जान देने से पहले मेहंदी से हाथ-पैर पर लिखा सुसाइड नोट, ससुराल की यातनाओं का जिक्र

Pawan Modiya | Jul 12, 2026, 17:59 IST
प्रीति वर्मा मेहंदी सुसाइड नोट
छिंदवाड़ा में प्रीति वर्मा ने जहर खाकर जान दी। मरने से पहले हाथ-पैर पर मेहंदी से सुसाइड नोट लिखा, जिसमें ससुराल में प्रताड़ना का जिक्र है। पुलिस जांच में जुटी है।

    समझें क्या है पूरा मामला

    • छिंदवाड़ा में प्रीति वर्मा नाम की महिला ने जहर खाकर जान दी।
    • मरने से पहले उसने हाथ पैर पर मेहंदी से सुसाइड नोट लिखा।
    • नोट में ससुराल में मिल रही प्रताड़ना का जिक्र है।
    • भाई ने पति और ससुरालवालों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया।
    • पुलिस ने शव पोस्टमार्टम भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    जहर खाकर दी जान

    मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से एक दुखद मामला सामने आया है। यह घटना चौरई थाना क्षेत्र की है। यहां रहने वाली प्रीति वर्मा की उम्र 32 साल थी। उसने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। यह खबर सुनकर पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया। परिजनों के मुताबिक प्रीति की शादी करीब 13 साल पहले हुई थी। उसका विवाह लखन वर्मा से हुआ था। भाई का आरोप है कि शादी के बाद हालात बदल गए। उनके मुताबिक ससुराल वाले उसे लगातार प्रताड़ित करते रहे।



    मेहंदी से लिखा सुसाइड नोट

    प्रीति ने मरने से पहले अपने हाथों और पैरों पर मेहंदी लगाई। इसी मेहंदी से उसने अपने शरीर पर सुसाइड नोट लिख डाला। यह तरीका देखकर पुलिस भी चौंक गई। नोट में उसने ससुराल में मिल रही प्रताड़ना की बातें लिखीं। पुलिस ने मृतका के हाथ पैरों पर लिखे नोट की वीडियोग्राफी भी कराई है। यह वीडियोग्राफी आगे की जांच में सबूत के तौर पर काम आएगी।



    डर के साये में मौत

    मृतका के भाई हरिओम जांघेला ने ससुरालवालों पर प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि प्रीति को एक बात का डर था। उन्हें आशंका थी कि मौत के बाद कागज वाला नोट नष्ट हो सकता है। उन्हें लगा कि ससुरालवाले सबूत मिटा सकते हैं। इसी वजह से उसने अपने शरीर पर ही नोट लिख दिया। ऐसा इसलिए किया गया ताकि सबूत को कोई मिटा न सके। भाई का कहना है कि यह डर बेवजह नहीं था। उनके मुताबिक प्रीति सालों से मानसिक दबाव में जी रही थी।



    नोट में लिखी ये बातें

    आरोप के मुताबिक नोट में प्रीति ने कई तकलीफदेह बातें लिखी हैं। इसमें ससुराल में मिली गालियों और प्रताड़ना का जिक्र है। नोट में परिवार के कुछ सदस्यों के नाम भी शामिल बताए गए हैं। इसमें कथित तौर पर एक रिकॉर्डिंग का भी उल्लेख है। पुलिस अब इन दावों की अलग से जांच कर रही है। फिलहाल इनमें से कोई भी आरोप अदालत में साबित नहीं हुआ है। जांच पूरी होने पर ही तस्वीर साफ हो पाएगी।



    बयान से पहले ही दम तोड़ा

    पुलिस के मुताबिक प्रीति ने जहर का सेवन किया था। इसके बाद परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए। पहले उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत बिगड़ने पर उसे एक निजी अस्पताल भेजा गया। डॉक्टर लगातार उसका इलाज करते रहे। लेकिन पुलिस उसका बयान दर्ज नहीं कर पाई। शनिवार शाम इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई।



    भाई का बड़ा आरोप

    भाई हरिओम जांघेला का आरोप है, पति ने उसे लंबे समय तक प्रताड़ित किया। उनका यह भी कहना है कि ससुरालवाले भी इसमें शामिल थे।उनके मुताबिक प्रीति को मानसिक रूप से सताया जाता था। साथ ही उसे शारीरिक तौर पर भी प्रताड़ित किया जाता था। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि अदालत में होना अभी बाकी है। दोष सिद्ध होने तक आरोपियों को निर्दोष ही माना जाएगा।



    पहले भी शिकायत की थी

    परिजनों के मुताबिक प्रीति ने पहले भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। यह शिकायत उसने दो से तीन बार की थी। हर बार पति लखन वर्मा उसे भरोसे में ले लेता था। इसके बाद मामला शांत हो जाता था। भाई का कहना है कि इसी वजह से मामला आगे नहीं बढ़ पाया। परिवार को अब निष्पक्ष जांच और न्याय की उम्मीद है।



    पुलिस की जांच शुरू

    पुलिस ने प्रीति के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच अब आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी गई है। मृतका के हाथ पैरों पर लिखे नोट को सबूत माना जा रहा है। इसकी वीडियोग्राफी पहले ही करा ली गई है। पुलिस अब परिवार वालों के बयान भी दर्ज करेगी। ससुराल पक्ष का पक्ष भी जांच में शामिल किया जाएगा। पूरी जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।



    दहेज कानून के प्रावधान

    भारत में वैवाहिक प्रताड़ना पर सख्त कानूनी प्रावधान मौजूद हैं। ऐसे मामलों में पीड़िता या परिजन पुलिस में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। कानून के तहत प्रताड़ना साबित होने पर सजा हो सकती है। यह सजा पति और ससुरालवालों दोनों को हो सकती है। हालांकि हर आरोप की पुष्टि जांच और अदालत में ही होती है। तब तक किसी को भी दोषी नहीं ठहराया जा सकता।



    दुर्लभ है यह तरीका

    शरीर पर मेहंदी से सुसाइड नोट लिखने के मामले बेहद कम सामने आते हैं। पुलिस अधिकारियों के लिए भी यह तरीका असामान्य माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा तरीका पीड़िता के गहरे डर को दिखाता है। यह डर सबूत मिटाए जाने की आशंका से जुड़ा बताया जा रहा है। ऐसे सबूत अदालत में अहम भूमिका निभा सकते हैं।



    जरूरी FAQ



    छिंदवाड़ा में प्रीति वर्मा के साथ क्या हुआ?


    छिंदवाड़ा के चौरई थाना क्षेत्र में रहने वाली 32 वर्षीय प्रीति वर्मा ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। मरने से पहले उसने अपने हाथों और पैरों पर मेहंदी से सुसाइड नोट लिखा। भाई का आरोप है कि ससुराल में उसे सालों से प्रताड़ित किया जा रहा था।



    प्रीति ने कागज की जगह शरीर पर नोट क्यों लिखा?


    भाई हरिओम जांघेला के मुताबिक प्रीति को डर था कि कागज पर लिखा नोट मौत के बाद नष्ट कर दिया जाएगा। इसी आशंका के चलते उसने मेहंदी से अपने शरीर पर सुसाइड नोट लिखा, ताकि यह सबूत मिटाया न जा सके।



    पुलिस अब इस मामले में क्या कर रही है?


    पुलिस ने प्रीति के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। उसके हाथ पैरों पर लिखे नोट की वीडियोग्राफी कराई गई है। परिवार और ससुराल पक्ष दोनों के बयान दर्ज किए जाएंगे। फिलहाल कोई भी आरोप अदालत में साबित नहीं हुआ है।



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