सीएम मोहन यादव ने इंदौरी नेताओं को दिखाया आईना, मंच पर छुए सत्तन गुरु के पैर
News In Short
- दशहरा मैदान कार्यक्रम में सत्तन गुरु को मंच पर जगह नहीं मिली थी।
- उनके नाम की कुर्सी नहीं लगी तो वे कार्यक्रम छोड़कर लौट गए थे।
- अगले दिन नेताओं ने उनके घर जाकर माफी मांगी थी।
- सत्तन गुरु ने खुद को पार्टी में अप्रासंगिक बताया है।
- अब सीएम मोहन यादव ने मंच पर सत्तन गुरु के पैर छूकर सम्मान दिया।
News In Detail
इंदौर की नेतानगरी बीजेपी के वरिष्ठ नेता सत्यनारायण सत्तन को मंच पर जगह नहीं दे सकी। इस पर भारी राजनीति हुई। लेकिन अब रविवार 19 अप्रैल को सीएम डॉ. मोहन यादव ने मंच पर सत्तन गुरु के पैर छुए और उन्हें लेकर कई बातें कही। कुल मिलाकर इंदौरी नेताओं को आईना दिखा दिया।
नाम था पर कुर्सी नहीं
इंदौर में 30 मार्च को नर्मदा के चतुर्थ चरण को लेकर इंदौर के दशहरा मैदान पर कार्यक्रम हुआ था। मंच पर बैठने वालों में बीजेपी नेता सत्यनारायण सत्तन का भी नाम 26वें नंबर पर था, लेकिन उनके नाम की कुर्सी नहीं लगी थी।
इसके बाद वह लौटकर चले गए थे। अगले दिन 31 मार्च को बीजेपी नगराध्यक्ष सुमित मिश्रा उनके घर माफी मांगने गए थे। वहीं महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने वीडियो जारी कर खेद जताया और कहा कि त्रुटिवश पर्ची नहीं लगने से यह सब हुआ था।
सत्तन गुरु बोले थे अब वह प्रासंगिक नहीं रहे
उधर सत्तन गुरु ने कहा था कि अब वह पार्टी के लिए प्रासंगिक नहीं रह गए हैं। अब पार्टी जिन लोगों के इशारे पर चल रही है उनके कुछ लोग ही पार्टी के धुरंधर बन गए हैं।
उन्होंने कहा था कि जो लोग माई-बाप बन गए हैं उनके इशारों पर ही नियुक्ति होती है। हालांकि अब सीएम डॉ. मोहन यादव ने बताया कि कैसे वरिष्ठ नेताओं की इज्जत की जाती है और डैमेज कंट्रोल होता है।
सीएम ने इस तरह किया डैमेज कंट्रोल
परशुराम जयंती के मौके पर सीएम रविवार 19 अप्रैल की रात को बड़ा गणपति से निकल रही भगवान परशुराम शोभायात्रा के कार्यक्रम में पहुंचे थे। यह यात्रा सर्व ब्राह्मण समाज द्वारा निकाली गई थी। मंच पर पहुंचते ही सीएम ने सत्तन गुरु के पैर छुए और आशीर्वाद लिया। साथ ही सीएम काफी देर तक उनके हाथ पकड़े रहे।
सीएम ने कहा कि हमारे वरिष्ठ नेता, सरस्वती पुत्र सत्तनजी हैं। मैं भाग्यशाली हूं कि जब कभी भी मेरा चुनाव लड़ने का हुआ और कार्यालय का उद्घाटन कोई करे ना करें लेकिन सत्तन गुरु जी आते हैं। हमारे कार्यालय का उद्घाटन करते हैं। आपका आशीर्वाद लेकर उज्जैन में महाकाल की कृपा से कमल खिलता है।
सत्तन की बेटी ने भी लिखा था पत्र
इस मामले में सत्यनारायण सत्तन की बेटी और कांग्रेस नेत्री कनुप्रिया ने अपने पिता का अपमान बताते हुए चिट्ठी लिखी थी। इसमें पीएम और सीएम से मामले की जांच कराने की बात कही थी। उन्होंने लिखा था कि यह साजिश है और बीजेपी में उनके पिता का अपमान हुआ है।
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