कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय गिरफ्तारी से बचने के लिए पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट ने बताई थी गिरफ्तारी जरूरी

Sanjay Gupta | Jul 11, 2025, 20:17 IST
Photograph: (The Sootr)
कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय की अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट से खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंची। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका मंजूर करते हुए 14 जुलाई को सुनवाई तय की है। मालवीय पर आरएसएस और पीएम मोदी पर विवादित कार्टून साझा करने का आरोप है।

INDORE. आरएसएस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विवादित कार्टून साझा करने वाले कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय की अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट से खारिज होने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पुहंच गया है। मालवीय ने अग्रिम जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी, जिसे मंजूर कर लिया गया है और इस पर 14 जुलाई को सुनवाई तय की गई है।



8 जुलाई को हाईकोर्ट ने खारिज की थी

इससे पहले मंगलवार 8 जुलाई को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हेमंत की याचिका खारिज कर दी थी। मालवीय की अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर ने कहा कि मामला एक कार्टून से संबंधित है, जिसे मालवीय ने 2021 में कोविड के दौरान बनाया था, इस अपराध में अधिकतम तीन साल की ही सजा का प्रावधान है।



अधिवक्ता विनय जोशी ने की है शिकायत

इंदौर के कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय ने हाल ही में आरएसएस और पीएम मोदी को लेकर विवादित कार्टून बनाए थे। अधिवक्ता और आरएसएस के स्वयंसेवक विनय जोशी ने हेमंत मालवीय के खिलाफ शिकायत की थी। इसमें कहा गया था कि उन्होंने फेसबुक पर हेमंत मालवीय की प्रोफाइल देखी, जहां यह कार्टून पोस्ट किया गया था।



उन्होंने आरोप लगाया कि यह सामग्री जानबूझकर आरएसएस और हिंदू समाज की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के उद्देश्य से साझा की गई है। साथ ही प्रधानमंत्री और भगवान शिव पर की गई टिप्पणियों को समाज में तनाव फैलाने वाला बताया।



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हेमंत मालवीय की अग्रिम जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में मामला: संघ और प्रधानमंत्री मोदी पर विवादित कार्टून बनाने के कारण कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय की अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट से खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में पहुंची। सुप्रीम कोर्ट ने 14 जुलाई को सुनवाई तय की है।

हाईकोर्ट ने 8 जुलाई को खारिज की थी याचिका: 8 जुलाई को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने मालवीय की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर ने बताया कि कार्टून में अधिकतम तीन साल की सजा का प्रावधान है।

विनय जोशी की शिकायत: इंदौर के अधिवक्ता और आरएसएस स्वयंसेवक विनय जोशी ने हेमंत मालवीय के खिलाफ शिकायत की थी, जिसमें आरोप लगाया कि विवादित कार्टून से आरएसएस और हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।

पिछले केस: हेमंत मालवीय के खिलाफ पहले भी शिकायतें और मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें बाबा रामदेव और पीएम मोदी की मां के निधन पर विवादित पोस्ट शामिल हैं। हाईकोर्ट ने इन मामलों को ध्यान में रखते हुए अग्रिम जमानत खारिज की थी।

मालवीय पर पहले भी हुए ऐसे केस

कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय के खिलाफ इसके पहले भी केस हुए हैं। हरिद्वार के कनखल थाने में बाबा रामदेव ने भी एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी की मां के निधन पर मालवीय द्वारा की गई एक पोस्ट को लेकर भी आपत्ति जताई गई थी।



उस समय भी थाने में शिकायत की गई थी, जिसके बाद मालवीय पर धारा 188 के तहत मामला दर्ज किया गया था। हाईकोर्ट ने इन सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। मालवीय ने इस पर द सूत्र से कहा था कि बहुत छोटा मामला है, मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि क्या हो रहा है। MP News



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