एक घर में दो LPG कनेक्शन अब गैर‑कानूनी, PNG लेना जरूरी, जानें नए नियम
ऐसे समझें क्या है पूरा मामला...
- एक घर में दो गैस कनेक्शन रखना अब गैर‑कानूनी।
- पीएनजी आने पर बंद होगी एलपीजी सिलिंडर बुकिंग।
- 90 दिन में पीएनजी कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा।
- 172 कालोनियों तक पहुंचा पीएनजी गैस नेटवर्क।
- भोपाल में रोजाना 15 हजार सिलेंडर की आपूर्ति।
मध्य प्रदेश में बीते तीन‑चार महीनों से घरेलू गैस की किल्लत है। राजधानी भोपाल में एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग मुश्किल हो गई है। इस संकट से निपटने के लिए सरकार अब पीएनजी को बढ़ावा दे रही है।
नई गाइडलाइन के तहत एक घर में दो LPG कनेक्शन रखना गैर‑कानूनी होगा। पीएनजी आने पर एलपीजी गैस सिलेंडर की बुकिंग बंद कर दी जाएगी। भोपाल पीएनजी कनेक्शन के लिए 90 दिन की समय सीमा तय की गई है।
क्या है पूरा मामला
भोपाल में थिंक गैस कंपनी ने पीएनजी नेटवर्क बिछाया है। मिसरोद से होशंगाबाद रोड तक काम लगभग पूरा है। बावड़ियाकलां, सलैया और अयोध्या बायपास में कनेक्शन दिए गए हैं।
अवधपुरी और साकेत नगर के अधिकांश घरों तक लाइन पहुंची है। चार इमली और 74 बंगला जैसे वीआईपी इलाकों में काम तेज है। इन क्षेत्रों में लोग तेजी से नए कनेक्शन ले रहे हैं।
पीएनजी नेटवर्क का विस्तार
अधिकारियों के अनुसार शहर की 172 कालोनियों में लाइन बिछ चुकी है। अब तक करीब 43 हजार पीएनजी कनेक्शन दिए जा चुके हैं। कई इलाकों से लोग नए कनेक्शन के लिए आवेदन कर रहे हैं।
सरकार पाइपलाइन विस्तार को लगातार प्राथमिकता दे रही है। इससे आने वाले समय में गैस की किल्लत कम होगी। पीएनजी गैस नेटवर्क का दायरा अब हर महीने बढ़ रहा है।
90 दिन में कनेक्शन जरूरी
नई गाइडलाइन के मुताबिक पाइपलाइन बिछने पर कनेक्शन लेना अनिवार्य है। ऐसे क्षेत्रों में 90 दिन के भीतर पीएनजी लेना होगा। तय समय पर कनेक्शन न लेने पर एलपीजी बंद हो सकता है।
यह नियम भोपाल पीएनजी कनेक्शन प्रक्रिया को और तेज करेगा। उपभोक्ताओं को इसके लिए पहले से तैयारी रखनी चाहिए। समय रहते कनेक्शन लेने से बाद की परेशानी टल जाएगी।
गैस संकट की असली वजह
लेख के अनुसार अमेरिका‑ईरान तनाव के बाद ईंधन संकट गहराया है। इससे प्रदेश में गैस आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। भोपाल में रोजाना 12 से 14 हजार सिलिंडर की मांग है।
इसके मुकाबले सिर्फ नौ से दस हजार सिलिंडर मिल रहे हैं। इसी कमी के कारण पीएनजी विस्तार को प्राथमिकता मिली है। सरकार इसे स्थायी समाधान के रूप में देख रही है।
विस्तार के नए नियम
सोसायटी को पाइपलाइन की मंजूरी तीन दिन में देनी होगी। छोटे नेटवर्क को दस दिन के भीतर स्वीकृति देनी है। बड़े प्रोजेक्ट के लिए साठ दिन की समय सीमा तय है।
जवाब न मिलने पर डीम्ड क्लियरेंस अपने आप लागू होगी। निजी जमीन पर पाइपलाइन के लिए तय मुआवजा मिलेगा। इन नियमों से काम में देरी की गुंजाइश कम होगी।
एलपीजी बुकिंग पर असर
पीएनजी कनेक्शन होने पर नया एलपीजी कनेक्शन नहीं मिलेगा। पुराने सिलेंडर की रीफिलिंग भी धीरे‑धीरे बंद होगी। एक घर में दोनों कनेक्शन रखना अब गैर‑कानूनी होगा।
दोनों सुविधा वाले उपभोक्ताओं को एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा। एलपीजी सिलेंडर बुकिंग अब पीएनजी उपभोक्ता नहीं करा सकेंगे। इस बदलाव से सिलेंडर पर निर्भरता धीरे‑धीरे घटेगी।
आपूर्ति की मौजूदा स्थिति
प्रदेश के अलग‑अलग जिलों में सिलिंडर आपूर्ति अलग है। भोपाल में रोजाना करीब 15 हजार सिलेंडर पहुंचते हैं। इंदौर और जबलपुर में यह संख्या 25 हजार है।
सागर जिले में हर दिन आठ हजार सिलेंडर मिलते हैं। अन्य जिलों में करीब दो हजार सिलेंडर की आपूर्ति है। इन आंकड़ों से मांग और आपूर्ति का अंतर साफ दिखता है।
क्या कहते हैं अधिकारी
जिला आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन के अनुसार काम तेजी से चल रहा है। जहां पाइपलाइन पहुंची है वहां कनेक्शन दिए जा रहे हैं। पहले चरण में चार बड़ी कालोनियों को चुना गया है।
केराल केनसिप और सौम्या पार्कलैंड इसमें शामिल हैं। सागर लेक व्यू होम्स और आकृति ग्रीन भी सूची में हैं। सौ प्रतिशत कनेक्शन के बाद अगली सूची तैयार होगी।
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