आपका भी SIR में नाम कटा था? जुड़वाने का मिल रहा है आखिरी मौका; भोपाल में आज और कल लगेंगे विशेष शिविर

Amresh Kushwaha | Oct 08, 2026, 13:26 IST
भोपाल में 3.88 लाख मतदाताओं के सत्यापन का महाअभियान शुरू।
एसआईआर में कटे तीन लाख 88 हजार नामों की जांच के लिए बीएलओ मैदान में उतरे हैं। आज और कल यानी 8-9 अक्टूबर को भोपाल के सभी सात विधानसभा क्षेत्रों में विशेष शिविर लगेंगे। जांच में पात्र मिलने पर नाम दोबारा वोटर लिस्ट में जुड़ेंगे। आवेदन ऑनलाइन भी हो सकता है। यानी जिन मतदाताओं का नाम गलती से कटा है, उनके पास अब दोबारा जुड़ने का मौका है।
BLOs taken field verify 388000 names removed SIR. Special camps held across seven assembly constituencies Bhopal today tomorrow October 8 and 9.

एसआईआर में कितने नाम कटे?

करीब 11 महीने पहले भोपाल में एसआईआर की कवायद हुई थी। उससे पहले जिले में कुल 21 लाख 25 हजार 908 वोटर थे। एसआईआर के बाद यह संख्या घटकर 16 लाख 87 हजार रह गई थी।



यानी करीब साढ़े चार लाख वोटर सूची से बाहर हुए थे। इनमें से तीन लाख 88 हजार नामों की अब दोबारा जांच हो रही है। इनमें अनुपस्थित और परमानेंट शिफ्टेड यानी स्थायी रूप से कहीं और जा चुके मतदाता शामिल हैं।



अनुपस्थित मतदाताओं की संख्या एक लाख एक हजार 503 बताई गई है। परमानेंट शिफ्टेड मतदाता दो लाख 86 हजार 661 हैं। यही दोनों वर्ग इस जांच के केंद्र में हैं।



7 विधानसभा में कहां शिविर?

जांच के लिए भोपाल की सभी सात विधानसभा क्षेत्रों में शिविर लग रहे हैं। इनमें बैरसिया, हुजूर, भोपाल उत्तर, भोपाल मध्य, दक्षिण-पश्चिम, गोविंदपुरा और नरेला शामिल हैं।



07 अक्टूबर को इन शिविरों में कई लोग पहुंचे थे। अब गुरुवार और शुक्रवार, यानी 8 और 9 अक्टूबर को भी लोग शिविर में जा सकते हैं। शिविर का सटीक पता और समय अपने क्षेत्र के बीएलओ या निर्वाचन कार्यालय से पूछ लें।



जांच में कौन से नाम जुड़ेंगे?

कटे हुए सभी नाम वापस नहीं जुड़ेंगे। जांच के बाद सिर्फ पात्र मतदाता ही सूची में लौटेंगे। जिन लोगों के नाम दो जगह दर्ज थे, वे जुड़ेंगे नहीं। जिनकी मृत्यु हो चुकी है, उनके नाम भी वापस नहीं आएंगे।



लेकिन कुछ मतदाता वाजिब कारण से छूट गए होंगे। ऐसे लोग जो कागजों में परमानेंट शिफ्टेड दर्ज हो गए, पर रहते यहीं हैं और वोट डालते हैं, उनके नाम जुड़ेंगे। इसी तरह पते पर न मिलने वाले मतदाताओं के नाम भी दोबारा जोड़े जाएंगे। मान लीजिए किसी का मकान ताला बंद मिला हो। तब बीएलओ उसे अनुपस्थित लिख सकता है। ऐसे ही मामलों को सुधारने के लिए यह जांच हो रही है।



नाम जुड़वाने के दो तरीके

यदि किसी कारण से आपका नाम हट गया है, तो अब आप दो तरीकों से इसे जुड़वा सकते हैं। पहला तरीका शिविर में जाना है। हर मतदान केंद्र पर होने वाले शिविर में पहुंचकर आवेदन किया जा सकता है।



दूसरा तरीका ऑनलाइन आवेदन है। यह आवेदन voters.eci.gov.in पर किया जा सकता है। इसके अलावा ECINET मोबाइल ऐप के जरिए भी आवेदन संभव है। ऑनलाइन फॉर्म भरने से पहले जरूरी दस्तावेज की जानकारी बीएलओ या वेबसाइट से जरूर लें।



युवाओं के लिए बड़ी राहत

जो युवा 01 जनवरी 2027 को 18 साल के हो जाएंगे, उनके लिए भी प्रक्रिया शुरू हो गई है। उनके नाम वोटर लिस्ट में जोड़ने के लिए अग्रिम फॉर्म-6 भरवाए जा रहे हैं। पहले इसके लिए डिक्लेरेशन देना पड़ता था। अब यह अनिवार्यता खत्म कर दी गई है।



यानी जो युवा जन्मदिन के बाद सीधे वोटर बनना चाहते हैं, उन्हें पहले से तैयारी का मौका मिलेगा। इससे अगले चुनाव में नए मतदाता सूची से बाहर रहने की आशंका कम होगी।



सूची की सख्त समीक्षा क्यों?

अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहराए गए नामों का पुनरीक्षण चल रहा है। इन्हें संक्षेप में एएसडी (Absent, Shifted, Dead) सूची कहा जाता है। मकसद साफ है। कोई भी असली और पात्र नागरिक वोट देने के अधिकार से वंचित न रहे।



साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि सूची में फर्जी या दोहराए नाम न रहें। इस तरह दोनों तरफ से सुधार की कोशिश है। एक तरफ पात्र लोग जुड़ें। दूसरी तरफ अपात्र नाम हटे रहें।



पारदर्शिता के लिए क्या इंतजाम?

बीएलओ जो सूचियां तैयार कर रहे हैं, उन्हें मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए के साथ साझा किया जाएगा। बीएलए यानी बूथ लेवल एजेंट (Booth Level Agent)। इससे दलों के प्रतिनिधि भी देख पाएंगे कि किसके नाम पर क्या कार्रवाई हुई।



इसके अलावा विशेष कैंप भी लग रहे हैं। नाइट शेल्टर, मजदूर बस्तियों और बेघर लोगों के लिए अलग शिविर आयोजित हो रहे हैं। ऐसे लोग अक्सर कागजात के अभाव में सूची से छूट जाते हैं। इसलिए इन इलाकों में खास कैंप का मकसद नामांकन आसान बनाना है।



अब आप क्या करें?

सबसे पहले अपना नाम वोटर लिस्ट में जांचें। नाम न मिले, तो अपने इलाके के बीएलओ से मिलें। इसके लिए आप 8 या 9 अक्टूबर को पास के शिविर में पहुंच सकते हैं। चाहें तो voters.eci.gov.in या ECINET मोबाइल ऐप से ऑनलाइन आवेदन करें।



परिवार के बुजुर्गों और बाहर पढ़ रहे बच्चों के नाम भी जांच लें। कई बार एक ही घर में कुछ नाम रह जाते हैं और कुछ कट जाते हैं। आवेदन के बाद पावती या संदर्भ संख्या संभालकर रखें।



अब सबकी नजर शिविरों में आने वाले आवेदनों पर रहेगी। इन तीन लाख 88 हजार नामों में से कितने दोबारा जुड़ पाते हैं, यह जांच के बाद साफ होगा।



FAQs

  1. भोपाल में वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए शिविर कब और कहां लगेंगे?
    भोपाल में विशेष शिविर 8 और 9 अक्टूबर को सभी सात विधानसभा क्षेत्रों में लगाए जाएंगे, जिनमें बैरसिया, हुजूर, भोपाल उत्तर, भोपाल मध्य, दक्षिण-पश्चिम, गोविंदपुरा और नरेला शामिल हैं.
  2. कौन से लोग वोटर लिस्ट में दोबारा शामिल हो सकते हैं?
    वोटर लिस्ट में सिर्फ वे पात्र मतदाता दोबारा शामिल हो सकते हैं, जिनके नाम गलती से हट गए हैं, जैसे कि अनुपस्थित मतदाता और पूर्व स्थानांतरित मतदाता जो अभी भी यही रहते हैं. मृतक और दो जगह दर्ज मतदाता शामिल नहीं होंगे.
  3. अगर मेरा नाम वोटर लिस्ट से कट गया है, तो मैं इसे कैसे दोबारा जोड़ सकता हूं?
    आप दो तरीकों से नाम जुड़वा सकते हैं: पहला, शिविर में जाकर आवेदन करें, या दूसरा, ऑनलाइन आवेदन करें, जो कि voters.eci.gov.in या ECINET मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जा सकता है.
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