भोपाल में बालकनी से कचरा फेंका तो लगेगा जुर्माना, नगर निगम भेजेगा नोटिस

Manya Jain | Jul 25, 2026, 17:59 IST
Share
bhopal-balcony-garbage-ngt-fine-order
bhopal-balcony-garbage-ngt-fine-order

भोपाल में एनजीटी ने बालकनी या खिड़की से कचरा फेंकने को दंडनीय अपराध बताया है। नगर निगम अब ऐसे लोगों को नोटिस देकर जुर्माना वसूल सकता है। रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को भी जिम्मेदार बनाया गया है।

भोपाल में बालकनी या खिड़की से कचरा फेंकना अब अपराध माना जाएगा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (ngt) की सेंट्रल जोन बेंच ने यह सख्त आदेश दिया है।

ऐसा करने वालों को नगर निगम नोटिस भेजकर जुर्माना वसूल सकता है। रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को भी निवासियों को जागरूक करने की जिम्मेदारी दी गई है। मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर को होगी।

राजधानी भोपाल की बहुमंजिला इमारतों में एक पुरानी समस्या सामने आई है। कई लोग बालकनी या खिड़की से सीधे नीचे कचरा फेंक देते हैं। इससे सफाई कर्मचारियों को रोज परेशानी झेलनी पड़ती है। अब इस लापरवाही पर कानूनी शिकंजा कसने जा रहा है।

यह पूरा मामला एक जनहित याचिका से जुड़ा है। याचिका में भोपाल की कचरा संग्रहण, जलभराव और सीवेज व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए गए थे। इस याचिका पर एनजीटी की सेंट्रल जोन बेंच में सुनवाई हुई। बेंच में जस्टिस एसके सिंह और विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी शामिल थे।

कोर्ट ने क्या आदेश दिया

बेंच ने साफ कहा कि बालकनी से कचरा फेंकना अब आपराधिक और दंडनीय कृत्य माना जाएगा। ऐसा करने वालों के खिलाफ नगर निगम नोटिस जारी करेगा। नियमानुसार उनसे जुर्माना भी वसूला जा सकेगा। यह आदेश शहर की सभी बहुमंजिला इमारतों पर लागू होगा।

सुनवाई के दौरान नगर निगम के अधिवक्ता ओम शंकर श्रीवास्तव मौजूद रहे। कार्यपालन यंत्री आरके त्रिवेदी ने भी अपनी बात रखी। दोनों ने बताया कि ऊपरी मंजिलों से कचरा फेंकने से सफाई कर्मचारियों को भारी परेशानी होती है। इस वजह से सफाई का काम कई बार अटक जाता है।

RWA की भी तय हुई जिम्मेदारी

ट्रिब्यूनल ने इस मामले में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA – Resident Welfare Association) को भी जिम्मेदार ठहराया है। याचिकाकर्ता को इन एसोसिएशन के 4 से 5 सदस्यों के साथ एक समिति बनाने को कहा गया है। यह समिति रोजाना लोगों को जागरूक करने का काम करेगी।

अगर किसी सोसाइटी के निवासी नियमों का पालन नहीं करते, तो जिम्मेदारी सीधे रहवासी समिति की होगी। ऐसी स्थिति में समिति को ही कचरा तय जगह तक पहुंचाना सुनिश्चित करना होगा। इससे हर सोसाइटी में जवाबदेही तय हो सकेगी।

अगली सुनवाई और आगे की कार्रवाई

यह जनहित याचिका संदीप पटेल ने दायर की है। एनजीटी ने नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PCB – Pollution Control Board) से तीन सप्ताह में कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। दोनों विभागों को अब तय समय में जवाब देना होगा। मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर को तय की गई है।

इस आदेश के बाद भोपाल में लोगों के लिए सतर्क रहना जरूरी हो गया है। बालकनी या खिड़की से कचरा फेंकने की आदत अब महंगी पड़ सकती है। साथ ही सोसाइटी की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को भी अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभानी होगी। इससे शहर की सफाई व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है।

लोकल कनेक्शन

यह खबर सीधे तौर पर मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से जुड़ी है। एनजीटी का यह आदेश भोपाल की बहुमंजिला इमारतों और नगर निगम पर सीधा असर डालेगा। शहर के निवासियों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को अब नए नियमों का पालन करना होगा।

FAQ

  1. बालकनी से कचरा फेंकने पर क्या कार्रवाई होगी?
    नगर निगम ऐसे लोगों को नोटिस जारी करेगा और नियमानुसार जुर्माना वसूल सकता है। एनजीटी ने इसे आपराधिक और दंडनीय कृत्य बताया है।
  2. इस मामले में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन की क्या भूमिका होगी?
    RWA को 4-5 सदस्यों की समिति बनानी होगी, जो रोज लोगों को जागरूक करेगी। अगर निवासी नियम नहीं मानते, तो कचरा तय जगह पहुंचाने की जिम्मेदारी समिति की होगी।
  3. इस मामले की अगली सुनवाई कब होगी?
    मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर को होगी। इससे पहले नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को तीन सप्ताह में कार्रवाई रिपोर्ट देनी है।
ये भी पढ़ें...

28 से शुरू होगा निशातपुरा रेलवे स्टेशन, इन ट्रेनों का रहेगा स्टॉपेज

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, किताबों में हो हिंदू देवी-देवताओं की जानकारी

नीट पेपर लीक, CJP प्रोटेस्ट से लेकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक, क्या-क्या हुआ

Jana Nayagan Review: सीएम थलपति विजय की आखिरी फिल्म ने पर्दे पर मचाया धमाल

Tags:
  • मध्यप्रदेश
  • भोपाल
  • नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल
  • ngt
  • PCB
  • जनहित याचिका
  • कचरा
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा