154 करोड़ के अंबेडकर ब्रिज को लेकर PWD बड़ा एक्शन, ठेकेदार से वसूलेगा मरम्मत का खर्च

Sandeep Kumar | Sept 05, 2026, 19:22 IST
Share
अंबेडकर ब्रिज को लेकर PWD बड़ा एक्शन
अंबेडकर ब्रिज को लेकर PWD बड़ा एक्शन

भोपाल के 154 करोड़ के अंबेडकर ब्रिज में खामी मिलने पर पीडब्ल्यूडी ने मरम्मत का खर्च ठेकेदार से वसूलने और उसे ब्लैक लिस्ट करने का फैसला लिया है। मामला हाईकोर्ट पहुंच चुका है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • भोपाल के अंबेडकर ब्रिज में मरम्मत की जरूरत आई।
  • पुल का निर्माण 154 करोड़ रुपए की लागत से हुआ था।
  • PWD खर्च ठेकेदार कंपनी से वसूल करेगा।
  • ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने की तैयारी चल रही है।
  • मामला मध्यप्रदेश हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है।
भोपाल के अंबेडकर ब्रिज (ambedakar bridge ) में मरम्मत की जरूरत आ गई है। यह पुल 154 करोड़ रुपए में बना था। पीडब्ल्यूडी ने मरम्मत का पूरा खर्च ठेकेदार से वसूलने का फैसला किया है। साथ ही ठेकेदार कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की तैयारी है। मामला अब मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में भी पहुंच चुका है।

भोपाल के एमपी नगर इलाके में बना अंबेडकर ब्रिज शहर की बड़ी परियोजनाओं में गिना जाता है। गणेश मंदिर से गायत्री मंदिर तक बने इस फ्लाईओवर पर हाल में कई खामियां सामने आईं। बारिश के मौसम में ये दिक्कतें और बढ़ गईं।

पीडब्ल्यूडी अफसरों ने साफ किया है कि इस मरम्मत से विभाग पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा। पूरी लागत के साथ 20 प्रतिशत क्षतिपूर्ति राशि भी ठेकेदार संस्था मेसर्स वीकेएससी इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड से वसूली जाएगी।

कांग्रेस ने उठाए सवाल

यह मामला तब सुर्खियों में आया जब कांग्रेस नेता अभिनव बारोलिया ने एक वीडियो जारी किया। उन्होंने ब्रिज की सड़क को लेकर सवाल उठाए। साथ ही बेवजह खर्च का आरोप भी लगाया।

इस वीडियो के सामने आने के बाद पीडब्ल्यूडी हरकत में आया। विभाग ने तुरंत अपना पक्ष रखा और तथ्य सामने रखे।

फ्लाईओवर में क्या खामियां मिलीं

विभाग के मुताबिक अंबेडकर ब्रिज का निर्माण 31 दिसंबर 2024 को पूरा हुआ था। पुल की बियरिंग कोट में पहले भी खराबी आई थी, जिसे ठेकेदार ने ठीक करा दिया था।

इस बार बारिश में बियरिंग कोट में फिर खराबी दिखी। निरीक्षण में पता चला कि ड्रेनेज स्पाउट और रेनवॉटर पाइप चोक हो गए थे। इस वजह से बारिश का पानी सड़क पर सीधे गिर रहा था।

एक्सपेंशन जॉइंट से भी पानी रिस रहा था। पुल के नीचे सर्विस रोड पर जलभराव और गड्ढे भी दिखे। विभाग ने इन सभी खामियों की सूची बनाकर ठेकेदार को सौंपी।

क्यों जिम्मेदार है ठेकेदार

पुल के अनुबंध में दोष दायित्व अवधि (डीएलपी – Defect Liability Period) तय है। यह अवधि 30 दिसंबर 2029 तक चलेगी। इस दौरान निर्माण से जुड़ी हर कमी ठीक करना ठेकेदार का काम है।

अगर ठेकेदार समय पर सुधार नहीं करता, तो विभाग को यह काम उसके खर्चे पर कराने का अधिकार है। इसी नियम के तहत अब कार्रवाई हो रही है।

पीडब्ल्यूडी का एक्शन

पीडब्ल्यूडी ने 31 जुलाई 2026 और फिर 11 अगस्त 2026 को ठेकेदार को सुधार के निर्देश दिए। अनुबंध के मुताबिक 15 दिन में सारी खामियां दूर करनी थीं। लेकिन तय समय में काम पूरा नहीं हुआ।

इसके बाद विभाग ने खामियां दूर करने के लिए 4.69 करोड़ रुपए की नई निविदा जारी की। विभाग का कहना है कि इसके लिए कोई अलग बजट नहीं दिया गया है। डीएलपी अवधि में ठेकेदार की परफॉर्मेंस गारंटी विभाग के पास पहले से जमा है। इसी गारंटी राशि से मरम्मत कराने का प्रावधान है।

ब्लैक लिस्ट की तैयारी

संधारण में लापरवाही को देखते हुए विभाग ने 11 अगस्त 2026 को ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस भेजा। इसमें कंपनी को काली सूची में डालने की चेतावनी दी गई है। ठेकेदार का जवाब आ चुका है, जिसकी जांच विभाग स्तर पर चल रही है।

हाईकोर्ट पहुंचा मामला

ठेकेदार संस्था ने आंशिक सुधार कार्य किया। लेकिन विभाग की नई निविदा प्रक्रिया के खिलाफ मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर में याचिका दाखिल कर दी। कोर्ट ने फिलहाल नई निविदा प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।

कोर्ट ने ठेकेदार को निर्देश दिया है कि वह पुल की सभी खामियां दूर करे। साथ ही किए गए सुधार कार्यों की रिपोर्ट कोर्ट में पेश करे। विभाग ने कहा है कि घटिया काम किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं होगा।

FAQ

  1. अंबेडकर ब्रिज की मरम्मत का खर्च कौन उठाएगा?
    मरम्मत का पूरा खर्च ठेकेदार संस्था वहन करेगी। पीडब्ल्यूडी पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। साथ में 20 प्रतिशत क्षतिपूर्ति राशि भी वसूली जाएगी।
  2. ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट क्यों किया जा रहा है?
    संधारण कार्य में लापरवाही के चलते विभाग ने कारण बताओ नोटिस भेजा है। तय समय में खामियां न सुधारने पर यह कार्रवाई हो रही है।

ये भी पढ़ें...

लेट-लतीफी के चलते 90 डिग्री ओवरब्रिज बंद पड़ा, रेलवे-PWD में बढ़ा विवाद

भोपाल का 90 डिग्री ओवर ब्रिज अब होगा सेफ, PWD ने IIT भुवनेश्वर को सौंपी नई डिजाइन की कमान

90 डिग्री वाले विवाद के बाद अब कर्व सुधार पर बैठकों का खेल, सवालों के घेरे में PWD और सरकार

भोपाल के 90 डिग्री रेलवे ओवरब्रिज मामले में सस्पेंड हुए सभी सात इंजीनियर बहाल

Tags:
  • मध्यप्रदेश
  • मध्यप्रदेश हाईकोर्ट
  • एमपी नगर
  • पीडब्ल्यूडी
  • ambedakar bridge
राजस्थान कांग्रेस की निकाय चुनाव में क्रॉस वोटिंग की जांच, 346 पार्षद और 32 विधायक शामिल

By Jyoti Mahender Bhardwaj

राजस्थान कांग्रेस की निकाय चुनाव में क्रॉस वोटिंग की जांच, 346 पार्षद और 32 विधायक शामिल
हनुमान बेनीवाल को राजस्थान हाई कोर्ट से बड़ी राहत, कुचेरा एफआईआर पर लगी अंतरिम रोक

By Jageshwar prasad

हनुमान बेनीवाल को राजस्थान हाई कोर्ट से बड़ी राहत, कुचेरा एफआईआर पर लगी अंतरिम रोक
छत्तीसगढ़ में नदी प्रदूषण के 30 हजार से ज्यादा मामले, रायपुर सबसे आगे, सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े

By Harrison Masih

छत्तीसगढ़ में नदी प्रदूषण के 30 हजार से ज्यादा मामले, रायपुर सबसे आगे, सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े
राजस्थान में MBBS की 61% सीटें खाली, NEET UG काउंसलिंग के राउंड-3 में निजी कॉलेजों की स्थिति ने चौंकाया

By Jyoti Mahender Bhardwaj

राजस्थान में MBBS की 61% सीटें खाली, NEET UG काउंसलिंग के राउंड-3 में निजी कॉलेजों की स्थिति ने चौंकाया
कर्मचारियों-पेंशनर्स के कैशलेस इलाज में नया पेंच! नॉन-इंपैनल्ड अस्पतालों की लिमिट 4 लाख से घटाकर 1.50 लाख करने का प्रस्ताव

By Amresh Kushwaha

कर्मचारियों-पेंशनर्स के कैशलेस इलाज में नया पेंच! नॉन-इंपैनल्ड अस्पतालों की लिमिट 4 लाख से घटाकर 1.50 लाख करने का प्रस्ताव
पंचायत चुनाव: 2.27 लाख कर्मचारियों की लगेगी चुनाव ड्यूटी, उपसरपंच चुनाव के बाद ही लौट सकेंगे कर्मचारी

By Jageshwar prasad

पंचायत चुनाव: 2.27 लाख कर्मचारियों की लगेगी चुनाव ड्यूटी, उपसरपंच चुनाव के बाद ही लौट सकेंगे कर्मचारी
एमपी में सरकारी नौकरी: एक लाख पदों पर होगी सीधी भर्ती, सीएम मोहन यादव ने किया एलान, इन पदों पर मिलेगी नौकरी

By Kaushiki

एमपी में सरकारी नौकरी: एक लाख पदों पर होगी सीधी भर्ती, सीएम मोहन यादव ने किया एलान, इन पदों पर मिलेगी नौकरी