महिला आरक्षण पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने विपक्ष को जमकर घेरा

Anjali Dwivedi | Apr 16, 2026, 17:41 IST
cm mohan yadav
सीएम डॉ. मोहन यादव ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि बिल का विरोध कांग्रेस की महिला विरोधी सोच को दर्शाता है। अब 1971 की बेड़ियों से लोकतंत्र मुक्त होगा।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। मुख्यमंत्री ने इस अधिनियम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम बताया है। इस निर्णय ने भारतीय राजनीति में महिलाओं के सदियों पुराने लंबे इंतजार को खत्म कर दिया है। उन्होंने कांग्रेस को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वे इस कदम का विरोध करते हैं, तो जनता के बीच उनकी महिला विरोधी छवि पूरी तरह पुख्ता हो जाएगी।



1971 की पुरानी बेड़ियों से अब मिलेगी आजादी

सीएम ने परिसीमन (Delimitation) के मुद्दे पर कहा कि हमारा लोकतंत्र अब तक 1971 की जनगणना के आधार पर चल रही पुरानी व्यवस्थाओं को ढो रहा था। प्रधानमंत्री मोदी का यह निर्णय लोकतंत्र की जड़ों को सींचने वाला है।



नए परिसीमन के बाद जब यह अधिनियम लागू होगा तो यह हमारी बहनों के लिए नीति-निर्धारण के बंद द्वार खोल देगा। इससे देश की आधी आबादी को शासन में अपना पूरा बल और संवैधानिक अधिकार प्राप्त होगा।



कांग्रेस की कथनी और करनी में बड़ा अंतर

विपक्ष की राजनीति पर कड़ा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की नीति और नीयत में हमेशा से खोट रहा है। डॉ. यादव ने कहा, कांग्रेस कहती तो है कि वे महिला आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन आज वे पूरी तरह बेनकाब हो चुके हैं।



सीएम ने आगे कहा कि जिस बिल का स्वागत एक उत्सव की तरह होना चाहिए था, उस पर कांग्रेस मीन-मेख निकाल रही है। अगर उन्हें कोई आपत्ति है, तो वे सदन के फ्लोर पर बात करें, बाहर जाकर विरोध करना उनकी नकारात्मक मानसिकता का प्रमाण है।



तीन तलाक के पाप का जिक्र कर घेरा

मुख्यमंत्री ने इतिहास की याद दिलाते हुए कहा कि कांग्रेस को यह नहीं भूलना चाहिए कि तीन तलाक जैसी अमानवीय प्रथा को लंबे समय तक संरक्षण देने का पाप उन्हीं के माथे पर है। आज जब भाजपा सरकार महिलाओं को वास्तव में सशक्त कर रही है, तो कांग्रेस को पीड़ा हो रही है। यही वजह है कि जनता का भरोसा खोने के कारण कांग्रेस का जनाधार लगातार गिरता जा रहा है।



अपनी सरकार का पक्ष मजबूती से रखते हुए डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि बीजेपी के लिए महिला सशक्तिकरण केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि एक सामाजिक प्रतिबद्धता है।



उन्होंने कहा, हम राजनीति के लिए नहीं, बल्कि समाज सुधार के लिए कड़े निर्णय लेते हैं। हम जो भी करते हैं, खुले मन से और पूरी स्पष्टता के साथ कहते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि महिलाओं के सम्मान का यह नया अध्याय अब किसी भी नकारात्मक राजनीति से नहीं रुकेगा।



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