भोपाल नगर निगम में कर्मचारियों के खातों में बरस पड़ी डबल सैलरी

Ravi Awasthi | Jan 07, 2026, 22:48 IST
bhopal municipal corporation
भोपाल नगर निगम के कर्मचारियों के खातों में दो बार वेतन जमा हुआ है। कर्मचारियों में खुशी का माहौल था। बाद में पता चला कि इसमें बैंक की गलती थी।

BHOPAL. नगरीय निकायों के कर्मचारियों के लिए समय पर वेतन मिलना ही किसी त्योहार से कम नहीं होता। ऊपर से वही तनख्वाह 24 घंटे के भीतर दो बार आ जाए तो समझिए खुशी का ग्राफ आसमान छूना तय है। कुछ ऐसा ही अनोखा वाकया बुधवार को भोपाल नगर निगम में देखने को मिला। हजारों अधिकारी-कर्मचारियों के बैंक खातों में नए साल के पहले ही महीने में डबल वेतन जमा हो गया।



नए साल का बोनस समझ मनाई खुशी

मंगलवार शाम मोबाइल पर वेतन क्रेडिट होने का संदेश मिला। निगम अमले ने राहत की सांस ली। बुधवार सुबह फिर वही संदेश आया। पहले तो कई कर्मचारियों को लगा कि कहीं यह बैंक की ओर से भेजा गया रिपीट मैसेज तो नहीं। लेकिन खाते में बढ़ा हुआ बैलेंस देखकर सबकी आंखें चमक उठीं। किसी ने इसे नए साल का बोनस समझा, तो किसी ने मजाकिया अंदाज में कहा 2026 की शुरुआत तो धमाकेदार हो गई!



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गल्ती पकड़ में आते ही आया प्रशासनिक भूचाल

दोहरी सैलरी बंटने की खबर जैसे ही फैली, निगम मुख्यालय में बल्ले-बल्ले का माहौल पलभर में हड़कंप में बदल गया। देर शाम आयुक्त संस्कृति जैन ने स्थापना और वित्त शाखा के जिम्मेदार अफसरों को तलब किया। पूछताछ में पता चला कि तकनीकी चूक के कारण वेतन भुगतान की फाइल दो बार प्रोसेस हो गई। इससे पूरी रकम सीधे कर्मचारियों के खातों में चली गई।



अब शुरू हुआ वापसी अभियान

अधिकारियों ने आनन-फानन तय किया कि अतिरिक्त राशि वापस मंगाई जाए। समस्या यह आई कि बल्क मैसेज भेजने की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। नतीजा विभाग प्रमुखों को अपने-अपने व्हाट्सएप ग्रुप पर संदेश प्रसारित करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद कर्मचारियों को अलग-अलग नंबरों से वेतन लौटाने के मैसेज मिलने लगे।



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किसी ने लौटाया, किसी ने खर्च कर डाला

आधी-अधूरी सूचना के कारण रकम वापसी का यह अभियान भी उलझ गया। कुछ जागरूक कर्मचारियों ने शाम तक अतिरिक्त वेतन निगम के खाते में जमा करा दिया। लेकिन कई ऐसे रहे जिन्होंने वेतन निकालकर उसे घरेलू जरूरतों में खर्च कर दिया। कई मैसेज से पूरी तरह अंजान रहे। अब वित्त शाखा के लिए यह पता लगाना किसी चुनौती से कम नहीं कि आखिर कितनी रकम वापस आई और कितनी अभी भी गायब खुशी बनकर खातों में पड़ी है।



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तंगहाली वाले निगम में चर्चा का विषय बनी उदारता

कर्मचारियों के खाते में पहुंची डबल सैलरी: वैसे तो भोपाल नगर निगम राजस्व वसूली में फिसड्डी और फिजूलखर्ची के लिए बदनाम रहा है। विकास कार्यों और ठेकेदारों के भुगतान अक्सर पैसों की कमी से अटके रहते हैं। ऐसे में नए साल में डबल वेतन बांटना पूरे शहर में कौतूहल का कारण बन गया। अपनी खामी पर पर्दा डालने निगम अधिकारी अब इसके लिए बैंक की प्रोसेसिंग प्रणाली को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।



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बैंक की गलती से बंटा दोहरा वेतन,वापस मिला

इस संबंध में निगम आयुक्त आईएएस संस्कृति जैन ने कहा कि बैंक की गलती से 1055 कर्मचारियों को वेतन का डबल भुगतान हो गया था। उन्होंने कहा कि हमने संबंधित कर्मचारियों की सूची एक ही बार बैंक को भेजी है। वहीं अपर आयुक्त वित्त गुणवंत सेवतकर ने कहा कि यह रकम करीब दो-तीन करोड़ है। बैंक को इस बारे में सूचित किए जाने पर समूची राशि वापस निगम के खाते में भी आ गई। अब कोई इश्यू नहीं है। फिलहाल कर्मचारियों की झूमती मुस्कान जरूर फीकी पड़ गई है। लेकिन यह किस्सा नगर निगम अधिकारी,कर्मचारियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।



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