रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल हत्याकांड की जांच अब SIT करेगी, CM मोहन यादव के निर्देश पर 5 सदस्यीय टीम गठित

Sumit Kumar | Oct 21, 2026, 23:24 IST
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल हत्याकांड की जांच के लिए SIT गठित करने के निर्देश दिए।
भोपाल के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल हत्याकांड की जांच अब SIT करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर पांच सदस्यीय टीम बनाई गई है। टीम को हत्या की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी का जिम्मा मिला है। हत्या के 21 दिन बाद भी संदिग्ध केयरटेकर वरुण कुमार लापता है। मामले में IAS ऑफिसर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की है।
five-member SIT formed investigate retired IAS officer Rakesh Agrawal murder case Bhopal Chief Minister Mohan Yadav directions.

IAS एसोसिएशन के पदाधिकारी CM से मिले

मध्यप्रदेश IAS ऑफिसर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने 21 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। इस दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष और अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव मौजूद रहे। उनके साथ IAS अधिकारी वीएस चौधरी कोलसानी सहित अन्य पदाधिकारी भी पहुंचे थे। मुलाकात में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल हत्याकांड से जुड़ा मामला उठाया गया।



मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात करते आईएएस एसोसिएशन के पदाधिकारी।

मुख्यमंत्री ने एक्स पर दी जानकारी

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाएगी।



ACP उमेश तिवारी संभालेंगे SIT की कमान

भोपाल पुलिस आयुक्त ने 21 अक्टूबर 2026 को विशेष जांच दल के गठन का आदेश जारी किया। टीम की कमान पुलिस मुख्यालय में पदस्थ एसीपी उमेश तिवारी को सौंपी गई है।



इसमें अपराध शाखा और रातीबड़ थाने के पुलिस अधिकारी भी शामिल किए गए हैं। तकनीकी जांच में मदद के लिए अपराध शाखा के एक आरक्षक को भी रखा गया है। टीम में इन पांच अधिकारियों और कर्मचारियों को शामिल किया गया है।



अधिकारी का नामपद और विभाग

  • उमेश तिवारीACP, पुलिस मुख्यालय भोपाल
  • पारस सोनीSI, अपराध शाखा भोपाल
  • ओपी रघुवंशीSI, रातीबड़ थाना भोपाल
  • चंद्रमान सिंह चढ़ारASI, अपराध शाखा भोपाल
  • निलेश वर्माआरक्षक, तकनीकी सेल अपराध शाखा

उमेश तिवारी टीम के अध्यक्ष होंगे। बाकी चार अधिकारी और कर्मचारी सदस्य के रूप में काम करेंगे।



पुलिस आयुक्त के आदेश के मुताबिक टीम हर सप्ताह अपनी जांच की प्रगति बताएगी। इसकी जानकारी संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को देनी होगी।



30 सितंबर की रात हुई थी हत्या

राकेश अग्रवाल भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र स्थित सूरज नगर में रहते थे। उनका बंगला पनघट कॉलोनी के पीछे स्थित है। 30 सितंबर 2026 की रात उनकी घर में ही हत्या कर दी गई थी। शुरुआती जांच में वारदात का समय रात करीब 2 से 3 बजे के बीच बताया गया।



अगली सुबह उनकी पत्नी की नींद खुली तो कमरे का दरवाजा बाहर से बंद मिला। उन्होंने घर में मौजूद दूसरे केयरटेकर अमर थापा को बुलाया। दरवाजा खोलने के बाद राकेश अग्रवाल अपने कमरे में मृत मिले। उनका गला किसी धारदार हथियार से रेता गया था।



घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद शव और घटनास्थल से जुड़े जरूरी साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू हुई।



हत्या से कुछ दिन पहले रखा था केयरटेकर

पुलिस की शुरुआती जांच में केयरटेकर वरुण कुमार पर संदेह हुआ था। उसे हत्या से कुछ दिन पहले ही काम पर रखा गया था। वरुण एक एजेंसी के जरिए राकेश अग्रवाल की देखभाल करने आया था। उसे 24 घंटे देखभाल करने वाले कर्मचारी के रूप में नियुक्त किया गया था।



वारदात के बाद वरुण घर से लापता मिला। उसका कुछ सामान भी गायब होने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। हालांकि अब तक उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।



CCTV कैमरों से सुराग तलाश रही पुलिस

जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल के आसपास लगे कैमरों की मदद लेनी पड़ी। इसकी वजह राकेश अग्रवाल के घर में सीसीटीवी कैमरे नहीं होना था। पुलिस ने आसपास की सड़कों और दूसरे स्थानों पर लगे कैमरों के फुटेज खंगाले। इनकी मदद से संदिग्ध के आने-जाने का रास्ता पता लगाने की कोशिश की गई।



लूट या साजिश, हत्या की वजह क्या थी?

शुरुआती जांच में पुलिस को लूट के लिए हत्या किए जाने की आशंका हुई थी। हालांकि अब तक हत्या की असली वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। इस मामले में कई सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं। हत्या में एक व्यक्ति शामिल था या उसके साथ कोई और भी था? क्या वारदात का मकसद लूट करना था? क्या हत्या के पीछे कोई दूसरी वजह थी?



इन सभी पहलुओं की जांच अब विशेष जांच दल करेगा। हालांकि किसी साजिश या कॉन्ट्रैक्ट किलिंग की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।



अब SIT के सामने क्या चुनौती होगी?

राकेश अग्रवाल की हत्या के बाद पुलिस लगातार मामले की जांच कर रही थी। अब विशेष जांच दल को इसकी आगे की जिम्मेदारी सौंपी गई है। टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता केयरटेकर का पता लगाना होगा। इसके साथ ही वारदात से जुड़े साक्ष्यों की जांच भी महत्वपूर्ण होगी।



पुलिस को यह भी पता लगाना होगा कि हत्या में वास्तव में कौन शामिल था। हत्या की वजह और आरोपियों की भूमिका का खुलासा भी करना होगा।



फिलहाल मुख्यमंत्री ने निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। अब देखना होगा कि SIT इस हत्याकांड का खुलासा कब तक कर पाती है।

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