सीएचओ बोलीं, अंधभक्त मत बनो, शिव भक्त बन जाओ, बीजेपी ने की कार्रवाई की मांग
समझें क्या है पूरा मामला
- सीएचओ किरण भाटिया ने सरकारी केंद्र में वीडियो बनाया।
- भाटिया ने मोदी सरकार और समर्थकों पर टिप्पणी की।
- वीडियो वायरल होने पर भाजपा नेताओं ने आपत्ति जताई।
- सीएमएचओ ने सेवा से हटाने का पत्र भेजा।
- किरण भाटिया ने पोस्ट हटाकर माफी मांगी।
किसने और कहां बनाया वीडियो
जावरा, रतलाम की रहने वाली किरण भाटिया साल 2023 से काकड़वा उप स्वास्थ्य केंद्र में तैनात हैं। उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन का जिक्र किया। साथ ही सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन की बात कही। यह वीडियो मंगलवार रात सोशल मीडिया स्टेटस पर पोस्ट हुआ था।
पोस्ट होते ही यह वीडियो तेजी से लोगों के बीच फैल गया। कई लोगों ने इसे शेयर करना शुरू कर दिया। कुछ ही घंटों में यह जिले भर में चर्चा का विषय बन गया।
वीडियो में क्या-क्या कहा
वीडियो में किरण भाटिया ने कहा कि जंतर-मंतर में लाठीचार्ज के बावजूद कुछ लोग मोदी सरकार को बेस्ट बताते हैं। उन्होंने ऐसे समर्थकों पर हैरानी जताई। उनका कहना था कि लोग सही और गलत की पहचान नहीं कर पा रहे।
भाटिया ने आगे कहा कि गलत नेता चुनने से आने वाली पीढ़ियों को नुकसान होगा। उन्होंने खुद को किसी राजनीतिक दल का समर्थक नहीं बताया। उनका कहना था कि वे सिर्फ सोनम वांगचुक के फैसलों का समर्थन करती हैं। वीडियो के अंत में उन्होंने लोगों से शिव भक्त बनने की अपील की। उनका कहना था कि इससे जीवन और सोच दोनों में सुधार आएगा।
भाजपा नेताओं ने जताई आपत्ति
वीडियो सामने आते ही टांडा मंडल के भाजपा नेता नाराज हो गए। भाजपा मंडल अध्यक्ष अमरसिंह सोलंकी ने इसे केंद्रीय सिविल सेवा आचरण अधिनियम का उल्लंघन बताया। उनका कहना था कि सरकारी भवन में बैठकर सरकार की आलोचना करना नियमों के खिलाफ है।
भाजपा नेताओं ने सीएमएचओ, इंदौर के संयुक्त संचालक और जिलाध्यक्ष को शिकायत भेजी। शिकायत में सीएचओ को तुरंत सेवा से हटाने की मांग की गई है।
सीएमएचओ ने भेजा बर्खास्तगी का पत्र
मामले की गंभीरता को देखते हुए धार की सीएमएचओ डॉ. अनीता सिंगारे ने कार्रवाई शुरू कर दी। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम – National Health Mission) के संचालक को पत्र लिखा है। पत्र में सीएचओ को सेवा से पृथक करने की सिफारिश की गई है।
सीएचओ ने मांगी माफी
विवाद बढ़ने पर किरण भाटिया ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट हटा ली। उन्होंने सफाई दी कि उनका इरादा सरकार की आलोचना करना नहीं था। साथ ही उन्होंने इस पूरे मामले पर माफी मांगी है। हालांकि सफाई के बावजूद विभागीय कार्रवाई नहीं रुकी। सीएमएचओ की सिफारिश के बाद अब आगे का फैसला एनएचएम संचालक के हाथ में है। जिले में यह मामला फिलहाल चर्चा का विषय बना हुआ है।
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