UPI शुल्क पर नहीं लगेगा अलग से GST: अफवाहों पर सरकार का स्पष्टीकरण
Amresh Kushwaha | Sept 18, 2026, 08:36 IST
UPI शुल्क पर नहीं लगेगा अलग से GST
15 अक्टूबर से UPI भुगतान पर लगने वाले MDR शुल्क पर सरकार ने सफाई दी है। सरकार का कहना है कि इस पर अलग से GST नहीं लगेगा, यह पहले से ही टैक्स के दायरे में है। वहीं, इंदौर के व्यापारी इसका विरोध कर रहे हैं।
समझें क्या है पूरा मामला...
- यूपीआई भुगतान पर 15 अक्टूबर से एमडीआर शुल्क लागू होगा।
- सरकार ने कहा एमडीआर पर अलग से जीएसटी नहीं लगेगा।
- यह शुल्क पहले से जीएसटी के दायरे में शामिल है।
- इंदौर के व्यापारी इस शुल्क और जीएसटी का विरोध कर रहे हैं।
- एक्सपर्ट्स के मुताबिक बैंक सालाना 15 हजार करोड़ रुपए कमा सकते हैं।
सरकार का स्पष्टीकरण
सरकार ने इसे अफवाह बताते हुए खारिज किया है। सरकार ने यह भी कहा कि कैश लेनदेन बढ़ने की उम्मीद नहीं है। यूपीआई के जरिए ज्यादातर छोटे ट्रांजेक्शन होते हैं। इसलिए लोग नकद भुगतान की तरफ नहीं लौटेंगे। सरकार को भरोसा है कि डिजिटल भुगतान आगे भी बढ़ता रहेगा।
जीएसटी को लेकर भ्रम
यूपीआई की बढ़ती अहमियत
एमडीआर की गणना समझें
यानी असल दर करीब 0.472 प्रतिशत तक पहुंच जाती है। सरकार का कहना है कि व्यापारी इस जीएसटी को इनपुट क्रेडिट के जरिए वापस पा सकते हैं। इससे उनकी वास्तविक लागत कम हो सकती है। लेकिन कई व्यापारी इस दलील से पूरी तरह सहमत नहीं हैं।
व्यापारियों का विरोध
एसोसिएशन ने साफ मांग रखी है। या तो एमडीआर के पूरे ढांचे पर फिर से विचार हो। या फिर इस पर लगने वाला 18 प्रतिशत जीएसटी पूरी तरह हटाया जाए। इंदौर के व्यापारी 18 सितंबर से इस फैसले के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। इससे पहले भी कुछ व्यापारी इस मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट तक ले गए थे। यह दिखाता है कि व्यापारियों की नाराजगी नई नहीं है। व्यापारी संगठनों का कहना है कि सिर्फ जीएसटी हटाने भर से बात नहीं बनेगी। कई छोटे कारोबारियों के पास इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने का पूरा सिस्टम भी नहीं होता। ऐसे व्यापारियों के लिए यह शुल्क सीधा नुकसान बन सकता है।
बैंकों को कितना फायदा
रुपे कार्ड पर छूट
सरकार ने यह भी साफ किया कि गूगल पे, फोन पे और पेटीएम जैसी थर्ड पार्टी एप्स ग्राहकों से कोई छिपी फीस नहीं वसूल सकेंगी। इस पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इससे आम ग्राहकों को राहत मिलेगी।
आगे क्या होगा
यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार व्यापारियों की मांग पर क्या फैसला लेती है। फिलहाल 96 प्रतिशत यूपीआई लेनदेन इस शुल्क से मुक्त रहेंगे। क्योंकि ज्यादातर भुगतान दो हजार रुपए से कम के होते हैं। आम ग्राहकों पर सीधा असर बहुत कम रहने की उम्मीद है।
ये खबरें भी पढ़िए...
इंदौर के व्यापारी बोले UPI भुगतान में 0.4 प्रतिशत शुल्क के साथ GST भी लगेगा
2000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर चार्ज के खिलाफ व्यापारी, सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती
यूपीआई पेमेंट पर किन्हें मिलेगी छूट और किन पर लगेगा जुर्माना, thesootr पर जानें सब कुछ
जीएसटी में बड़े बदलाव की तैयारी: कार से लेकर मोबाइल तक सस्ता हो सकता है ये सब कुछ
रिटायर्ड खनिज अधिकारी संजय लुणावत, पीएस पोरवाल, डायरेक्टर नोबल, कलेक्टर के खिलाफ पहुंचे कोर्ट
By Sanjay Gupta
कोटा एमबीएस अस्पताल इंजेक्शन गड़बड़ी: भर्ती नहीं हुई महिला के नाम पर इंजेक्शन, अस्पताल रिकॉर्ड में 10 सितंबर से भर्ती
By Jyoti Mahender Bhardwaj
1 करोड़ के शराब घूसकांड के आरोप में घिरे डिप्टी सीएम के OSD दीपम रायचूरा पद से हटाए गए, जांच के आदेश
By Amresh Kushwaha
SMS अस्पताल के 24 मंजिला IPD टावर में बनेगी GIS बिल्डिंग, बिजली व्यवस्था पर खर्च होंगे ₹1.62 करोड़
By Jyoti Mahender Bhardwaj
सिरोही: भाजपा में क्रॉस वोटिंग पर बवाल; मंदिर में ली थी वफादारी की कसम, अब 3 पार्षद व्हाट्सऐप ग्रुप से बाहर
By Saurabh Mishra
27% OBC आरक्षण पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 13% होल्ड पदों पर अनारक्षित वर्ग को नियुक्ति के निर्देश
By Neel Tiwari
दिल्ली जा रहे सीजेपी के 15 कार्यकर्ता इटारसी में डिटेन, अभिजीत दीपके बोले-इमरजेंसी घोषित क्यों नहीं कर देते
By Manya Jain