महिला आरक्षण संशोधन बिल पर आज संसद में होगी बहस, ये तीन बिल होंगे पेश
Amresh Kushwaha | Apr 16, 2026, 10:57 IST
womens reservation bill 2026 parliament debate delimitation 850 seats
संसद के विशेष सत्र में आज महिला आरक्षण को प्रभावी बनाने के लिए तीन अहम संशोधन विधेयक पेश किए जाएंगे। इसमें लोकसभा सीटों को 850 तक बढ़ाने का प्रस्ताव शामिल है।
भारतीय लोकतंत्र और राजनीति के इतिहास में आज का दिन बेहद खास साबित हो सकता है। संसद का विशेष सत्र आज, 16 अप्रैल से शुरू हो रहा है। इसका मुख्य केंद्र बिंदु महिला आरक्षण कानून यानी नारी शक्ति वंदन अधिनियम को धरातल पर उतारना है। सरकार इस सत्र में आज तीन नए संशोधन विधेयक पेश करने जा रही है, जो भविष्य की राजनीति का खाका तैयार करेंगे।
सदन की कार्यवाही के दौरान मोदी सरकार अपनी रणनीति को स्पष्ट करेगी। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल पहले दो अहम विधेयक पेश करेंगे, जबकि तीसरा और सबसे अहम विधेयक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा सदन के पटल पर रखा जाएगा।
इस ऐतिहासिक चर्चा के लिए कार्य मंत्रणा समिति ने कुल 18 घंटे का समय निर्धारित किया है। यह बहस शुक्रवार तक खिंचने की संभावना है, जिसके बाद इसे उच्च सदन यानी राज्यसभा में भेजा जाएगा।
संसद में पेश होने वाले ये तीन विधेयक न केवल महिलाओं की भागीदारी तय करेंगे, बल्कि संसद के स्वरूप को भी बदल देंगे:
सरकार का सबसे बड़ा और साहसिक प्रस्ताव लोकसभा की सदस्य संख्या को वर्तमान 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 करना है। इसका उद्देश्य यह है कि 2029 के आम चुनाव तक महिलाओं के लिए 33% आरक्षण को पूरी तरह प्रभावी बनाया जा सके।
2023 के मूल अधिनियम में जनगणना और परिसीमन की शर्त जुड़ी थी। इसे अब इन विधेयकों के जरिए गति देने की कोशिश की जा रही है ताकि प्रक्रिया में दशकों का समय न लगे।
जहां एक ओर सरकार इसे महिला सशक्तिकरण का जरिया बता रही है, वहीं विपक्ष ने मोर्चा खोल दिया है। राहुल गांधी ने इसे सत्ता हथियाने की कोशिश करार देते हुए परिसीमन और जेरीमेंडरिंग (Gerrymandering - चुनावी क्षेत्रों में हेरफेर) पर चिंता जताई है।
दक्षिण भारत (South India) के राज्यों में इस बात का डर है कि जनसंख्या के आधार पर सीटें बढ़ने से राष्ट्रीय राजनीति में उनका प्रभाव कम हो सकता है। हालांकि, सरकार ने भरोसा दिया है कि किसी भी राज्य की सीटें घटेंगी नहीं, बल्कि संतुलित रूप से बढ़ेंगी।
दिलचस्प बात यह है कि बसपा प्रमुख मायावती ने इस कदम का स्वागत किया है, हालांकि उन्होंने इसमें SC, ST और OBC महिलाओं के लिए अलग कोटा (Quota) और 50% आरक्षण की मांग रखी है।
दूसरी ओर, मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर हुई 20 विपक्षी दलों की बैठक में एकजुट होकर लड़ने का फैसला लिया गया है। विपक्ष का कहना है कि वे महिला आरक्षण के सिद्धांत के साथ हैं, लेकिन सरकार के लागू करने के 'राजनीति प्रेरित' तरीके के खिलाफ हैं।
ये खबर भी पढ़िए...
परिसीमन पर गरमाई राजनीति, महिला आरक्षण के साथ विपक्ष; कल होगी बड़ी बहस
लोकसभा सीटें 850 करने की तैयारी: महिला आरक्षण और परिसीमन से कैसे बदलेगी भारतीय राजनीति?
महिला आरक्षण नहीं, परिसीमन है असली मुद्दा, सोनिया गांधी, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष
तीन दशक तक क्यों अटका रहा महिला आरक्षण? पढ़िए देवेगौड़ा-वाजपेयी और मनमोहन सरकार की कहानी
अर्जुन राम मेघवाल और अमित शाह संभालेंगे कमान
इस ऐतिहासिक चर्चा के लिए कार्य मंत्रणा समिति ने कुल 18 घंटे का समय निर्धारित किया है। यह बहस शुक्रवार तक खिंचने की संभावना है, जिसके बाद इसे उच्च सदन यानी राज्यसभा में भेजा जाएगा।
तीन विधेयकों का गणित: क्या है सरकार का मास्टरप्लान?
- केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक 2026: इसके तहत दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पुडुचेरी की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण (Reservation) सुनिश्चित किया जाएगा।
- संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026: यह विधेयक जनसंख्या (Population) की नई परिभाषा तय करेगा और बढ़ती आबादी को देखते हुए सांसदों की संख्या बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
- परिसीमन विधेयक 2026: यह सबसे तकनीकी हिस्सा है, जिसमें लोकसभा और विधानसभा सीटों के पुनर्निर्धारण (Redrawing of Constituencies) की योजना है।
850 तक पहुंच सकती है लोकसभा सीटों की संख्या
2023 के मूल अधिनियम में जनगणना और परिसीमन की शर्त जुड़ी थी। इसे अब इन विधेयकों के जरिए गति देने की कोशिश की जा रही है ताकि प्रक्रिया में दशकों का समय न लगे।
विपक्ष की घेराबंदी: सत्ता कब्जाने का आरोप
दक्षिण भारत (South India) के राज्यों में इस बात का डर है कि जनसंख्या के आधार पर सीटें बढ़ने से राष्ट्रीय राजनीति में उनका प्रभाव कम हो सकता है। हालांकि, सरकार ने भरोसा दिया है कि किसी भी राज्य की सीटें घटेंगी नहीं, बल्कि संतुलित रूप से बढ़ेंगी।
मायावती का साथ और खड़गे की रणनीति
दूसरी ओर, मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर हुई 20 विपक्षी दलों की बैठक में एकजुट होकर लड़ने का फैसला लिया गया है। विपक्ष का कहना है कि वे महिला आरक्षण के सिद्धांत के साथ हैं, लेकिन सरकार के लागू करने के 'राजनीति प्रेरित' तरीके के खिलाफ हैं।
ये खबर भी पढ़िए...
परिसीमन पर गरमाई राजनीति, महिला आरक्षण के साथ विपक्ष; कल होगी बड़ी बहस
लोकसभा सीटें 850 करने की तैयारी: महिला आरक्षण और परिसीमन से कैसे बदलेगी भारतीय राजनीति?
महिला आरक्षण नहीं, परिसीमन है असली मुद्दा, सोनिया गांधी, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष
तीन दशक तक क्यों अटका रहा महिला आरक्षण? पढ़िए देवेगौड़ा-वाजपेयी और मनमोहन सरकार की कहानी
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA