किसानों का 17 साल पुराना इंतजार खत्म, देश की सबसे बड़ी टनल हुई तैयार

Kaushiki | Jul 15, 2026, 15:30 IST
countrys longest tunnel
मध्यप्रदेश के किसानों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी आई है। स्लीमनाबाद में देश की सबसे बड़ी 11.95 किलोमीटर लंबी वाटर टनल बनकर तैयार हो गई है। इससे विंध्य क्षेत्र के कई जिलों की करीब 1.85 लाख हेक्टेयर जमीन को पानी मिलेगा।

समझें क्या है पूरा मामला

  • मध्यप्रदेश के किसानों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी आई है।
  • देश की सबसे बड़ी वाटर टनल का काम पूरा हो गया है।
  • इस टनल को बनाने में पूरे 17 साल का समय लगा है।
  • इसके जरिए विंध्य क्षेत्र के कई जिलों को नर्मदा जल मिलेगा।
  • इस योजना से करीब 1.85 लाख हेक्टेयर खेती सिंचित होगी।

देश की सबसे बड़ी वाटर टनल हुई तैयार

मध्यप्रदेश के किसानों के लिए बहुत बड़ी खबर आई है। सरकार किसानों को बड़ी सौगात देने जा रही है। देश की सबसे बड़ी वाटर टनल आखिरकार अब बनकर तैयार हो गया है। इस टनल के जरिए विंध्यक्षेत्र के रीवा, सतना, मैहर कटनी में नर्मदा का पानी मिलेगा। इस टनल का काम पूरा होना मध्यप्रदेश के लिए ऐतिहासिक क्षण है। इस शानदार टनल के जरिए विंध्य क्षेत्र के सूखे खेतों तक नर्मदा जल पहुंचेगा। इससे वहां सिंचाई की बड़ी समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।



किसानों का 17 साल पुराना इंतजार खत्म

इस जरूरी वाटर टनल का काम काफी समय से चल रहा था। लोगों को इसका पूरे 17 साल से बहुत बेसब्री से इंतजार था। अब जाकर किसानों का यह लंबा और कठिन इंतजार पूरी तरह खत्म हुआ है।



बरगी डायवर्शन प्रोजेक्ट के तहत स्लीमनाबाद में यह काम पूरा किया गया। यहां करीब 12 किलोमीटर लंबी पहाड़ी सुरंग को सफलतापूर्वक भेद दिया गया है। इस टनल को बनाने के लिए आधुनिक मशीनों की मदद ली गई।



विंध्य के इन पांच जिलों को मिलेगा पानी

इस टनल के शुरू होने से कई जिलों के किसानों को फायदा होगा। इनमें मेनली रीवा, सतना और मैहर जिले शामिल हैं। इसके साथ ही पन्ना और कटनी जिले के खेतों तक भी पानी पहुंचेगा।



इन सभी क्षेत्रों के किसानों को अब भरपूर नर्मदा जल मिल सकेगा। किसान अब अपनी फसलों की अच्छी सिंचाई करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। पानी मिलने से खेतों में हरियाली आएगी और पैदावार भी काफी बढ़ेगी।



मध्यप्रदेश में बहेगी विकास की नई धारा

ये विशाल टनल मध्यप्रदेश के विकास कार्यों में सबसे प्रमुख प्रोजेक्ट है। इससे राज्य के कृषि क्षेत्र को एक नई और बेहतरीन दिशा मिलेगी। बीते मंगलवार को दोपहर को करीब 3:30 बजे यह ऐतिहासिक काम पूरा हुआ।



इस समय 6।5 किलोमीटर लंबी अपस्ट्रीम टनल का निर्माण पूरा हुआ था। इसे स्लीमनाबाद जंक्शन पर बनी 5।4 किलोमीटर लंबी डाउनस्ट्रीम टनल से जोड़ा गया। इस तरह कुल 11.95 किलोमीटर लंबी टनल अब पूरी तरह आर-पार हो गई।



आधुनिक टनल बोरिंग मशीन का हुआ प्रयोग

इस टनल को बनाने का सफर आसान नहीं था, इसमें कई मुश्किलें आईं। स्लीमनाबाद के नीचे बहुत ही कठिन और मजबूत पठारी क्षेत्र मौजूद था। इस कठिन चट्टानी रास्ते को पार करना सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा था। लेकिन इंजीनियर्स ने इस काम के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया। इसके लिए बहुत शक्तिशाली टनल बोरिंग मशीन यानी टीबीएम का उपयोग किया गया। टनल के आखिरी चार मीटर के हिस्से को खोदने में 10 घंटे लगे।



इतनी है इस प्रोजेक्ट की लागत

अगर हम इस पूरे प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत की बात करें। तो यह शानदार बरगी डायवर्शन प्रोजेक्ट करीब 1500 करोड़ रुपये का है। इस भारी-भरकम प्रोजेक्ट के पूरे होने से नर्मदा का पानी आसानी से बहेगा।



यह पानी विंध्य क्षेत्र के दूर-दराज के गांवों के खेतों तक पहुंच जाएगा। इस परियोजना से लगभग 1।85 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि बहुत आसानी से सिंचित होगी। यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सबसे मददगार साबित होगा।



सूखे खेतों को मिलेगी पानी की नई सौगात

इस परियोजना (किसानों के लिए खुशखबरी) का सीधा और सबसे बड़ा लाभ हमारे किसानों को मिलेगा। नर्मदा का शुद्ध पानी खेतों तक पहुंचना उनके लिए किसी वरदान जैसा है। इससे किसानों का खेती का खर्च कम होगा और उनका कृषि उत्पादन भी बढ़ेगा।



विशेषकर उन क्षेत्रों को बहुत लाभ मिलेगा जहां अक्सर सूखा पड़ता था। बरगी डैम से पानी पहुंचाने की यह योजना राज्य के लिए मील का पत्थर है। परियोजना के अगले चरण पूरे होते ही पानी सीधे खेतों की तरफ बहने लगेगा। किसानों के लिए बड़ी खबर



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