मंत्री के करीबी कारोबारी जैसवानी धोखे से ली कंपनी को गिरवी रख ले रहे 116 करोड़ का लोन
मप्र के कैबिनेट मंत्री के करीबी कन्फेक्शनरी कारोबारी संजय जैसवानी के खिलाफ कोर्ट के परिवाद के बाद दर्जन भर धाराओं में केस दर्ज हुआ है। इसमें धोखाधड़ी, लूट सहित कई गंभीर धाराएं हैं। अब इस मामले में रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज से निकले दस्तावेज से एक और बड़ा खुलासा हो रहा है। जैसवानी के ग्रुप पर रशियन नागरिक गौरव अहलावत की कंपनी जीआरवी बिस्किट प्रालि को अपने नाम कराने का आरोप है। अब इसमें खुलासा हुआ है कि इसी कंपनी को गिरवी रख वह बैंक से 116 करोड़ का बैंक लोन उठा रहा है।
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इस बैंक से कर दिया आवेदन, गिरवी रखी कंपनी
जीआरवी ही वह कंपनी जिसे लेकर पूरा विवाद
उल्लेखनीय है कि जीआरवी ही वह कंपनी है जिसे लेकर रशियन नागरिक गौरव अहलावत और जैसवानी ग्रुप के बीच भारी विवाद चल रहा है। इसी मामले में सीए को भी बंधक बनाकर पीटा गया था, जिसमें भी जैसवानी के खिलाफ केस हुआ। अहलावत का आरोप है कि जैसवानी ग्रुप ने उनके शेयर होल्डिंग पुराने स्टांप पर धोखाधड़ी कर बदल दिए और फैक्टरी पर कब्जा कर लिया। वहीं, जैसवानी ने भी तीन करोड़ के ट्रांजैक्शन को लेकर अहलावत पर धोखाधड़ी का केस कराया है।
ग्रुप की विविध कंपनियों पर इतना बैंक लोन
- खालसा न्यूट्रियस इंडिया प्रालि - 101 करोड़ रुपए
- जीआरवी बिस्किट्स प्रालि - 11 करोड़
- केम्को च्यू फूड प्रालि - 245 करोड़ रुपए
- सकाना भारत ट्वाय कैंडी प्रालि - 3 करोड़ रुपए
जिला कोर्ट से याचिकाएं खारिज, हाईकोर्ट जा रहे
उधर, अहलावत के आवेदन पर कोर्ट के आदेश से लसूडिया थाने में जैसवानी सहित कई लोगों पर केस दर्ज हुआ है। अब आरोपी अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट गए हैं। इसमें कंचन जीवनानी की जमानत हाल ही में जिला कोर्ट से खारिज हो गई है। वहीं, नितिन जीवनानी, विजय जैसवानी, यतींद्र जोशी, संजय जैसवानी व अन्य हाईकोर्ट गए हैं। इसमें नितिन, विजय, यतींद्र को अभी हाईकोर्ट से राहत मिली है कि उनके खिलाफ कोई कोएर्सिव एक्शन न लिया जाए।
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