उमंग सिंघार के चड्डी वाले बयान पर विधायक रामेश्वर शर्मा का हमला , कहा- आरएसएस के बारे में नेहरू-इंदिरा से पूछो
मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने गुरुवार (21 अगस्त) को छिंदवाड़ा कलेक्टर को लेकर विवादित बयान दिया था। इसे लेकर राज्य में सियासी बयानबाजी तेज होती दिखाई दे रही है। सिंघार के विवादित बयान पर बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने हमला बोला है।
बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जैसे गरिमामय संवैधानिक पद पर बैठे लोगों के लिए अपनी मर्यादा भूल गए हैं। वह जिस प्रकार की भाषा और सोच का परिचय दे रहे हैं, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। इसके अलावा छिंदवाड़ा में कांग्रेस नेताओं ने एक कुत्ते को ज्ञापन सौंपा, जिसे लेकर सियासी विवाद बढ़ गया है। बीजेपी नेता रामेश्वर शर्मा ने इसे बाबा साहब के संविधान का अपमान करार दिया है।
बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का पद जनता की ओर से सौंपा गया है। यह पद गंभीर और जिम्मेदार दायित्व का होता है। लेकिन उमंग सिंघार ने इसे मजाक बनाकर रख दिया है। उनका बयान बता रहा है कि वह नौतिक मूल्यों को भूल चुके हैं।
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आरएसएस के बारे में नेहरू-इंदिरा से पूछो- रामेश्वर शर्मा
जानें पूरा मामला
दरअसल, गुरुवार को धार पहुंचे कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने कहा कि छिंदवाड़ा का कलेक्टर इतना डरपोक है कि वह भाजपा का गुलाम है। मैंने तो कह दिया है कि अगर वह भाजपा का गुलाम है, तो उसे भाजपा और आरएसएस की चड्डी पहन लेनी चाहिए।
उमंग सिंघार का यह बयान एक घटनाक्रम के बाद आया, जब छिंदवाड़ा में पूर्व सांसद नकुलनाथ की ओर से खाद संकट और किसानों की समस्याओं को लेकर एक प्रदर्शन आयोजित किया गया था। इस प्रदर्शन में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत कांग्रेस के कई सीनियर नेता शामिल हुए थे। जब कांग्रेस नेता कलेक्टर ऑफिस ज्ञापन देने पहुंचे, तो उन्हें कलेक्ट्रेट ऑफिस के बाहर पुलिस द्वारा रोक लिया गया।
कांग्रेस नेता ने कलेक्टर पर लगाया आरोप
कांग्रेस नेताओं का आरोप था कि छिंदवाड़ा कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया और ज्ञापन नहीं लिया। कलेक्टर के इस रवैये पर कांग्रेस नेताओं ने नाराजगी जताई। साथ ही, इस दौरान उन्होंने एक कुत्ते को बुलवाकर उसे ज्ञापन पहनाकर कलेक्टर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस पूरे घटनाक्रम में उमंग सिंघार की बयानबाजी ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया।
कांग्रेस का यह कदम विवादों में घिर गया और भाजपा ने इसे राजनीतिक हानि के रूप में देखा। कांग्रेस ने इस कदम को विरोध का प्रतीक बताया और इसे सरकारी अधिकारियों के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त करने का एक तरीका माना।
FAQ
- छिंदवाड़ा में कांग्रेस ने कुत्ते को ज्ञापन क्यों सौंपा?
कांग्रेस ने छिंदवाड़ा में कलेक्टर से मिलने में असमर्थ होने पर विरोध स्वरूप कुत्ते को ज्ञापन सौंपा। यह कुत्ता कलेक्टर के पास जाने वाले संदेश का प्रतीक था, जिसे उन्होंने किसानों के मुद्दों की अनदेखी के खिलाफ उठाया। - बीजेपी ने कांग्रेस के जरिए कुत्ते को ज्ञापन सौंपने वाले कदम पर क्या प्रतिक्रिया दी?
बीजेपी ने कांग्रेस के इस कदम को निंदनीय बताया और कहा कि इस प्रकार का कदम डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान का अपमान है। पार्टी ने इसे नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा का उल्लंघन बताया। - कुत्ते को ज्ञापन सौंपने के बाद कांग्रेस का तर्क क्या था?
कांग्रेस ने इसे किसानों के मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करने का तरीका बताया और कहा कि कुत्ता कलेक्टर के पास भेजकर उन्होंने सरकारी अधिकारियों के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की है।
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