भोपाल नगर निगम की असिस्टेंट इंजीनियर भर्ती परीक्षा पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

Neel Tiwari | Jan 23, 2026, 13:10 IST
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मध्‍य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोपाल नगर निगम में असिस्टेंट इंजीनियर पदों की भर्ती प्रक्रिया से ठीक पहले भर्ती पर अंतरिम रोक लगा दी है। अब अगली सुनवाई 20 फरवरी को होगी।

NEWS IN SHORT

  • भोपाल नगर निगम की AE भर्ती परीक्षा पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है।
  • अंकित पटेल और तीन अन्य अभ्यर्थियों की याचिका पर सुनवाई की गई।
  • नगर निगम आयुक्त ने ESB को परीक्षा न कराने के लिए पत्र भेजा था।
  • परीक्षा आज, 23 जनवरी को होने वाली थी।
  • जस्टिस विशाल धगत की सिंगल बेंच ने यह अंतरिम आदेश दिया।

NEWS IN DETAIL

भोपाल नगर निगम में असिस्टेंट इंजीनियर (AE) पदों की भर्ती को लेकर चल रही प्रक्रिया पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने यह आदेश परीक्षा से ठीक पहले जारी किया, जिससे 23 जनवरी को होने वाली भर्ती प्रक्रिया फिलहाल ठहर गई है। मामले में अगली सुनवाई 20 फरवरी को निर्धारित की गई है।





क्या है पूरा मामला?

अंकित पटेल और चार अन्य अभ्यर्थियों ने संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने भोपाल नगर निगम में असिस्टेंट इंजीनियर पदों की भर्ती परीक्षा को चुनौती दी।



याचिका में कहा गया कि भर्ती प्रक्रिया नियमों के खिलाफ है, इसलिए इस पर हस्तक्षेप किया जाए। इस मामले में नगर निगम ने परीक्षा रोकने के लिए कहा था, लेकिन फिर भी परीक्षा आयोजित की जा रही थी।





नगर निगम आयुक्त ने भेज परीक्षा रुकवाने मांग पत्र

याचिकाकर्ताओं की तरफ से वरिष्ठ वकील एलसी पटने और वकील आकाश ने कोर्ट को बताया कि नगर निगम आयुक्त ने कर्मचारी चयन बोर्ड (mpesb recruitment) को साफ-साफ मांग पत्र भेजा था। इसमें परीक्षा न कराने की बात कही गई थी। इसके बावजूद, भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा था।



परीक्षा से पहले कोर्ट का हस्तक्षेप

अधिवक्ताओं ने दलील दी कि यह परीक्षा 23 जनवरी को आयोजित की जानी थी और यदि परीक्षा पूरी हो जाती, तो इसमें थर्ड पार्टी इंटरेस्ट पैदा हो जाता। इससे भविष्य में लंबी और जटिल कानूनी लड़ाई की स्थिति बन सकती थी, जिसे रोकना आवश्यक था।



हाईकोर्ट का अंतरिम आदेश

मामले की गंभीरता को देखते हुए जस्टिस विशाल धगत की एकल पीठ ने आदेश पारित करते हुए भोपाल नगर निगम में असिस्टेंट इंजीनियर पदों के लिए प्रस्तावित परीक्षा पर आगामी सुनवाई तक रोक (MP News) लगा दी।



भर्ती नियम विरुद्ध!

30 अक्टूबर को हुई महापौर परिषद की बैठक में यह मामला सामने आया। बताया गया कि इन पदों की भर्ती के लिए निगम की कोई औपचारिक सहमति या संकल्प नहीं लिया गया था। परिषद ने इसे पूरी तरह नियम विरुद्ध प्रक्रिया करार दिया है।



सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे प्रकरण की जानकारी सेवानिवृत्त अपर आयुक्त एम.के. सिंह द्वारा पीईबी को भेजी गई थी। परिषद ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बिना अनुमोदन के भर्ती प्रक्रिया शुरू कराना अनुचित है। अब उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।



बीजेपी पार्षद ने उठाया था मामला

बीजेपी पार्षद देवेंद्र भार्गव ने भी इस मामले में आपत्ति उठाई थी। उनका कहना था कि पीईबी को सहायक यंत्री की भर्ती करने का कोई अधिकार नहीं है और नगर निगम के संकल्प के बिना किसी भी प्रकार की नियुक्ति कानूनी रूप से अमान्य है।



जानकारी के अनुसार, ये पद कोरोना काल में उस समय प्रस्तावित किए गए थे जब परिषद में संभागायुक्त प्रशासक के रूप में कार्यरत थे। बाद में वर्ष 2023 में तत्कालीन अपर आयुक्त एम.पी. सिंह ने यह सूची पीईबी को भेज दी, जबकि वर्ष 2022 से यह प्रस्ताव एमआईसी के पास लंबित था।



अब आगे क्या?

हाईकोर्ट ने प्रतिवादी पक्ष- नगर प्रशासन एवं आवास विभाग सहित अन्य को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 20 फरवरी को होगी, जिस पर भर्ती प्रक्रिया का भविष्य निर्भर करेगा।



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