अधूरे निर्माण पर बिल्डर का पूरी वसूली का दबाव खारिज, रेरा से होमबायर को राहत

Sanjay Sharma | Mar 19, 2026, 22:58 IST
Photograph: (thesootr)
BHOPAL. रेरा ने बिल्डर को 30 सितम्बर 2026 तक निर्माण पूरा करने का आदेश दिया। वहीं, बिल्डर को अतिरिक्त शुल्क वसूलने से रोका और होमबायर को राहत दी।

News in Short

  • दो साल बाद भी निर्माण अधूरा फिर भी बिल्डर ने पेमेंट का दबाव बनाकर रद्द की थी बुकिंग ।
  • अनुबंध में 12% जीएसटी थी निर्धारित लेकिन अब बिल्डर कर रहा था 18% की मांग ।
  • आवेदक ने फ्लैट हैंडओवर न करने और शर्त तोड़ने पर वापस मांगी थी जमा राशि।
  • रेरा द्वारा बिल्डर को किसी भी एक्स्ट्रा चार्ज की वसूली न करने की दी गई हिदायत
  • निर्माण में देरी के बाद भी बिल्डर भुगतान में विलम्ब के आधार पर मांग रहा था ब्याज।

News in Detail

बिल्डर द्वारा तय समय पर फ्लैट हैंडओवर न करना और जीएसटी की अधिक राशि की मांग को रेरा ने अनुचित माना है। भू संपदा विनियामक प्राधिकरण ने बिल्डर को 30 सितम्बर 2026 तक निर्माण पूरा करने का भी आदेश दिया है। वहीं रेरा बेंच में सुनवाई का खर्च भी बिल्डर को उठाना होगा।



भोपाल में बिल्डर्स की मनमानी पर रेरा यानी मध्य प्रदेश भू संपदा विनियामक प्राधिकरण ने सख्ती दिखाना शुरू कर दिया है। बुकिंग के समय लुभावने वादे में फंसकर राशि जमा करने वाले होमबायर्स को रेरा ने राहत दी है।



राजधानी के खजूरी कलां में रहने वाले होमबायर अजय राय ने बरखेड़ा पठानी में सुरभि स्मार्ट सिटी फेस -बी में 36.96 लाख रुपए कीमत का फ्लैट बुक किया था। इसके लिए सुरभि लाइफस्पेस प्राइवेट लिमिटेड के बिल्डर विकास रमतानी से बुकिंग राशि जमा कर अनुबंध किया था।



बिल्डर को नवम्बर 2024 में फ्लैट हैंडओवर करना था। निर्धारित अवधि के बाद भी बिल्डर ने होमबायर को हैंडओवर तो नहीं दिया उल्टा फाइनल अमाउंट जमा न करने पर बुकिंग रद्द करने का नोटिस थमा दिया।



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मनमानी देख लगाई रेरा में गुहार

होमबायर अजय राय ने फ्लैट हैंडओवर न करने पर रेरा में शिकायत की थी। उन्होंने निर्माण पूरा हुए बिना ही ब्याज सहित फाइनल अमाउंट और बढ़ी हुई दर से जीएसटी वसूली के दबाव का भी हवाला दिया।



बिल्डर की मनमानी की शिकायत पर सुनवाई के दौरान कई तथ्यों को छिपाया गया। होमबायर ने जमा कराए गए 30.50 लाख रुपए का ब्यौरा पेश किया गया। जबकि बिल्डर ने अनुबंध में तय अवधि में राशि जमा न कराने पर ब्याज सहित कुल राशि 38.94 लाख जमा करने का दावा पेश किया।



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12% पर अनुबंध मांगी 18% जीएसटी

भू संपदा विनियामक प्राधिकरण की सुनवाई के दौरान अजय राय ने अनुबंध पत्र पेश किया। उन्होंने बताया कि बुकिंग के दौरान 12% जीएसटी पर अनुबंध हुआ था, लेकिन बिल्डर उनसे 18% जीएसटी के रूप में 5.94 लाख देने का दबाव बना रहा है।



वहीं कुल राशि पर भी ब्याज की मांग की गई है। बिल्डर की ओर से अनुबंध के बाद जीएसटी में बदलाव के सवाल पर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। रेरा ने अनुबंध के आधार पर केवल 6.46 लाख ही बकाया होना माना है।



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सितम्बर तक करना होगा हैंडओवर

बिल्डर सुरभि लाइफस्पेस प्राइवेट लिमिटेड की ओर से निर्माण में देरी की वजह कोरोना संक्रमण बताया गया। बिल्डर की दलील ही उस पर भारी पड़ गई। रेरा बेंच ने कहा कि जब कोरोना की वजह से निर्माण में देरी हो सकती है तो होमबायर से भी इस कारण भुगतान में विलम्ब हो सकता है।



प्राधिकरण ने बिल्डर की ब्याज और बढ़ी हुई दर से जीएसटी की वसूली को नकार दिया। रेरा सदस्य रश्मि अग्रवाल ने बिल्डर को सितम्बर 2026 तक फ्लैट हैंडओवर करने का आदेश दिया है। इसके अलावा अन्य किसी भी तरह के चार्ज की वसूली को अमान्य किया गया है।





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