भोपाल मास्टर प्लान: 4 ड्राफ्ट तैयार, फिर भी अफसर तय नहीं कर पा रहे कौन सा लागू करें
समझें क्या है पूरा मामला...
- भोपाल मास्टर प्लान को लेकर टीएंडसीपी दफ्तर में बड़ा मंथन चल रहा है।
- पिछले पांच दिन से अफसर देर रात तक बैठकें कर रहे हैं।
- सवाल यह है कि चार तैयार प्लान में से कौन सा लागू किया जाए।
- जो प्लान अभी बोर्ड पर टंगा है, वह भी लागू नहीं होगा।
- नई गाइडलाइन के साथ अब पूरी तरह बदलाव तय माना जा रहा है।
चार प्लान, एक उलझन
भोपाल शहर के विकास की दिशा तय करने वाला मास्टर प्लान अभी तक फाइनल नहीं हो पाया है। टीएंडसीपी के पास इस समय भोपाल के लिए चार अलग-अलग मास्टर प्लान मौजूद हैं। हर प्लान अलग-अलग साल में अलग टीम ने तैयार किया था। अब तय करना है कि किसे आधार बनाकर आगे बढ़ें।
रोज हो रही बैठकें
संयुक्त संचालक कार्यालय में इंदौर और भोपाल के अफसर लगातार बैठकें कर रहे हैं। इनमें प्लानर्स की पूरी टीम शामिल है। बता दें कि ये बैठकें नए प्रावधान बनाने के लिए नहीं हो रहीं। बल्कि पहले से बने प्लान में से किसे लागू करना है उस पर चर्चा हो रही है।
मौजूदा प्लान भी बाहर
मौजूदा संयुक्त संचालक नीरज आनंद लिखार समेत अन्य अफसरों को नई गाइडलाइन दी गई है। इससे साफ है कि बड़ा बदलाव होने जा रहा है। दफ्तर आने वाले लोगों से यह भी कहा जा रहा है कि जो प्लान बोर्ड पर टंगा है, वह लागू नहीं होगा।
यह प्लान पूर्व संयुक्त संचालक सुनीता सिंह ने बनाया था। अब तक कहा जा रहा था कि इसी ड्राफ्ट को शासन की मंजूरी मिलने वाली है। लेकिन अब यह प्लान भी रुक गया है।
एसके मिश्रा के दो प्लान भी साइड में
सुनीता सिंह से पहले संयुक्त संचालक रहे एसके मिश्रा ने भी दो मास्टर प्लान तैयार किए थे। इन दोनों प्लान को भी अब साइड में रख दिया गया है। यानी बीते कुछ सालों में बने चार में से तीन प्लान फिलहाल ठंडे बस्ते में हैं।
2020 से अब तक का घटनाक्रम
2020 में सुनीता सिंह और उनकी टीम ने मास्टर प्लान बनाया था। इसका ड्राफ्ट भी जारी हुआ। लेकिन इस पर आगे काम नहीं बढ़ा और इसे रख लिया गया।
2022 में नए प्लान की जिम्मेदारी एसके मिश्रा को दी गई। इसे 2031 मास्टर प्लान के नाम से आगे बढ़ाया गया।
2024 में यह प्लान भी साइड में कर दिया गया। इस दौर में सुनीता सिंह फिर से प्रक्रिया में शामिल हुईं।
2026 में अब पूरी तरह अलग प्लान को लागू करने की बात कही जा रही है।
FAQ
- भोपाल का मास्टर प्लान अभी लागू क्यों नहीं हुआ है?
टीएंडसीपी के पास भोपाल के चार अलग-अलग मास्टर प्लान मौजूद हैं। अफसर अभी तय कर रहे हैं कि इनमें से कौन सा लागू किया जाए। इसी वजह से प्लान में देरी हो रही है। - भोपाल के मास्टर प्लान का इतिहास क्या रहा है?
2020 में पहला ड्राफ्ट बना, फिर 2022 में दूसरा प्लान तैयार हुआ। 2024 में यह भी बदला गया और अब 2026 में नया प्लान लाने की तैयारी है।
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