई थी।
धार भोजशाला में सुप्रीम कोर्ट से स्टे नहीं, पास की जमीन पर कर सकेंगे जुमे की नमाज
भोजशाला मामले में नया मोड़, सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के लिए तैयार
महाकाल लोक की तर्ज पर सरस्वती लोक: धार भोजशाला परिसर की हो रही ड्रोन से मैपिंग
भोजशाला की सुरक्षा में बड़ी चूक! गर्भगृह में चुपके से रखी वाग्देवी की प्रतिमा
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman