GIS-2027 के बाद बदलेगा भोपाल का नक्शा, बनेगा प्रदेश का सबसे बड़ा कन्वेंशन सेंटर व होटल

Amresh Kushwaha | Jun 28, 2026, 14:06 IST
मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा कन्वेंशन और एग्जीबिशन सेंटर
भोपाल के सतगढ़ी इंडस्ट्रियल एरिया में मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा कन्वेंशन और एग्जीबिशन सेंटर बनेगा। सतगढ़ी के 25 एकड़ में बनने वाले इस प्रोजेक्ट की शुरुआत GIS-2027 के बाद होगी। केंद्र सरकार 50 करोड़ रुपए देगी और ITPO निर्माण करेगा।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • भोपाल के सतगढ़ी में MP का सबसे बड़ा कन्वेंशन सेंटर बनेगा।
  • ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट (Global Investors Summit) 2027 के बाद काम शुरू होगा।
  • केंद्र सरकार इस प्रोजेक्ट के लिए 50 करोड़ रुपए देगी।
  • ITPO (Indian Trade Promotion Organisation) इस सेंटर का निर्माण करेगा।
  • इसमें छह से आठ हजार लोगों के बैठने की क्षमता होगी।

GIS-2027 के बाद रखी जाएगी नींव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार, 27 जून को घोषणा की कि जीआईएस-2027 भोपाल में ही आयोजित होगी। समिट के बाद इस कन्वेंशन सेंटर की आधारशिला रखी जा सकती है। जनवरी 2027 के पहले सप्ताह में यह समिट होने की उम्मीद है।



मुख्यमंत्री 06 जुलाई को सतगढ़ी का दौरा करेंगे। वे वहां औद्योगिक क्षेत्र का भूमि पूजन भी करेंगे। एमपीआईडीसी (Madhya Pradesh Industrial Development Corporation) ने समिट का शुरुआती खाका तैयार कर लिया है। सरकार जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समिट का निमंत्रण भेजेगी।



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ITPO करेगा निर्माण, दिल्ली का भारत मंडपम भी इसी ने बनाया

मध्यप्रदेश सरकार ने भारतीय व्यापार संवर्धन संगठन यानी आईटीपीओ के साथ एग्रीमेंट कर लिया है। दिल्ली में बने भारत मंडपम का निर्माण भी आईटीपीओ ने ही किया था। यानी इस प्रोजेक्ट के पीछे एक भरोसेमंद और अनुभवी संस्था है।



केंद्र सरकार इस परियोजना के लिए 50 करोड़ रुपए देगी। बाकी का खर्च राज्य सरकार उठाएगी। उद्योग विभाग के पास सतगढ़ी में 172 एकड़ जमीन है। इस जमीन की बिक्री से मिलने वाली राशि भी इस प्रोजेक्ट में लगाई जाएगी।



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हैदराबाद जैसा होगा डिजाइन

इस कन्वेंशन सेंटर को हैदराबाद के इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। यहां आधुनिक एग्जीबिशन सेंटर, बड़े होटल और दूसरी सुविधाएं भी होंगी। कुल मिलाकर यह एक मल्टी-फंक्शनल कॉम्प्लेक्स होगा।



छह से आठ हजार लोगों की क्षमता इसे खास बनाती है। अभी मिंटो हॉल के पीछे 100 करोड़ रुपए की लागत से एक कन्वेंशन सेंटर बन रहा है। उसकी क्षमता सिर्फ दो हजार लोगों की है। सतगढ़ी का प्रोजेक्ट उससे तीन से चार गुना बड़ा होगा।



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GIS-2027 में क्या होगा खास?

इस समिट में उद्योग जगत के बड़े नेता, नीति निर्माता और वैश्विक कारोबारी एक साथ आएंगे। निवेश, विनिर्माण, निर्यात और औद्योगिक विकास पर चर्चा होगी। स्टार्टअप, स्किल और डिजिटल तकनीक पर भी अलग-अलग सत्र होंगे।



केंद्र सरकार ने 14 से 15 देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (Free Trade Agreement) किया है। इस समिट में यह बताया जाएगा कि इन समझौतों का फायदा कैसे उठाया जाए।



B2B और B2G मॉडल पर होगा फोकस

जीआईएस-2027 को बिजनेस टू बिजनेस (B2B) और बिजनेस टू गवर्नमेंट (B2G) मॉडल पर केंद्रित रखा जाएगा। वैश्विक निवेशक, उद्योगपति, स्टार्टअप और भागीदार देश आमने-सामने बात करेंगे। सेमीकंडक्टर, ड्रोन, आईटी, एवीजीसी (Audio Visual and Gaming Content), इलेक्ट्रॉनिक्स और स्वच्छ विनिर्माण पर विशेष सत्र होंगे।



समिट से पहले नई निवेश-अनुकूल नीतियां भी घोषित की जाएंगी। यदि आयोजन सतगढ़ी में हुआ तो निवेशकों को कोलार डैम और रातापानी टाइगर सेंक्चुरी भी दिखाई जाएगी। यह सतगढ़ी की एक अतिरिक्त खूबसूरती होगी।



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