च्यवनप्राश के वजन में हेरफेर करना डाबर को पड़ा भारी! उपभोक्ता फोरम ने लगाया 50 हजार का जुर्माना
भोपाल के जिला उपभोक्ता फोरम ने डाबर इंडिया लिमिटेड पर 50 हजार 60 रुपए का जुर्माना लगाया है। बता दें कि मामला च्यवनप्राश के वजन से जुड़ा हुआ है। इसमें डिब्बे पर 950 ग्राम वजन लिखा था, लेकिन डिब्बे का वास्तविक वजन 760 ग्राम पाया गया। ऐसे में उपभोक्ता ने फोरम से शिकायत की थी। वहीं शिकायत मिलने पर फोरम ने डाबर को दोषी मानते हुए हर्जाना लगाने का आदेश दिया।
च्यवनप्राश का डिब्बा तौला तो चौंकाने वाला खुलासा
डाबर ने दिया ऑटोमैटिक मैन्युफैक्चरिंग का हवाला
डाबर ने अपने बचाव में कहा कि उनके प्रोडक्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग पूरी तरह से ऑटोमैटिक है। किसी भी मानवीय गलती के कारण वजन में भिन्नता हो सकती है। इसके अलावा, डाबर ने यह भी कहा कि उपभोक्ता ने कोई खरीद बिल पेश नहीं किया। लेकिन फोरम ने इसे खारिज करते हुए माना कि वजन में अंतर को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
च्यवनप्राश के वजन में हेरफेर की खबर पर एक नजर
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डाबर को मिला 50 हजार का हर्जाना
फोरम ने इस मामले को गंभीरता से लिया और डाबर को ग्राहक के साथ अनुचित व्यापार और सेवा में कमी के लिए दोषी माना। फोरम ने डाबर पर 45 हजार रुपए मानसिक कष्ट के रूप में और 5 हजार रुपए वाद-व्यय (litigation expenses) के रूप में हर्जाना लगाने का आदेश दिया। इसके अलावा, डाबर को उपभोक्ता से अतिरिक्त 60 रुपए भी वापस करने का निर्देश दिया गया। क्योंकि वजन में भिन्नता के कारण अधिक राशि वसूली गई थी। यह फैसला फोरम की बेंच-2 की अध्यक्ष गिरिबाला सिंह और सदस्य अंजुम फिरोज के जरिए सुनाया गया है।
डाबर ने शिकायत की वैधता पर उठाया था सवाल
इस मामले में, डाबर का कहना था कि बिल न होने के कारण शिकायत की वैधता पर सवाल उठाए गए थे, लेकिन उपभोक्ता फोरम ने सील-पैक च्यवनप्राश के डिब्बे का वजन तौला और पाया कि उसमें 190 ग्राम की कमी थी। च्यवनप्राश के डिब्बे पर जो वजन 950 ग्राम लिखा था, वह गलत था। फोरम ने इसे उपभोक्ता से अनुचित व्यापार और सेवा में कमी के रूप में माना।