MP की राजधानी समेत 15 जिलों में बन रहे आतंकवादियों के आधार, UIDAI ने खोला राज

Amresh Kushwaha | Jun 27, 2026, 08:28 IST
आतंकवादियों के आधार
मध्य प्रदेश में BSNL की क्लोन आधार मशीनों से 15 जिलों में आतंकियों के आधार बनाए जाने का खुलासा हुआ है। UIDAI ने इसे स्वीकार किया है। दिसंबर 2023 से मामला सामने आ चुका है, लेकिन अब तक न FIR हुई ना सुरक्षा एजेंसियों को सूचना दी गई।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • BSNL की क्लोन मशीनों से आतंकियों के आधार कार्ड बन रहे थे।
  • मध्यप्रदेश के 15 से ज्यादा जिलों में यह रैकेट फैला हुआ था।
  • UIDAI को दिसंबर 2023 में ही इसकी जानकारी मिल गई थी।
  • ढाई साल बाद भी अब तक कोई FIR दर्ज नहीं हुई है।
  • सुरक्षा एजेंसियों को भी इस मामले की कोई सूचना नहीं दी गई है।

BSNL मशीनों से बने आतंकियों के आधार

देश की सुरक्षा के लिए यह एक बड़ी चेतावनी है। मध्य प्रदेश में BSNL (Bharat Sanchar Nigam Limited) की क्लोन आधार मशीनों से आतंकवादियों के आधार कार्ड बनाए जा रहे थे। यह बात अब खुद UIDAI (Unique Identification Authority of India) यानी भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने मानी है।



BSNL के रिकॉर्ड में यह दर्ज है कि उसकी आधार मशीनों का अवैध इस्तेमाल कर आतंकवादियों के आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं। इस जानकारी का इनपुट BSNL को दिसंबर 2023 में UIDAI ने एक खत के जरिए दिया था।



दिसंबर 2023 का खत और उसमें क्या था

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 06 दिसंबर 2023 को BSNL मध्यप्रदेश सर्किल ने अपने अधिकारियों को एक बेहद गोपनीय और गंभीर पत्र भेजा था। इसमें UIDAI के दिल्ली दफ्तर से मिले इनपुट का हवाला दिया गया था। पत्र में साफ लिखा था कि BSNL की क्लोन मशीनों से आतंकवादियों के आधार बन रहे हैं। इसमें यह भी बताया गया कि टेंडर बिजनेस प्रक्रिया स्तर पर इन वेंडरों को ब्लैकलिस्ट करने का अधिकार किस प्राधिकारी के पास है।



उस खत में यह भी कहा गया था कि स्थानीय सुपरवाइजर और ऑपरेटर भी इस गड़बड़ी में शामिल थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए 79 स्टेशन आईडी और OA (Operating Area) की सूची तैयार कर उन्हें डी-रजिस्टर यानी रजिस्ट्रेशन खत्म करने के निर्देश जारी किए गए थे।



ढाई साल बाद भी FIR नहीं हुई

हैरानी की बात यह है कि इस इनपुट के बाद ढाई साल से ज्यादा का वक्त बीत चुका है। न तो कोई FIR दर्ज की गई और ना ही सुरक्षा एजेंसियों को इसकी जानकारी दी गई। वहीं, दस्तावेज बताते हैं कि दिसंबर 2023 से फरवरी 2026 तक फाइलें और पत्र बस एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर चक्कर काटते रहे हैं।



फरवरी 2026 में आया दूसरा पत्र

पहले खत के करीब 26 महीने बाद यानी 02 फरवरी 2026 को BSNL मध्यप्रदेश सर्किल ने एक और पत्र लिखा है। इस बार कॉर्पोरेट ऑफिस को संबोधित करते हुए पूछा गया कि टेंडर बिजनेस प्रक्रिया स्तर पर हम हैं, इसलिए कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने का अधिकार किस प्राधिकारी के पास है? यह सवाल ही बताता है कि इतने समय में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।



इस रैकेट को चलाने वाला नेटवर्क मेसर्स रॉयल कम्युनिकेशन से जुड़े वेंडरों द्वारा संचालित था। इसमें स्थानीय सुपरवाइजर और ऑपरेटर भी शामिल पाए गए थे।



15 से ज्यादा जिलों में था रैकेट

BSNL के दस्तावेजों के मुताबिक यह रैकेट मध्यप्रदेश के कई बड़े शहरों और 15 से ज्यादा जिलों में फैला था। इनमें भोपाल, विदिशा, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, जबलपुर, बालाघाट, मंडला, नरसिंहपुर, सतना, सिवनी, शहडोल, छिंदवाड़ा, ग्वालियर और शिवपुरी शामिल हैं। दस्तावेजों में यह भी संकेत मिला है कि मप्र की ये मशीनें दूसरे राज्यों में भी इस्तेमाल हो रही थीं और वहां भी अवैध आधार बनाए जा रहे थे।



UIDAI ने साधी चुप्पी

UIDAI के भोपाल दफ्तर के प्रमुख सुमित मिश्रा ने इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। प्राधिकरण के मीडिया निदेशक प्रवीण चौधरी ने पहले मेल पर पत्रों की प्रतियां और सवाल मांगे, लेकिन बाद में कोई जवाब नहीं दिया गया।



BSNL ने कहा, UIDAI बताए

BSNL मप्र के मुख्य महाप्रबंधक मिथलेश कुमार ने कहा कि UIDAI से पत्र मिलने के बाद संबंधित मशीनों पर तत्काल रोक लगाई गई थी। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि मप्र के अधिकार क्षेत्र की कोई भी मशीन राज्य के बाहर काम न कर सके। उन्होंने यह भी कहा कि UIDAI के पत्र में जिस वेंडर का नाम था, उसे इस वर्ष की टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने से भी प्रतिबंधित किया गया है।



जब उनसे पूछा गया कि यदि मप्र में आतंकवादियों के आधार बनाए जा रहे थे तो FIR क्यों दर्ज नहीं कराई गई, तो उन्होंने कहा कि इसका जवाब केवल UIDAI ही दे सकता है।



सवाल जो अब भी बेजवाब हैं

यह पूरा मामला कई अहम सवाल खड़े करता है। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इस मामले में ढाई साल तक FIR क्यों नहीं हुई? सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी क्यों नहीं दी गई? क्या सिस्टम की यह सुस्ती जानबूझकर थी या लापरवाही? ये सवाल अभी बेजवाब हैं।



FAQ

  1. BSNL की क्लोन मशीनें क्या होती हैं?
    BSNL की आधार मशीनें वे डिवाइस होती हैं जिनके जरिए नागरिकों की बायोमेट्रिक जानकारी लेकर आधार कार्ड बनाया जाता है। क्लोन मशीन का मतलब है कि असली मशीन की नकल बनाकर उसे UIDAI के सिस्टम से जोड़ दिया जाए।

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