निगम-मंडलों और प्राधिकरणों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य एक साथ होंगे घोषित! एमपी बीजेपी की नई रणनीति
News In Short
- मध्यप्रदेश भाजपा अब निगम-मंडलों और प्राधिकरणों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य एक साथ घोषित करेगी।
- पहले सिर्फ अध्यक्षों का ऐलान होना था, अब नई व्यवस्था लागू होगी।
- हर बूथ पर 150 सदस्य बनाने का टारगेट तय किया गया है।
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टरों को गांवों में रात्रि विश्राम के निर्देश भी दिए हैं।
News In Detail
भाजपा में संगठन की नई तैयारी
मध्य प्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर लंबे समय से अटकलें चल रही हैं। भाजपा दफ्तर में निगम-मंडलों और प्राधिकरणों के अध्यक्षों के नाम अटके हुए थे। इस बीच संभाग और जिला प्रभारियों की बैठक हुई। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल दोनों ने मिलकर नए संकेत दिए हैं।
बैठक में साफ कहा गया कि अब नाम जल्द से जल्द तय किए जाएंगे। नियुक्तियों में देरी की एक बड़ी वजह यह भी बताई गई कि पार्टी अब सिर्फ अध्यक्ष घोषित करने की जगह उपाध्यक्ष और सदस्यों के नाम भी साथ में जारी करेगी। इससे पूरी बॉडी एक साथ काम पर लग सके।
अब एक बूथ पर 150 सदस्य
संगठन में यह भी तय किया गया कि हर बूथ पर एक नहीं, पांच पन्ना प्रमुख होंगे। पहले एक पन्ना प्रमुख के जिम्मे एक बूथ होता था। अब पांच पन्ना प्रमुख मिलकर एक बूथ संभालेंगे। इससे एक बूथ पर सदस्यों की संख्या 150 तक पहुंच सकती है।
विधानसभा में यह संख्या 45 से 50 हजार तक हो जाएगी। बैठक में कहा गया कि जो पार्टी कार्यकर्ता विधानसभा सीट जीतते हैं, वही पार्टी चलाते हैं। इसलिए अब कार्यकर्ताओं को खुद पार्टी की ताकत बनना होगा।
बता दें कि पन्ना प्रमुख को भाजपा की चुनावी मशीनरी की रीढ़ माना जाता है, जो जमीनी स्तर पर चुनाव प्रबंधन को मजबूत करते हैं।
इसे एक अभियान कहना चाहिए- खंडेलवाल
उधर, उपाध्यक्ष और सदस्यों के लिए खंडेलवाल ने कहा कि यदि नाम जमा करने हैं तो इसे एक अभियान कहना चाहिए। फिर प्रदेश मंत्री राजेंद्र सिंह ने कहा कि समरसता नाम दिया जा सकता है।
खंडेलवाल ने जवाब दिया कि लोग निगम-मंडल के लिए प्रयास कर रहे हैं, लेकिन इसमें कुछ खास नहीं है। पदाधिकारी और कार्यकर्ता इनसे बड़े होते हैं।
प्रभारी को समस्या आ रही तो हमें बताए- सीएम
वहीं, प्रभारी अधिकारियों की समस्याओं पर सीएम मोहन यादव ने कहा कि यदि किसी प्रभारी को काम करने में दिक्कत हो रही है क्योंकि उनका जिला दूर है, तो हमें बताएं। उन्हें दूसरा काम सौंपा जाएगा और नया प्रभारी नियुक्त किया जाएगा।
दिल्ली से भी जुड़े निर्देश
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने निगम-मंडल, आयोग और प्राधिकरण के अध्यक्षों के लिए 23 नाम दिल्ली भेजे थे। तीन दिन पहले ये लिस्ट मध्य प्रदेश पहुंच गई। एक हफ्ते में इसकी घोषणा होनी थी, लेकिन अब ये मामला और टल गया है। हर निगम-मंडल या प्राधिकरण में 2-3 उपाध्यक्ष और 4-5 सदस्य हो सकते हैं। इसी तरह आयोगों में भी कुछ सदस्य होते हैं। इस वजह से अब नियुक्तियां और देरी से होंगी।
सीएम ने कलेक्टरों को दिए सख्त निर्देश
इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कमिश्नरों और कलेक्टरों से बात की। उन्होंने गंगा संवर्धन, संकल्प से समाधान अभियान और योजनाओं की समीक्षा की।
सीएम ने कहा कि कलेक्टर नियमित रूप से गांवों का दौरा करें और गांवों में रात्रि विश्राम करें। इससे जमीनी स्तर पर काम की निगरानी बेहतर होगी। उन्होंने यह भी कहा कि जनभागीदारी बढ़े और अधिकारी सक्रिय रहें।
ये खबर भी पढ़िए...
कम वेतन से परेशान आउटसोर्स कर्मचारी, सामूहिक आत्मदाह की दी चेतावनी, खंडेलवाल को लिखा पत्र
राजेंद्र भारती केस में दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी, उधर नरोत्तम मिश्रा से मिले हेमंत खंडेलवाल
प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती है कशिश खंडेलवाल, दसवीं में 99.17% अंक प्राप्त कर गाड़े झंडे
ओंकारेश्वर मंदिर में मनेगा आदिगुरु शंकराचार्य का प्रकटोत्सव, सीएम मोहन यादव करेंगे शुभारंभ