भाजपा विधायक रीति पाठक ने डिप्टी सीएम से पूछा 7 करोड़ का हिसाब, जवाब नहीं मिला
सीधी से भाजपा विधायक रीति पाठक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भाजपा सरकार विवादों में घिर गई है। शनिवार को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में रीति पाठक ने डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला से मंच पर सवाल पूछते हुए कहा, “सीधी जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं सुधारने के लिए मंजूर 7 करोड़ रुपए स्वास्थ्य विभाग को आवंटित किए गए थे। लेकिन यह राशि कहां गई, इसका कोई अता-पता नहीं है। मैंने इस संबंध में 7 बार पत्र लिखा, लेकिन कोई जवाब नहीं आया।
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कार्यक्रम में डिप्टी सीएम की चुप्पी
मंच पर मौजूद डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने इस सवाल पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उनकी चुप्पी ने मामले को और गरमा दिया। कार्यक्रम के बाद भी उन्होंने इस विषय पर कोई टिप्पणी नहीं की, जिससे विपक्ष और भाजपा के भीतर असंतोष की आवाजें तेज हो गईं।
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विपक्ष का भाजपा पर हमला
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के प्रमुख जीतू पटवारी ने इस मामले को भाजपा सरकार की विफलता करार दिया। उन्होंने कहा, "भाजपा सरकार में उनके अपने विधायकों की सुनवाई नहीं हो रही है। यह घटना सरकार के कामकाज पर सीधा तमाचा है।
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भोपाल में सीएम से मुलाकात
सोमवार को रीति पाठक ने भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। हालांकि, इस मुलाकात के बाद भी मामले में किसी ठोस कदम की घोषणा नहीं हुई है।
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FAQ
- रीति पाठक ने क्या आरोप लगाए?
रीति पाठक ने 7 करोड़ रुपए के फंड के स्वास्थ्य विभाग में गायब होने का आरोप लगाया। - डिप्टी सीएम ने क्या जवाब दिया?
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने मंच पर इस सवाल पर कोई जवाब नहीं दिया। - विपक्ष का इस मामले पर क्या कहना है?
कांग्रेस ने इसे भाजपा सरकार की विफलता बताते हुए विधायकों की उपेक्षा का मुद्दा उठाया है। - रीति पाठक ने सीएम से क्या मांग की?
उन्होंने सीएम से फंड का हिसाब देने और इस मामले में कार्रवाई करने की मांग की। - क्या इस मामले में कोई आधिकारिक कार्रवाई हुई?
अब तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान या कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई है।