परिवहन विभाग का बड़ा फैसला, ओला-रैपिडो की बाइक टैक्सी पर होगी कार्रवाई

Jitendra Shrivastava | Aug 22, 2026, 19:29 IST
Photograph: (THESOOTR)
BHOPAL. भोपाल में परिवहन विभाग ने ओला-रैपिडो की प्राइवेट नंबर बाइक टैक्सी पर कार्रवाई के संकेत दिए हैं। शहर में सिर्फ 200-300 बाइक ही कमर्शियल पंजीकृत हैं, जबकि दावा 10 हजार बाइक टैक्सी चलने का है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • भोपाल में सिर्फ 300 कमर्शियल बाइक, चल रहीं 10 हजार टैक्सी।
  • ओला रैपिडो पर अब आरटीओ की सीधी नजर पड़ी।
  • प्राइवेट नंबर की बाइक टैक्सी पर लगेगा बड़ा ब्रेक।
  • टैक्सी यूनियन की हड़ताल के बाद परिवहन विभाग सख्त।
  • बाइक टैक्सी चालकों की मुश्किलें अब बढ़ सकती हैं।

भोपाल में ओला-रैपिडो की बाइक टैक्सी सेवा पर असर पड़ सकता है। परिवहन विभाग ने प्राइवेट नंबर के वाहनों पर कार्रवाई के संकेत दिए हैं।



शहर में करीब 10 हजार बाइक टैक्सी के रूप में चलने का दावा है। लेकिन कमर्शियल पंजीकृत बाइक सिर्फ 200 से 300 हैं। टैक्सी यूनियनों की हड़ताल के बाद यह कार्रवाई सामने आई है।



भोपाल में एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म पर चलने वाली बाइक टैक्सी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हुआ है। टैक्सी यूनियनों की मांग के बाद परिवहन विभाग हरकत में आया है। अब गैर कमर्शियल वाहनों पर सीधी कार्रवाई की तैयारी है।



दस हजार में सिर्फ तीन सौ कमर्शियल

शहर में ओला-रैपिडो जैसी सेवाओं के जरिए 10 हजार से ज्यादा बाइक टैक्सी के रूप में चलने का दावा किया जा रहा है। लेकिन परिवहन विभाग के आंकड़े इससे बिल्कुल अलग हैं।



विभाग के मुताबिक भोपाल में कमर्शियल नंबर वाली बाइक की संख्या सिर्फ 200 से 300 के बीच है। यानी बड़ी संख्या में बाइक बिना कमर्शियल पंजीकरण के ही यात्रियों को ढो रही हैं।



टैक्सी यूनियनों का दावा है कि एग्रीगेटर कंपनियों के प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में निजी नंबर वाली बाइक और कारें चल रही हैं। हालांकि ऐसे वाहनों का सटीक आधिकारिक आंकड़ा परिवहन विभाग के पास फिलहाल उपलब्ध नहीं है।



आरटीओ ने दी सख्त चेतावनी

आरटीओ जितेंद्र शर्मा ने स्पष्ट किया है कि एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म पर केवल कमर्शियल वाहन ( Commercial Vehicle) ही चलाए जा सकते हैं। अगर कोई प्राइवेट नंबर का वाहन यात्रियों को किराए पर ले जाते हुए मिला, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।



उनके मुताबिक फिलहाल कमर्शियल बाइक टैक्सी चलती रहेंगी, लेकिन प्राइवेट नंबर की बाइक या कार से किराए पर सवारी ले जाने वालों पर परिवहन विभाग की सीधी नजर रहेगी।



टैक्सी यूनियन ने रखा अपना पक्ष

टैक्सी यूनियन कल्याण समिति संपूर्ण भारत के वरिष्ठ राष्ट्रीय सचिव नफीस उद्दीन ने कहा कि कमर्शियल वाहन चलाने वाले चालक परमिट, फिटनेस, बीमा और टैक्स जैसी कई अनिवार्य औपचारिकताएं पूरी करते हैं।



उनका कहना है कि निजी वाहनों से यात्रियों को ले जाने पर नियमों का पालन करने वाले कमर्शियल चालकों को आर्थिक नुकसान होता है। इसलिए गैर कमर्शियल वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।



हड़ताल के बाद उठा मुद्दा

भोपाल में 18 और 19 अगस्त को टैक्सी यूनियनों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल की थी। इस दौरान ओला, उबर और रैपिडो जैसे प्लेटफॉर्म पर निजी नंबर वाले वाहनों के इस्तेमाल का मुद्दा प्रमुखता से उठा था।



यूनियन की मांग थी कि एग्रीगेटर कंपनियों के जरिए केवल वैध कमर्शियल वाहनों से ही यात्रियों का परिवहन हो। अब परिवहन विभाग ने भी इस मुद्दे पर कार्रवाई की बात कही है।



कार्रवाई हुई तो क्या बदलेगा

परिवहन विभाग की कार्रवाई का सीधा असर निजी नंबर वाली बाइक टैक्सी पर पड़ेगा। ऐसी बाइक पर कार्रवाई होने पर ओला और रैपिडो की राइड उपलब्धता कम हो सकती है।



हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि बाइक टैक्सी सेवा पूरी तरह बंद हो जाएगी। कमर्शियल नंबर वाले और नियमों के तहत पंजीकृत वाहन यात्री परिवहन में संचालित होते रहेंगे। यात्रियों को आने वाले दिनों में राइड मिलने में थोड़ी दिक्कत हो सकती है।



नफीस उद्दीन (वरिष्ठ राष्ट्रीय सचिव, टैक्सी यूनियन कल्याण समिति संपूर्ण भारत) ने कहा कि कमर्शियल वाहन चलाने वाले चालक परमिट, फिटनेस, बीमा समेत कई अनिवार्य औपचारिकताएं पूरी कर वाहन चलाते हैं।



वहीं इस पूरे मामले पर आरटीओ जितेंद्र शर्मा ने कहा कि एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म पर केवल कमर्शियल वाहन ही चलाए जा सकते हैं।



FAQ

  1. भोपाल में कमर्शियल बाइक टैक्सी की असल संख्या कितनी है?
    परिवहन विभाग के अनुसार भोपाल में कमर्शियल नंबर वाली बाइक की संख्या सिर्फ 200 से 300 के बीच है। जबकि दावा 10 हजार बाइक टैक्सी चलने का है।
  2. आरटीओ ने बाइक टैक्सी को लेकर क्या कहा है?
    आरटीओ जितेंद्र शर्मा ने कहा कि एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म पर केवल कमर्शियल वाहन ही चलाए जा सकते हैं। प्राइवेट नंबर की बाइक मिलने पर कार्रवाई होगी।
  3. टैक्सी यूनियनों की मुख्य मांग क्या है?
    यूनियनों की मांग है कि एग्रीगेटर कंपनियां केवल वैध कमर्शियल वाहनों से ही यात्रियों का परिवहन कराएं। यह मुद्दा 18-19 अगस्त की हड़ताल में प्रमुखता से उठा था।

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