दामोदर यादव का बड़ा हमला, बोले- नरोत्तम मिश्रा ने मेरी छवि खराब करने PIL डाली थी
समझें क्या है पूरा मामला
- IAS संतोष वर्मा सहित दामोदर सिंह यादव के खिलाफ दायर PIL हाईकोर्ट ने खारिज की।
- दामोदर सिंह यादव को पक्षकार बनाने का आवेदन भी कोर्ट ने अस्वीकार किया।
- कोर्ट के फैसले के बाद दामोदर यादव ने नरोत्तम मिश्रा पर लगाए गंभीर आरोप।
- बोले- हार के डर से मेरी छवि खराब करने की कोशिश की गई।
- नरोत्तम मिश्रा की ओर से इन आरोपों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
IAS अफसर संतोष वर्मा के खिलाफ कार्रवाई की मांग वाली जनहित याचिका हाईकोर्ट से खारिज होने के साथ ही इस मामले में दामोदर सिंह यादव को भी राहत मिली है। इस मामले में उन्हें भी प्रतिवादी बनाने का आवेदन कोर्ट में पेश किया गया था जो कोर्ट ने खारिज कर दिया है। इसके बाद आज़ाद समाज पार्टी के नेता दामोदर सिंह यादव ने पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि चुनाव में हार के डर से उनकी छवि खराब करने के लिए उनके खिलाफ PIL दायर कराई गई थी।
कोर्ट से राहत मिलते ही दामोदर यादव का पलटवार
IAS संतोष वर्मा और आज़ाद समाज पार्टी के नेता दामोदर सिंह यादव के खिलाफ कार्रवाई की मांग वाली जनहित याचिका को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने खारिज कर दिया। इसके साथ ही दामोदर सिंह यादव को इस मामले में प्रतिवादी बनाने के लिए दायर अंतरिम आवेदन भी अदालत ने स्वीकार नहीं किया। कोर्ट के इस फैसले के बाद दामोदर सिंह यादव ने सीधे पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा पर निशाना साधते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।
हार का डर है, इसलिए मेरे खिलाफ PIL कराई गई
दामोदर सिंह यादव ने कहा कि दतिया विधानसभा में संभावित उपचुनाव को देखते हुए वह आज़ाद समाज पार्टी की ओर से तैयारी कर रहे हैं, जबकि भाजपा की ओर से नरोत्तम मिश्रा मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। उनका आरोप है कि जनता का बढ़ता समर्थन देखकर नरोत्तम मिश्रा घबरा गए हैं और इसी वजह से उनकी छवि खराब करने के उद्देश्य से जबलपुर हाईकोर्ट में उनके खिलाफ जनहित याचिका दायर कराई गई। दामोदर यादव ने यह भी दावा किया कि याचिका में उनके भाषणों और गतिविधियों को राष्ट्रविरोधी बताते हुए उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई थी।
कोर्ट ने आवेदन भी किया खारिज, कानून अपना काम करेगा
इस मामले में याचिकाकर्ता ने 28 अप्रैल 2026 को एक अंतरिम आवेदन देकर दामोदर सिंह यादव को भी प्रतिवादी बनाने का अनुरोध किया था। आवेदन में आरोप लगाया गया था कि उनके भाषण समाज में वैमनस्य फैलाने वाले हैं और इसके समर्थन में एक पेनड्राइव भी अदालत में पेश की गई थी। हालांकि डिवीजन बेंच ने इस आवेदन को भी खारिज कर दिया। साथ ही मूल जनहित याचिका को निरस्त करते हुए कहा कि जिस मामले में FIR की मांग की गई थी, उसमें पहले से कार्रवाई चल रही है और कानून अपना काम करेगा। उधर, दामोदर सिंह यादव ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और है कि उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश सफल नहीं होगी। हालांकि, नरोत्तम मिश्रा की ओर से दामोदर सिंह यादव के इन आरोपों पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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