भोपाल में BRICS कल्चरल समिट 2026 आज से शुरू, सांची और भीमबेटका जाएंगे मेहमान

Kaushiki | Jul 14, 2026, 11:30 IST
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भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में 4 दिवसीय ब्रिक्स सांस्कृतिक सम्मेलन-2026 की शुरुआत हो गई है। इसमें 10 देशों के 100 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। सम्मेलन के दौरान मेहमानों को मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध व्यंजन परोसे जाएंगे।

समझें क्या है पूरा मामला

  • भोपाल में 5 से 8 अगस्त तक ब्रिक्स देशों की बड़ी बैठक होगी।
  • इसमें ब्रिक्स देशों के संस्कृति मंत्री और बड़े अधिकारी शामिल होने आ रहे हैं।
  • बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कला से जुड़े कॉपीराइट पर बात होगी।
  • चोरी हुईं पुरानी ऐतिहासिक मूर्तियों को स्वदेश वापस लाने पर चर्चा होगी।
  • पर्यावरण बचाने में हमारे पारंपरिक ज्ञान की भूमिका पर भी मंथन किया जाएगा।

भोपाल में ब्रिक्स देशों का महासंगम

BRICS Culture Summit Bhopal: भोपाल में आज 5 अगस्त से 8 अगस्त तक BRICS कल्चरल समिट होने जा रहा है। इसमें ब्राजील, इंडोनेशिया, यूएई (UAE) समेत आठ से ज्यादा देशों के संस्कृति मंत्री और अधिकारी शामिल हो रहे हैं। मुख्य आयोजन मिंटो हॉल में हो रहा है, जहां तीन प्रदर्शनियां भी लगी हैं। मेहमान सांची स्तूप, आदिवासी संग्रहालय जैसी जगहों पर भी जा सकते हैं। 6 अगस्त को रवींद्र भवन में आम लोगों के लिए मुफ्त कल्चरल फेस्टिवल भी होगा।



इस चार दिन के इवेंट को ब्रिक्स कल्चर वर्किंग ग्रुप और संस्कृति मंत्रियों की बैठक का नाम दिया गया है। इस इंटरनेशनल समिट का एजेंडा सिर्फ मीटिंग्स तक ही सीमित नहीं है। इसका एजेंडा ग्लोबल लेवल पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से क्रिएटर्स के कॉपीराइट को बचाना, विदेशी म्यूजियम्स से अपनी पुरानी मूर्तियां और हेरिटेज वापस लाना है ।



भारत की अगुवाई में आयोजन

भारत इस साल BRICS (ब्रिक्स शिखर सम्मेलन)का चेयरमैन है। इसी नाते भोपाल को यह बड़ा मौका मिला है। यह तीसरी Brics Summit कल्चर वर्किंग ग्रुप मीटिंग है। साथ ही संस्कृति मंत्रियों की बैठक भी हो रही है।



केंद्रीय संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल ने बताया कि पहले दिन रजिस्ट्रेशन और द्विपक्षीय बैठकें होंगी। इसके बाद प्रदर्शनियां देखने का मौका मिलेगा। औपचारिक सत्र इसके बाद शुरू होंगे।



समिट की थीम है "सर्वे भवन्तु सुखिनः"। इसका मतलब है सबका कल्याण और शांति। भारत की BRICS अध्यक्षता की थीम भी सहयोग और नवाचार पर टिकी है।





BRICS Culture Summit Bhopal


किन देशों के मेहमान आ रहे

ब्राजील, इथियोपिया, इंडोनेशिया, यूएई, दक्षिण अफ्रीका, क्यूबा, थाईलैंड और बेलारूस के प्रतिनिधि इसमें भाग ले रहे हैं। रूस और चीन के डेलीगेट्स भी शामिल होंगे। ब्राजील की टीम में संस्कृति मंत्रालय और विरासत संस्थान के अधिकारी हैं। इथियोपिया से खेल और संस्कृति मंत्री खुद आ रहे हैं।



मिंटो हॉल में क्या होगा खास

आयोजन का मुख्य केंद्र पं. कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर यानी मिंटो हॉल है। यहां तीन प्रदर्शनियां लगाई गई हैं, ज्ञान भारतम, प्रोजेक्ट मानसून और प्रोजेक्ट बृहत्तर भारत। इनमें भारत की पांडुलिपि विरासत और समुद्री इतिहास दिखाया गया है। ये प्रदर्शनियां आम लोगों के लिए मुफ्त हैं और 5 से 8 अगस्त तक खुली रहेंगी।



विदेशी मेहमानों को स्थानीय खाने का स्वाद चखने को मिलेगा। मेन्यू में दाल बाफले और निमोना जैसे खास व्यंजन शामिल हैं। हेल्दी मिलेट्स में कोदो और कुटकी के व्यंजन परोसे जाएंगे। पश्चिमी और ओरिएंटल खाने का भी पूरा ध्यान रखा गया है। स्थानीय स्वाद के जरिए संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है।



विदेशी मेहमान कहां-कहां जाएंगे

डेलीगेट्स इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय जाएंगे। वहां आदिवासी शिल्प और परंपराओं का प्रदर्शन देखेंगे। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होगा। मेहमान सांची स्तूप, भीमबेटका, राज्य संग्रहालय और आदिवासी संग्रहालय भी जा सकते हैं। सांची यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है।



BRICS Culture Summit Bhopal


रवींद्र भवन में सबके लिए फेस्टिवल

6 अगस्त की शाम 5 बजे से रवींद्र भवन में कल्चरल फेस्टिवल होगा। इसमें आम लोग भी शामिल हो सकते हैं, कोई टिकट नहीं लगेगा। मिस्र की आठ सदस्यीय लोक टीम प्रस्तुति देगी।



इंडोनेशिया के पांच कलाकार पारंपरिक गीत-नृत्य दिखाएंगे। रूस के छह सदस्यीय दल के साथ नेशनल अकादमिक फोक इंस्ट्रूमेंट ऑर्केस्ट्रा भी प्रस्तुति देगा। दक्षिण अफ्रीका की जमाली ग्रुप और ब्राजील की पांच सदस्यीय टीम मार्शल आर्ट्स और संगीत पेश करेगी।



6 से 8 अगस्त तक के कार्यक्रम

6 अगस्त को संस्कृति मंत्रियों के घोषणापत्र पर चर्चा होगी। सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा पर सुझाव तैयार किए जाएंगे। रवींद्र भवन में ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन होगा। यह सांस्कृतिक कार्यक्रम आम जनता के लिए पूरी तरह खुला रहेगा। 7 अगस्त को ब्रिक्स देशों के संस्कृति मंत्री भोपाल पहुंचेंगे।



विशेष प्रस्तुति अमृतस्य मध्य प्रदेश

7 अगस्त की शाम को एक खास डांस शो आयोजित होगा। इसे विख्यात कोरियोग्राफर मैत्रेयी पहाड़ी ने डायरेक्ट किया है। यहां 125 से अधिक कलाकार मंच पर अपनी कला दिखाएंगे। इसमें भीमबेटका, सांची और खजुराहो का वैभव नजर आएगा। यह प्रस्तुति अतिथियों को सिंहस्थ कुंभ 2028 का न्योता देगी।



8 अगस्त को मंत्रियों की मुख्य बैठक

8 अगस्त को भारत की अध्यक्षता में मुख्य बैठक आयोजित होगी। मंत्री आपसी सहयोग और कला के विकास पर बात करेंगे। बैठक के अंत में साझा घोषणापत्र जारी किया जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लंच की मेजबानी करेंगे। लंच के बाद सभी मेहमान ऐतिहासिक सांची के लिए निकलेंगे।



भोपाल शहर की सजावट

समिट से पहले भोपाल को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS – Global Investors Summit) की तर्ज पर सजाया गया है। वीआईपी रोड, भोज सेतु, एयरपोर्ट रोड, गांधी नगर और पॉलिटेक्निक चौराहे को रंगा गया है।



मिंटो हॉल जाने वाली सड़क भी सजाई गई है। भोज सेतु के दोनों तरफ मध्य प्रदेश की संस्कृति और परंपरा दिखाते भित्ति चित्र बनाए गए हैं। डिवाइडरों पर भी नए सिरे से रंग-रोगन हुआ है।



BRICS Culture Summit Bhopal


बैठक में किन मुद्दों पर होगी बात

कल्चर वर्किंग ग्रुप की बैठक 6 अगस्त को होगी। इसमें ड्राफ्ट डिक्लेरेशन पर चर्चा होगी। तीन मुख्य विषयों पर बात होगी, क्रिएटिव इकोनॉमी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI – Artificial Intelligence), सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा और वापसी और संस्कृति-जलवायु व स्थायी विकास। 8 अगस्त को BRICS कल्चर मिनिस्टर्स डिक्लेरेशन को अपनाया जाएगा। यह आगे की सांस्कृतिक साझेदारी की रूपरेखा तय करेगा।



यह आयोजन मध्य प्रदेश सरकार और केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय मिलकर करा रहे हैं। इससे भोपाल और राज्य को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने की उम्मीद है। स्थानीय कारीगरों और आदिवासी संस्कृति को भी वैश्विक मंच मिलेगा।



दो दिनों का खास दौरा और शेड्यूल

विदेशी मेहमानों का यह दौरा दो दिनों का रहने वाला है। प्रतिनिधिमंडल 8 अगस्त को सांची स्तूप की प्राचीन वास्तुकला को देखने पहुंचेगा। इसके बाद 9 अगस्त को दल भीमबेटका के ऐतिहासिक शैलाश्रयों का दौरा करेगा।



भीमबेटका में प्राचीन काल के अद्भुत शैलचित्र मौजूद हैं जो सबको आकर्षित करते हैं। विदेशी प्रतिनिधि भारत की इस समृद्ध विरासत को बहुत करीब से देख सकेंगे।



सुरक्षा और व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। स्थानीय प्रशासन सभी विभागों के साथ मिलकर काम को अंतिम रूप दे रहा है।



क्या है ब्रिक्स बैठक का मेन एजेंडा

इस बैठक में मेनली तीन बड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। यह मुद्दे आज के समय में पूरी दुनिया के लिए बहुत जरूरी हैं। चर्चा का पहला विषय एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्रिएटिव इकॉनमी है।



आजकल आर्ट और राइटिंग के क्षेत्र में एआई का दखल बहुत बढ़ा है। इससे कलाकारों के ओरिजिनल काम और कॉपीराइट को बड़ा नुकसान हो रहा है। इसके लिए नए सुरक्षा नियम और पॉलिसी बनाने पर बात होगी।



FAQ

  1. भोपाल में ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक कब आयोजित होगी?
    भोपाल में ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों और कल्चर वर्किंग ग्रुप की यह महत्वपूर्ण बैठक आगामी 5 से 8 अगस्त तक आयोजित की जाएगी। इसमें चार दिनों तक अलग-अलग सत्रों में मंथन होगा।
  2. भोपाल ब्रिक्स बैठक का मुख्य उद्देश्य और इसके मुख्य एजेंडे क्या हैं?
    इसका मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना है। बैठक में मुख्य रूप से एआई के प्रभाव, खोई हुई ऐतिहासिक कलाकृतियों की वापसी और पर्यावरण संरक्षण पर चर्चा होगी।
  3. भोपाल के कलेक्टर ने इस ब्रिक्स बैठक के लिए क्या निर्देश दिए हैं?
    कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने सभी विभागों को सुरक्षा, परिवहन, आवास और आतिथ्य की व्यवस्था उच्च स्तर पर करने के निर्देश दिए हैं ताकि विदेशी मेहमानों को यादगार अनुभव मिल सके।

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