BJP महिला मोर्चा नगराध्यक्ष पर श्रेष्ठा की नियुक्ति, पूर्व नगराध्यक्ष शैलजा बोलीं नेता को जी हजूर वाले चाहिए

Sanjay Gupta | Aug 28, 2026, 12:07 IST
बीजेपी महिला मोर्चा नगराध्यक्ष पर श्रेष्ठा की नियुक्ति
बीजेपी महिला मोर्चा में इंदौर की नगराध्यक्ष पद पर श्रेष्ठी जोशी की नियुक्ति ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। वहीं कार्यकाल पूरा करके इस पद से हटीं शैलजा मिश्रा ने लंबी-चौड़ी पोस्ट डाली और विवादों के बाद हटा दी।

Indore. बीजेपी ने महिला मोर्चा के नगराध्यक्ष पद पर श्रेष्ठा जोशी को नियुक्त किया है। यह विधानसभा तीन से आती है। इसके साथ ही विधानसभा तीन का दबदबा लगातार बढ़ रहा है। नगराध्यक्ष सुमित मिश्रा भी इसी विधानसभा से हैं। वहीं यह नियुक्ति विवादों में भी आ गई है।



श्रेष्ठा जोशी साल 2021 में तो तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान को हटाने के लिए पोस्ट तक डाल दी थी। उज्जैन मंडल उपाध्यक्ष के साथ विवाद का आडियो आने पर उन्हें तब बीजेपी महिला मोर्चा प्रदेश मंत्री के पद से भी जनवरी 2020 में हटा दिया गया था। इस मामले में शैलजा मिश्रा ने द सूत्र से कहा कि पोस्ट डाली थी लेकिन हटा दी है। वह जो भी कहेंगी पार्टी फोरम पर ही कहेंगी।



शैलजा मिश्रा ने यह डाली पोस्ट

शैलजा मिश्रा जो साल 2021 से पांच साल तक महिला मोर्चा की नगराध्यक्ष रही उन्होंने इस नियुक्ति के बहाने लंबी पोस्ट डाली। हालांकि इसे बाद में हटा दिया गया। इसमें लिखा कि- पुराने कार्यकर्ता में अनुभव है तो नए में सिर्फ पहुंच है।



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आज विचारधारा नहीं, चापलूसी देखी जा रही है। नेतावाद ने संगठन को खा लिया। अब मंडल अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष या मोर्चा अध्यक्ष कार्यकर्ताओं की सहमति से नहीं, नेता जी पसंद से बनता है। नेता को वो चाहिए जी हजूर कहे,जो सवाल न करें।



पुराना निष्ठावान कार्यकर्ता सवाल करता है, इसलिए वह असहज लगता है। इससे पार्टी का भविष्य खतरे में हैं, उसकी मेहनत का कोई फल नहीं, तो वह घर बैठ जाएगा और जो साल वाला कल सत्ता देखकर आया था वह कल सत्ता जाते ही दूसरी पार्टी में चला जाएगा।



पार्टी के झंडे़ को कौन संभालेगा। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को सोचना होगा। चुनाव सिर्फ फेसुबक, इंस्टाग्राम से नहीं जीते जाते। बूथ पर तो पुराना कार्यकर्ता चाहिए।



जमीनी हकीकत अलग है

शैलजा ने आगे लिखा कि बीजेपी हमेशा कहती है कि वह कार्यकर्ताओं की पार्टी है नेता की नहीं। लेकिन आज जमीन हकीकत ठीक उलट है। आज लाठी खाने वाला कार्यकर्ता मंडल और जिला की सूची में कहीं नहीं है।



पद किसको मिल रह है जो दो-तीन साल पहले कांग्रेस, एनसीपी या किसी अन्य पार्टी से आया है। बात पद की नहीं न्याय का सवाल है। नेतावाद ने संगठन को खा लिया।



मालिनी गौड़ की चली, मंत्री विजयवर्गीय का ऐसा सपोर्ट

इस पद पर श्रेष्ठा के साथ कविता यादव भी दौड़ में थी। लेकिन आखिर में विधायक मालिनी गौड़ के साथ एक गाड़ी में श्रेष्ठा जोशी गईं। इंदौर में हुए आयोजन में विधायक गौड़ ने श्रेष्ठा को सीएम डॉ. मोहन यादव से मिलवाया।



बात मंत्रीगुट से सपोर्ट की आ रही थी। इसकी जिम्मेदारी पूजा पाटीदार ने संभाली, जो मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की घर की सदस्य जैसी है और साथ ही श्रेष्ठा की करीबी मित्र।



इसके चलते मंत्री विजयवर्गीय ने भी समर्थन दिया। जब श्रेष्ठा नियुक्ति के बाद मंत्री विजयवर्गीय से मिली तो उन्होंने साफ कह दिया कि आपका पुराना रिकार्ड विवादित रहा है, उम्मीद है सभी को साथ लेकर चलेंगी।



राखी कार्यक्रम में बोले मंत्री- मुझे बाकी गालियां दे रहे हैं

वहीं गुरुवार को महिला मोर्चा के राखी कार्यक्रम के दौरान भी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने हंसते हुए कहा कि श्रेष्ठा के कारण आज बाकी बहनें मुझे गालियां दे रही हैं। लोग कह रहे हैं कि मेरे कारण उनकी महिला मोर्चा में नियुक्ति हुई है। नियुक्ति तो संगठन करता है, लेकिन मेरा नाम खबरों में आने से बाकी बहनें मुझे गालियां दे रही हैं।



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