तीन दिनों तक सामूहिक अवकाश पर रहेंगे पटवारी, किया ऐलान
भोपाल में रिश्वत लेने के आरोप में तीन पटवारियों किशोर दांगी, पवन शुक्ला और निधि नेमा को निलंबित करने के बाद, पटवारी संघ ने सामूहिक अवकाश पर जाने का फैसला किया। पटवारी संघ ने तीन दिनों तक सामूहिक अवकाश पर जाने का फैसला किया है। बता दें कि मंगलवार को सात तहसीलों में से पांच तहसीलों के 110 से अधिक पटवारी इस अवकाश में शामिल हुए। उनका कहना था कि बिना जांच किए पटवारियों को निलंबित किया गया, जो गलत है। अगर इन पटवारियों का निलंबन नहीं हटाया गया, तो वे आंदोलन भी करेंगे। इस कारण तहसीलों में कामकाजी माहौल खराब हो गया और सभी जगह सन्नाटा पसरा रहा।
यहां के पटवारी नहीं हुए अवकाश में शामिल
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सख्त कार्रवाई की जाएगी- मंत्री करण सिंह
वहीं इस पूरे मामले को लेकर राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि पटवारी और आरआई से जुड़ी शिकायतों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वे हर तरह के भ्रष्टाचार को खत्म करना चाहते हैं। साथ ही, सभी कलेक्टरों को निर्देश दिया गया है कि वे इस मामले में सख्ती बरतें।
'पटवारियों के खिलाफ कार्रवाई करना गलत'
प्रांतीय पटवारी संघ के अध्यक्ष अश्विन कुमार सैनी ने कहा कि बिना नोटिस के पटवारियों के खिलाफ कार्रवाई करना गलत है। वहीं, भोपाल जिला अध्यक्ष धर्मेद्र कुशवाह ने भी बताया कि पटवारियों को मिलने वाला भत्ता बेहद कम है, जिससे उनके लिए अपने घर से काम करना मुश्किल हो रहा है।
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सामूहिक अवकाश के कारण कामकाज प्रभावित
पटवारियों के सामूहिक अवकाश के कारण राजस्व अभियान और अन्य सरकारी कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। खासकर, भोपाल जैसे बड़े शहर में सरकारी योजनाओं का काम पिछड़ गया है, जबकि छोटे जिले जैसे नीमच और सीहोर इसमें आगे हैं।
FAQ
- पटवारी संघ ने सामूहिक अवकाश क्यों लिया?
पटवारी संघ ने बिना जांच के तीन पटवारियों के निलंबन का विरोध किया, और निलंबन वापस लेने की मांग की। - कौन से पटवारी सामूहिक अवकाश में शामिल नहीं हुए?
बैरसिया और कोलार तहसील के पटवारी सामूहिक अवकाश में शामिल नहीं हुए। - क्या पटवारियों के खिलाफ कोई जांच चल रही है?
हां, पटवारियों के खिलाफ रिश्वत लेने की शिकायतों की जांच की जा रही है। - पटवारियों को कितना भत्ता मिलता है?
पटवारियों को हर महीने महज 258 रुपये का आवास भत्ता मिलता है, जो उनके लिए पर्याप्त नहीं है।
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