अजब-गजब है एमपी पुलिस, सालों पहले मर चुके लोगों पर FIR दर्ज, शिकायत सुन ASP भी हैरान

Amresh Kushwaha | Jul 22, 2025, 11:04 IST
dead-people-fir-madhya-pradesh-vidisha
मध्य प्रदेश के विदिशा से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां सालों पहले मर चुके लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इससे पुलिस और प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं।

मध्य प्रदेश के विदिशा में एक अजीब और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जो पुलिस सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है। यहां दो ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर (First Information Report) दर्ज की गई है, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं।



यह घटना गंजबासौदा के बरेठ गांव की है, जहां प्रजापति समाज और गुर्जर समाज के बीच एक विवाद हुआ था। इस विवाद में पुलिस ने दो मृतकों का नाम भी एफआईआर में शामिल कर लिया। यह घटना न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गई है। पढ़ें, इस चौंकाने वाली घटना के बारे में विस्तार से...



ये खबर भी पढ़िए...पति ने पत्नी को किया प्रताड़ित, कहा 10 लाख दहेज नहीं दिया तो नहीं बनाउंगा शारीरिक संबंध, इंदौर में FIR



एफआईआर में मृत व्यक्तियों का नाम

एएसपी से लगाई न्याय की गुहार

फरियादी राजकुमार शर्मा ने बताया कि उन्होंने पहले इस मामले की शिकायत स्थानीय पुलिस स्टेशन में की थी, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यह घटना पुलिस विभाग की लापरवाही को दर्शाती है और उन्होंने जिला मुख्यालय में एएसपी से सही कार्रवाई की मांग की है।



एमपी में मृत व्यक्तियों का नाम FIR दर्ज मामले पर एक नजर...

  • मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के बरेठ गांव में प्रजापति और गुर्जर समाज के बीच विवाद में दो मृत व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, जो 8 से 10 साल पहले मर चुके थे।
  • फरियादी ने पहले स्थानीय पुलिस स्टेशन में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने जिला मुख्यालय में एएसपी से न्याय की गुहार लगाई।
  • एएसपी प्रशांत चौबे ने इस गंभीर मामले की जांच के आदेश दिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित किया।
  • एएसपी ने कहा कि दो मृत व्यक्तियों का नाम एफआईआर में दर्ज होना एक गंभीर मामला है और इसकी जांच होनी चाहिए।
  • इस मामले ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं, क्योंकि मृत व्यक्तियों को एफआईआर में शामिल करने के मामले की जांच अब चल रही है।

ये खबर भी पढ़िए...छात्राओं की साइकिल चोरी कर UP में बेचने वाले थे सिंगरौली प्रिंसिपल, FIR के बाद निलंबित



एएसपी ने मामले की जांच के दिए आदेश

एएसपी प्रशांत चौबे ने इस मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत संबंधित अधिकारियों को आदेश दिए कि मामले की जांच की जाए और दस्तावेज प्रस्तुत किए जाएं। उनका कहना था कि 17 तारीख को बरेठ गांव में विवाद हुआ था, जिसमें कुछ नामों पर आपत्ति आई है। उन्होंने कहा कि दो मृत व्यक्तियों का नाम एफआईआर में दर्ज होना एक गंभीर मामला है और इसकी जांच होनी चाहिए।



ये खबर भी पढ़िए...मोजो मशरूम फैक्ट्री केस: रायपुर में 4 ठेकेदारों पर FIR,नाबालिगों से बंधुआ मजदूरी कराने का आरोप



पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल

एएसपी ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पुलिस को आदेश दिया गया है कि वे सही दस्तावेज पेश करें और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करें। इस मामले में पुलिस विभाग के जरिए की जा रही जांच पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि यह घटना एक बड़े सवाल को जन्म देती है कि कैसे पुलिस ने मृत व्यक्तियों को एफआईआर में शामिल किया।



thesootr links

दसूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट केसाथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें



अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃



🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧👩



विदिशा में मृतक पर एफआईआर | विदिशा पुलिस | एडिशनल एसपी | MP News



Tags:
  • MP News
  • मध्यप्रदेश
  • गंजबासौदा
  • एडिशनल एसपी
  • विदिशा पुलिस
  • विदिशा में मृतक पर एफआईआर