चंबल में अवैध खनन: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी न CCTV कैमरे, न ड्रोन से रखवाली
समझें पूरा मामला...
- मुरैना-भिंड में चंबल घाटों पर अवैध खनन जारी।
- सुप्रीम कोर्ट आदेश के बावजूद CCTV और ड्रोन नहीं लगाए।
- पुलिस बल केवल राजघाट पर, बाकी घाट खुले छोड़े गए।
- ट्रैक्टर-ट्रालियां थानों के सामने बिना रुकावट निकल रही हैं।
- आरटीओ नेतृत्व में वाहनों की चेकिंग की ड्यूटी लगी है।
रतन मिश्रा@GWALIOR. मुरैना भिंड में अवैध रेत का खनन रोकने में जिला प्रशासन पूरी तरह नाकाम है। इसके पीछे मुख्य कारण न्यायालय के आदेशों का पालन न करना है। इन घाटों पर सीसीटीवी कैमरे तथा ड्रोन से निगरानी करनी थी।
सशस्त्र पुलिस बल की ड्यूटी लगानी थी, लेकिन मुरैना जिला प्रशासन ने राजघाट पर ड्यूटी लगाकर बाकी घाटों को खुला छोड़ दिया जिसके कारण खनन पर रोक नहीं लग पा रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने दिए थे सख्त आदेश
अवैध खनन को रोकने के लिए कुछ दिनों पहले सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर वन मंत्रालय का उच्च स्तरीय दल मुरैना जिले पहुंचा था। इस दल में वन मंत्रालय के प्रतिनिधियों के अलावा मुख्य वन संरक्षक, डीएफओ, कलेक्टर, एसपी के अमले ने स्टीमर में बैठकर भिंड मुरैना के सभी घाटों का बारीकी से संरक्षण किया था।
जिला प्रशासन को सख्त आदेश दिए थे कि इन घाटों पर पुलिस बल तैनात किया जाए। सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और ड्रोन से निगरानी की जाए, जिससे खनन माफिया पर रोक लगाई जा सके।
अगर राजघाट को छोड़ दिया जाए तो अन्य घाटों पर पुलिस बल नहीं लगा है। न सीसीटीवी कैमरे लगाए और न ही ड्रोन से निगरानी की गई। इस वजह से रेत के अवैध खनन पर रोक नहीं लग पा रही है।
मुरैना जिले के चंबल घाट
राजघाट, रिठौरा घाट, गड़ौरा घाट, बरवासिन घाट, डाबर पूरा घाट, भर्रा घाट, सर सरसैनी घाट, टीकरी घाट, ऐसाह घाट, कुथियाना घाट, दलजीत का पुरा घाट, उसैद घाट, अटार घाट, रही घाट आदि।
भिंड जिले के चंबल घाट
भिंड जिले के प्रमुख घाटों में होतीपुरा घाट, रछेड घाट, खुर्द (रायपुरा) घाट, सहसपुर घाट, खैरार घाट, अटेर घाट, बिजोरा घाट, बड़ापुरा घाट, बरही घाट, ज्ञानपुरा तथा सांकरी घाट से अवैध खनन होता है।
थानों के सामने से निकल रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली
भिंड एवं मुरैना जिले में पुलिस थानों के सामने से अवैध रेत से भरी ट्रैक्टर ट्रालियां धड़धड़ाती हुई निकलती हैं। पुलिस वाले भी उन्हें पकड़ने की जहमत नहीं उठाते। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो इसमें पुलिस की मिली भगत शामिल है। कई बार इन में ट्रैक्टर ट्रालियों की चपेट में राहगीर आ चुके हैं।
यह की गई स्थाई व्यवस्था
जिला प्रशासन मुरैना द्वारा क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी विक्रम सिंह कंग के नेतृत्व में वाहनों की चेकिंग का जिम्मा सौंपा गया है। उनके अधीन एक परिवहन निरीक्षक, एक उपनिरीक्षक, एक चौकी प्रभारी, तीन पाव निरीक्षक सात-सात दिन की ड्यूटी पर रहेंगे।
30 परिवहन आरक्षकों की पोस्टिंग की गई है। 21 आरक्षकों का बल SAF द्वारा दिया गया है। इन सभी को काम सोपा गया है कि वह अवैध वाहनों, जेसीबी, पोकलेन, ट्रैक्टर ट्राली तथा डंपर की चेकिंग करें।
यह अमला नेशनल हाईवे क्रमांक 44 पर मौजूद बानमोर, आरटीओ चेक पोस्ट, देवगढ़, रछेढ चौराहा, टैटरा, कैलारस, रामपुर, पोरसा, अटेर चौराहा तथा बरही में चेकिंग करेगा।
कहते हैं खनिज अधिकारी
अवैध खनन को रोकने के लिए आरटीओ के नेतृत्व में वाहनों की चेकिंग की ड्यूटी लगाई गई है। फिलहाल अभी इतना ही किया गया है।
-एसके निर्मल, जिला खनिज अधिकारी, मुरैना
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