भोपाल सीलिंग विवाद: मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बोले- जल्द निकलेगा हल
ऐसे समझें पूरा मामला...
- भोपाल सीलिंग मामले में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने समाधान की बात कही।
- सुप्रीम कोर्ट में 15 सितंबर को मामले की सुनवाई होगी।
- मास्टर प्लान जल्द लागू करने की तैयारी में सरकार है।
- तीन दिनों में 190 संस्थानों पर नगर निगम कार्रवाई कर चुका है।
- व्यापारियों का विरोध सीलिंग कार्रवाई के खिलाफ लगातार बढ़ रहा है।
भोपाल में सीलिंग विवाद लगातार गहराता जा रहा है। कारोबारी सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सीलिंग और भोपाल के मास्टर प्लान पर बड़ा बयान दिया है।
भोपाल में सीलिंग की कार्रवाई के बीच कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि सीलिंग पर बीच का रास्ता निकाला जाएगा। दरअसल विजयवर्गीय से पत्रकारों ने सीलिंग कार्रवाई को लेकर सवाल किया था। सुप्रीम कोर्ट में 15 सितंबर को इस मामले की सुनवाई होनी है।
मंत्री ने क्या कहा?
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मध्यप्रदेश में सीलिंग का कोई विषय नहीं है। सिर्फ भोपाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है। इसलिए यहां थोड़ा विरोध है। हमारा पूरा विभाग दिल्ली में है। सीनियर वकीलों से चर्चा होगी और बीच का रास्ता निकाला जाएगा, ताकि भोपाल वासियों को कोई परेशान न हो।
भोपाल के मास्टर प्लान पर क्या कहा?
कैलाश विजयवर्गीय ने भोपाल के मास्टर प्लान पर भी बात की। मंत्री ने कहा कि भोपाल का मास्टर प्लान जल्द लागू करने की कोशिश है। लेकिन मंत्री के इस आश्वासन के बाद भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारों का कहना है कि मास्टर प्लान जल्दी लागू हो भी जाएगा तो उससे पुराने विवाद कैसे खत्म होंगे ?
सीलिंग कार्रवाई के बीच मास्टर प्लान को लेकर सरकार के स्तर पर होने वाली चर्चा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लेकिन अब इसे लेकर कुछ सवाल भी खड़े होने लगे हैं।
याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी ने 'द सूत्र' से बातचीत में कहा कि सरकार भले मास्टर प्लान जल्द लागू करने की बात कर रही है। लेकिन क्या ये सब कुछ जल्दबाजी में किया जा रहा है?
कमजोर मास्टर प्लान लागू करेंगे तो शायद जल्द सब लागू हो भी जाए। लेकिन अगर सबकुछ सोच समझकर किया जाएगा तो भोपाल के मास्टर प्लान को लागू करने में वक्त लगेगा। त्रिपाठी का आरोप है कि कुछ चुनिंदा लोगों को बचाने के लिए ये सब किया जा रहा है।
अब तक कितनों पर कार्रवाई?
दावा किया जा रहा है कि आवासीय परिसरों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई बुधवार को ही धीमी पड़ गई थी। पहले दिन जहां 109 और दूसरे दिन 61 संस्थानों पर कार्रवाई हुई, तो बीते बुधवार सिर्फ 20 संस्थान बंद कराए गए।
इस तरह तीन दिनों में कुल 190 संस्थानों में कार्रवाई हुई है। कार्रवाई की रफ्तार घटने के बीच शहर के अलग-अलग हिस्सों में व्यापारियों का विरोध भी तेज हो रहा है।
नगर निगम ने आखिरी नोटिस 19 अगस्त को जारी किया था। इसके बाद 13 दिन से कोई नया नोटिस जारी नहीं हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक अब कार्रवाई नए संस्थानों को नोटिस देने के बजाय पहले से जिन्हें नोटिस दिया गया है, उन्हें बंद करने पर काम चल रहा है। इसके लिए शहर के छह विधानसभा क्षेत्रों में 56 अधिकारी-कर्मचारियों की टीमें तैनात की गई हैं।
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