MDR में Discount कहां? CAIT का सवाल, No UPI Day पर व्यापारियों ने किया विरोध
समझें क्या है पूरा मामला
- भोपाल में व्यापारियों ने MDR शुल्क के खिलाफ प्रदर्शन किया।
- CAIT ने No UPI Day अभियान चलाया।
- व्यापारियों ने QR कोड 60 सेकंड ब्लैकआउट किया।
- व्यापारी UPI नहीं बल्कि अतिरिक्त शुल्क का विरोध कर रहे हैं।
- MDR से बढ़ने वाली लागत पर व्यापारियों ने चिंता जताई।
भोपाल में CAIT ने UPI पर प्रस्तावित MDR के खिलाफ No UPI Day मनाया। व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों पर UPI QR कोड का सांकेतिक Blackout किया। उनका कहना है कि वे UPI नहीं, MDR की अतिरिक्त लागत के खिलाफ हैं। CAIT के अनुसार 15 अक्टूबर 2026 से 0.4% MDR (Merchant Discount Rate ) का प्रावधान है। विरोध आगे 60 घंटे और जरूरत पड़ी तो 60 दिन तक बढ़ सकता है।
UPI QR कोड का सांकेतिक Blackout
भोपाल के व्यापारियों ने UPI QR कोड का सांकेतिक Blackout किया। CAIT भोपाल ने इस विरोध को No UPI Day नाम दिया। संदेश साफ था कि व्यापारी UPI के खिलाफ नहीं हैं। उनकी आपत्ति UPI पर प्रस्तावित MDR को लेकर है। उनके मुताबिक यह शुल्क दुकानदारों पर अतिरिक्त बोझ बनेगा।
भोपाल में क्या हुआ
CAIT (Confederation of All India Traders) की भोपाल इकाई ने यह सांकेतिक प्रदर्शन किया। इसे No UPI Day कहा गया। व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों पर Blackout किया। यह Blackout UPI (Unified Payments Interface) के QR (Quick Response) कोड का था। सांकेतिक का मतलब है प्रतीकात्मक। यह पूरा बंद नहीं, सिर्फ एक चेतावनी थी।
मकसद सिर्फ एक संदेश देना था। संदेश यह कि व्यापारी डिजिटल भुगतान के खिलाफ नहीं हैं। वे MDR (Merchant Discount Rate) की अतिरिक्त लागत का विरोध कर रहे हैं।
MDR में डिस्काउंट कहां है
CAIT भोपाल के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा ने एक सीधा सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि MDR का पूरा नाम Merchant Discount Rate है। लेकिन इसमें व्यापारी को डिस्काउंट आखिर दिखता कहां है?
शर्मा के मुताबिक व्यापारियों में यह सवाल व्यंग्य में उठ रहा है। तंज में कहा जा रहा है कि इसे MTR (Merchant Tax Rate) कहिए। तर्क सीधा है। अगर व्यापारी से शुल्क ही लेना है, तो नाम में डिस्काउंट क्यों?
शर्मा ने साफ शब्दों में कहा, "हम UPI के विरोध में नहीं हैं।" उनके मुताबिक विरोध UPI की अतिरिक्त लागत यानी MDR को लेकर है।
आसान भाषा में समझिए
ग्राहक दुकान पर UPI से भुगतान करता है। रकम व्यापारी तक पहुंचती है। अब MDR के तहत ऐसे भुगतान पर शुल्क का प्रावधान है। CAIT के मुताबिक यह शुल्क व्यापारी से लिया जाना है। व्यापारी इसी बात पर आपत्ति जता रहे हैं। उनके मुताबिक यह अतिरिक्त लागत का भार है।
कितना लगेगा MDR
CAIT ने बताया कि 15 अक्टूबर 2026 से नया प्रावधान लागू होना है। यह ₹2,000 से ज्यादा के पात्र P2M (Person to Merchant) UPI लेनदेन पर होगा। P2M यानी ग्राहक से व्यापारी को होने वाला भुगतान।
ऐसे लेनदेन पर 0.4% MDR लगाने का प्रावधान है। ₹75,000 और उससे ज्यादा के लेनदेन पर अधिकतम MDR ₹300 प्रति लेनदेन तय है। ये आंकड़े CAIT के बताए हुए हैं।
समझने के लिए एक हिसाब देखिए। 0.4% के हिसाब से ₹10,000 पर ₹40 बनते हैं। ₹75,000 पर यही गणना ₹300 बैठती है। यानी उससे बड़े भुगतान पर भी शुल्क ₹300 पर रुकेगा।
क्या MDR टैक्स है
CAIT के मुताबिक आधिकारिक रूप से MDR को टैक्स नहीं माना गया है। यह भुगतान व्यवस्था के प्रतिभागियों के बीच बंटने वाला शुल्क है। यानी इसे कर की श्रेणी में नहीं रखा गया है।
फिर भी व्यापारियों के लिए यह अपनी कमाई से जाने वाली अतिरिक्त रकम है। इसी वजह से वे नाम पर भी सवाल उठा रहे हैं।
UPI रहे, बोझ नहीं
शर्मा ने UPI को भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि व्यापारी खुद इसके बड़े उपयोगकर्ता हैं। इसलिए CAIT UPI को बंद करने के पक्ष में नहीं है।
उनकी मांग साफ है। UPI रहे और Digital India आगे बढ़े। लेकिन व्यापारियों पर अतिरिक्त MDR का भार नहीं होना चाहिए।
यानी व्यापारी डिजिटल भुगतान से जुड़े रहना चाहते हैं। बस इसकी लागत अपने ऊपर नहीं चाहते। CAIT चाहता है कि इस चिंता पर सकारात्मक निर्णय हो।
विरोध आगे कितना बढ़ेगा
शर्मा ने बताया कि यह Blackout केवल 60 सेकंड का सांकेतिक विरोध था। अगर व्यापारियों की चिंता पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ, तो विरोध बढ़ सकता है।
CAIT ने इसे फिलहाल सांकेतिक विरोध ही बताया है। अगला कदम 60 घंटे का हो सकता है। जरूरत पड़ी तो यह 60 दिन तक भी जा सकता है।
CAIT का कहना है कि उसका मकसद डिजिटल भुगतान को कमजोर करना नहीं है। संगठन न्यायसंगत और टिकाऊ व्यवस्था चाहता है। यानी ऐसी व्यवस्था, जो व्यापारियों के लिए भी सही हो।
FAQ
- MDR क्या है?
MDR का मतलब Merchant Discount Rate है। यह वह शुल्क है जो व्यापारी से लिए जाने का प्रावधान है। CAIT के मुताबिक यह भुगतान व्यवस्था के प्रतिभागियों के बीच बंटता है। - UPI पर MDR कब से और कितना लगेगा?
CAIT के अनुसार 15 अक्टूबर 2026 से पात्र P2M लेनदेन पर 0.4% MDR का प्रावधान है। यह ₹2,000 से ज्यादा के भुगतान पर लागू होगा। ₹75,000 और उससे ऊपर अधिकतम MDR ₹300 प्रति लेनदेन है। - No UPI Day क्या था?
यह CAIT भोपाल का सांकेतिक विरोध था। व्यापारियों ने 60 सेकंड का UPI QR कोड Blackout किया। विरोध UPI का नहीं, MDR का था।
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