महिला आरक्षण बिल को लेकर सड़कों पर उतरी 25 हजार महिलाएं, सीएम बोले- नारी अपमान नहीं भूलती
News In Short
- लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा 131वां संविधान संशोधन विधेयक पास नहीं हो सका है।
- इसके विरोध में मध्यप्रदेश BJP ने भोपाल में जन आक्रोश महिला पदयात्रा निकाली है।
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद सड़क पर उतरे और कांग्रेस पर निशाना साधा है।
- CM ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर निंदा प्रस्ताव पारित करने का ऐलान किया है।
- BJP ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन को महिला विरोधी करार दिया है।
News In Detail
भोपाल में क्यों निकली यह पदयात्रा?
संसद के हालिया सत्र में महिला आरक्षण से जुड़ा 131वां संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में पास नहीं हो सका है। इसी के विरोध में मध्यप्रदेश बीजेपी ने आज, 20 अप्रैल को जन आक्रोश महिला पदयात्रा का आयोजन किया है। यात्रा भोपाल के एमवीएम कॉलेज ग्राउंड से शुरू हुई और रोशनपुरा चौराहे की तरफ बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, कई मंत्री, सांसद और BJP महिला मोर्चा की नेता समेत करीब 25 हजार महिलाएं इस यात्रा में शामिल हुई हैं। यात्रा का उद्देश्य है कि महिलाओं के संसदीय आरक्षण के मुद्दे पर जनता के बीच संदेश पहुंचाया जाए।
सीएम मोहन यादव ने क्या कहा?
मंच से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बहनों के हक पर डाका डालने के खिलाफ वे सड़कों पर उतरे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि राजा राममोहन रॉय ने सती प्रथा के खिलाफ लड़ाई लड़ी, डॉ. भीमराव अंबेडकर ने महिला अधिकारों की लड़ाई लड़ी और अटल बिहारी वाजपेयी ने महिलाओं के सम्मान के लिए जीवन खपाया।
सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कहा था कि उनके पास इच्छाशक्ति की कमी नहीं है, भले ही संसद में दो तिहाई बहुमत न हो। उन्होंने कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर आरोप लगाया कि बिल गिरने पर उन्होंने जश्न मनाया।
मुख्यमंत्री ने प्रियंका गांधी और राहुल गांधी पर भी सीधा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी नारी शक्ति की बड़ी-बड़ी बातें करती थीं, लेकिन जब असली वक्त आया तो उन्होंने बहनों के अधिकारों को ठुकरा दिया। राहुल गांधी के पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने 40 साल पहले तीन तलाक की व्यवस्था लागू कर महिला अधिकारों पर डाका डाला था।
सीएम का बड़ा ऐलान
मुख्यमंत्री ने मंच से घोषणा की कि वे महिला आरक्षण बिल गिराए जाने के खिलाफ विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएंगे। इस सत्र में निंदा प्रस्ताव पारित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले, नगर पालिका और नगर परिषद स्तर पर भी विरोध दर्ज कराया जाएगा।
सीएम मोहन यादव ने यह भी कहा कि अक्षय तृतीया जैसे बड़े त्योहार के दिन भी बहनें बड़ी संख्या में यहां आई हैं। यह उनके आक्रोश की गहराई को दर्शाता है।
खंडेलवाल ने पूछा बड़ा सवाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री चाहते थे कि देश की बहनों को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण मिले। ग्राम पंचायत और नगरीय निकायों में पहले ही 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जा चुका है। वहीं, विपक्ष ने इस कोशिश में रोड़ा अटकाया।
उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से सीधे सवाल किया कि जिस मां ने उन्हें जन्म दिया, उसके सपने चूर करने का हक उन्हें किसने दिया?
महिला नेताओं ने भी भरी हुंकार
सागर लोकसभा सीट से सांसद लता वानखेड़े ने कहा कि यह बिल केवल एक कागज नहीं था। यह महिलाओं के पंचायत से पार्लियामेंट तक पहुंचने का दरवाजा था, जिसे कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष महिलाओं को नेतृत्व नहीं, सिर्फ भीड़ का हिस्सा बनाए रखना चाहता है।
बीजेपी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी परांजपे ने कहा कि कांग्रेस ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम गिराकर जश्न मनाया, यह महिलाओं के अपमान की निशानी है। उन्होंने कहा कि अब याचना नहीं बल्कि रण होगा।
मंच पर मौजूद रहे दिग्गज
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के अलावा मंत्री कृष्णा गौर, निर्मला भूरिया, राधा सिंह, प्रतिमा बागरी, सांसद कविता पाटीदार, सुमित्रा वाल्मीकि, माया नारोलिया, भोपाल की महापौर मालती राय और BJP महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री अर्चना सिंह व मोना सुस्तानी भी मौजूद रहीं।
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