भाजपा विधायक मथुरालाल डामर ने मंत्री के सामने खोला दर्द, सड़क निर्माण पर उठाए सवाल

Sandeep Kumar | May 03, 2026, 24:17 IST
bjp mla mathuralal damar
मध्य प्रदेश के रतलाम में भाजपा विधायक मथुरालाल डामर ने मंत्री के सामने अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र में सड़क निर्माण के दिए गए आवेदन को कचरे में फेंक दिया जाता है। उनका यह भावुक बयान चर्चा का विषय बन गया।

News in short

  • मथुरालाल डामर ने रतलाम में अपनी पीड़ा व्यक्त की और पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट पर सवाल उठाए।
  • डामर ने कहा कि उनका आवेदन हर बार नजरअंदाज किया जाता है।
  • छोटे विधायकों की आवाज दबाई जाती है, बड़े नेताओं की महत्वाकांक्षाओं के आगे समस्याएं अनसुनी होती हैं।
  • मंत्री चेतन्य कश्यप मुस्कुराते हुए डामर की बातों को सुनते रहे।
  • डामर ने मंत्री से विनम्र अनुरोध करते हुए कहा, कृपया हमारे क्षेत्र की सड़कें बनवा दीजिए।

News in detail

आमीन हुसैन@रतलाम. मध्य प्रदेश के रतलाम में रतलाम विकास प्राधिकरण का शपथ ग्रहण समारोह हुआ। इस दौरान भाजपा विधायक मथुरालाल डामर ने अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।



डामर ने कहा भोपाल में पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह से मांग की तो हर बार देखते हैं...कहकर बात टाल दिया जाता है। साथ ही उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र में सड़क निर्माण के आवेदन को नजरअंदाज कर दिया जाता है। उनका बयान सुनकर मंच पर हलचल मच गई। उन्होंने मंच से अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा।



विधायक हूं, लेकिन सुनवाई नहीं होती

विधायक डामर ने कहा कि "दर्द होता है… मैं विधायक हूं, लेकिन हमारी सुनवाई नहीं होती। उन्होंने प्रदेश के कुल 165 विधायकों की बात की। डामर ने कहा कि छोटे और सामान्य विधायकों को मंत्री तक नहीं पहचानते। उन्होंने अधिकारियों के रवैये पर नाराजगी जताई। डामर ने कहा कि अधिकारी "जब तक मुख्यमंत्री ‘ए प्लस’ नहीं लिखेंगे, तब तक सड़क निर्माण संभव नहीं है"।



विधायक ने सिस्टम पर उठाए सवाल

विधायक डामर ने अपने विधानसभा क्षेत्र और सरकारी सिस्टम पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब वे मंत्री से आवेदन करते हैं, तो अधिकारी उनके आवेदन और शिकायतों को नजरअंदाज कर देते हैं। उनका कहना था कि राजनीतिक सिस्टम में छोटे विधायकों की आवाज दबाई जाती है। बड़े नेताओं की महत्वाकांक्षाओं के आगे उनकी समस्याएं कोई मायने नहीं रखतीं।



मुस्कुराते दिखे मंत्री चेतन्य कश्यप

मंच पर मौजूद कैबिनेट मंत्री चेतन्य कश्यप और जिला अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय विधायक डामर के बयान के दौरान मुस्कुराते हुए नजर आए। यह दृश्य कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। डामर के भावुक बयान और अधिकारियों के रवैये से यह साफ हुआ कि कई बार जनप्रतिनिधियों की आवाज अनसुनी हो जाती है।



विधायक डामर का विनम्र अनुरोध

अपने संबोधन में मथुरालाल डामर ने मंत्री चेतन्य कश्यप से हाथ जोड़कर विनती की। उन्होंने कहा, "कृपया हमारे क्षेत्र की सड़कें बनवा दीजिए।" उनका यह भावुक अनुरोध कार्यक्रम में चर्चा का केंद्र बन गया। यह दृश्य डामर के क्षेत्र के लिए चिंता का प्रतीक था। यह जनप्रतिनिधियों के लिए एक संदेश था, जो सरकारी सिस्टम से जूझते हैं।



विधायक का दूसरा कार्यकाल

बीजेपी विधायक मथुरालाल डामर दूसरी बार विधायक बने हैं। उनका यह बयान न केवल उनके क्षेत्र के विकास को लेकर सवाल उठाए, बल्कि सिस्टम की कार्यशैली और जनप्रतिनिधियों की स्थिति पर भी सवाल खड़े किए हैं। डामर का यह बयान राज्य की राजनीति में लोकप्रियता और सामाजिक मुद्दों का हिस्सा बन गया है।



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