साइबर ठगी के जाल में फंसे इंजीनियर और ज्योतिषाचार्य, एक मिनिट में 1.35 लाख साफ
समझें क्या है पूरा मामला...
- भोपाल में साइबर ठगों ने बिजली कंपनी का कर्मचारी बनकर दो लोगों को निशाना बनाया।
- ठगों ने एपीके फाइल भेजकर फोन हैक किए।
- बुजुर्ग ज्योतिषाचार्य के खाते से 90 हजार 521 रुपए उड़ाए गए।
- एक बुजुर्ग सिविल इंजीनियर से 45 हजार 56 की धोखाधड़ी की गई।
- दोनों पीड़ितों के खातों से कुल एक लाख 35 हजार रुपए निकाल लिए गए।
बुजुर्ग ज्योतिषाचार्य को यूं फंसाया
बागसेवनिया इलाके के सुरेंद्र गार्डन में रहने वाले 75 वर्षीय ज्योतिषाचार्य हेमचंद्र पांडेय को 30 जून को दो अलग नंबरों से कॉल आया थी। कॉलर ने खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताया था।
ठग ने उपभोक्ता नंबर अपडेट करने का बहाना बनाया था। इसके लिए ठग ने एक एपीके फाइल भेजी। फिर 12 रुपए ऑनलाइन जमा करने को कहा गया।
पांडेय ने फोनपे से भुगतान की बात कही। ठग ने उन्हें मोबाइल में 90,521 का कोड डालने को कहा। पांडेय को शक हुआ, लेकिन ठग ने भरोसा दिलाया कि पैसे नहीं कटेंगे।
कोड डालते ही उनके एसबीआई खाते से 90 हजार 521 रुपए निकल गए। यह रकम सीधे जालसाजों के खाते में चली गई।
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व्हाट्सएप भी हुआ हैक
ठगी के बाद पांडेय का व्हाट्सएप अकाउंट भी हैक हो गया था। उनके नंबर से जान-पहचान वालों को संदिग्ध मैसेज भेजे जाने लगे थे।
पुलिस अब साइबर सेल की मदद ले रही है। मोबाइल नंबर और ट्रांजेक्शन की बारीकी से जांच हो रही है।
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बुजुर्ग इंजीनियर से भी ठगी
शाहपुरा इलाके के त्रिलंगा में रहने वाले 61 वर्षीय सिविल इंजीनियर ओमप्रकाश निगम के साथ भी ऐसी ही घटना हुई। उन्हें मैसेज मिला कि बिजली बिल जमा न होने पर कनेक्शन काट दिया जाएगा।
संपर्क करने पर ठग ने बिल अपडेट के नाम पर 12 रुपए जमा करने को कहा। इसके बाद एक फाइल डाउनलोड करवाई गई।
फाइल डाउनलोड होते ही ठग ने डेबिट कार्ड की जानकारी हासिल कर ली। कुछ ही देर में निगम के खाते से 45 हजार 56 रुपए निकाल लिए गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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सतर्क रहने की जरूरत
इन घटनाओं से साफ है कि ठग अब सरकारी विभाग के नाम पर लोगों को फंसा रहे हैं। कोई भी अनजान फाइल डाउनलोड करने से पहले सतर्क रहना जरूरी है।
बिजली विभाग या किसी भी सरकारी संस्था के नाम पर आने वाले लिंक और फाइल पर भरोसा न करें। संदेह होने पर सीधे विभाग के आधिकारिक नंबर पर संपर्क करें।
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ऑनलाइन ठगी से ऐसे बचें
- किसी भी अंजान नंबर या व्हाट्सएप पर आए संदिग्ध लिंक या एपीके फाइल को क्लिक न करें।
- अपने फोन में कोई भी ऐसा एप डाउनलोड न करें जो आपके मोबाइल का कंट्रोल किसी और को दे दे।
- अगर आपका फोन आपकी अनुमति के बिना बार-बार रीस्टार्ट हो रहा है। बैकग्राउंड में अपडेट हो रहा है, तो बिना देर किए अपना इंटरनेट और वाई-फाई बंद कर दें।
- अपने क्रेडिट कार्ड, बैंक खाते की जानकारी, सीवीवी या ओटीपी किसी के साथ शेयर न करें।
- आपके साथ कोई धोखाधड़ी हो जाती है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
FAQ
- भोपाल में साइबर ठगों ने किस तरीके से ठगी की?
ठगों ने खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताया। उन्होंने एपीके फाइल भेजकर फोन हैक किए। इसके बाद पीड़ितों के खातों से पैसे निकाल लिए। - साइबर ठगी होने पर क्या करना चाहिए?
सबसे पहले बैंक के कस्टमर केयर को कॉल करके कार्ड ब्लॉक कराएं। इसके बाद साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। नजदीकी थाने में भी सूचना दें।