गुजरात से सीधे जुड़ेगा आदिवासी अंचल, धार में 120 की स्पीड से दौड़ाकर देखा इंजन
समझें क्या है पूरा मामला...
- धार में पहली बार 120 की स्पीड से दौड़ी ट्रेन।
- आदिवासी अंचल अब गुजरात से सीधे जुड़ेगा।
- दिसंबर 2026 तक शुरू होगी यात्री ट्रेन सेवा।
- डेकाकुंड टांडा रोड ट्रैक का ट्रायल हुआ सफल।
- धार के लोगों को मिली रेल कनेक्टिविटी की सौगात।
धार जिले के डेकाकुंड टांडा रोड रेलखंड पर पहली बार हाई स्पीड ट्रायल हुआ। लोको 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाया गया। यह ट्रायल पश्चिम रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ। इससे धार का आदिवासी अंचल अब गुजरात से सीधे जुड़ सकेगा। दिसंबर 2026 तक यहां यात्री ट्रेन सेवा शुरू होने की संभावना है।
मध्य प्रदेश के धार जिले के आदिवासी बाहुल्य इलाके के लिए यह एक बड़ी खबर है। डेकाकुंड टांडा रोड रेलखंड पर पहली बार 120 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से रेलवे इंजन दौड़ाया गया। यह हाई स्पीड ट्रायल पश्चिम रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ।
इस सफल ट्रायल के साथ ही इलाके में रेल कनेक्टिविटी की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। सालों से रेल सुविधा से वंचित इस अंचल के लोगों के लिए यह उम्मीद की नई किरण है।
ट्रैक की क्षमता ऐसे परखी गई
सोमवार को हुआ यह स्पीड ट्रायल प्रधान मुख्य विद्युत अभियंता रजनीश कुमार गोयल के नेतृत्व में पूरा हुआ। इस दौरान 120 किमी प्रति घंटे की गति से लोको चलाकर कई पहलुओं की जांच की गई। रेलपथ की मजबूती, सिग्नलिंग सिस्टम और ओवरहेड बिजली आपूर्ति (OHE – Overhead Equipment) की गहन जांच हुई।
खासतौर पर आरकेएम 15.68 पर तकनीकी दल ने बारीकी से निरीक्षण किया। टीम ने यह सुनिश्चित किया कि सभी प्रणालियां तय रेलवे मानकों के अनुसार काम कर रही हैं। संरक्षा से जुड़े अन्य तकनीकी पहलू भी इस दौरान परखे गए।
गुजरात से सीधे जुड़ने का रास्ता साफ
डेकाकुंड टांडा रोड रेलखंड शुरू होने से धार जिले के पश्चिमी अंचल को बड़ा फायदा मिलेगा। यहां के लोगों को गुजरात के साथ सीधा और सुगम रेल संपर्क मिल जाएगा। इससे स्थानीय ग्रामीणों की सड़क परिवहन पर निर्भरता कम होगी।
इस रेलखंड के शुरू होने से क्षेत्र में व्यापार, रोजगार, चिकित्सा और शिक्षा के नए अवसर भी खुलेंगे। स्थानीय निवासियों के लिए यह परियोजना विकास का नया अध्याय साबित हो सकती है। सालों से रेल सुविधा की मांग कर रहे आदिवासी अंचल के लिए यह राहत की खबर है।
बिजली और निर्माण कार्य में मजबूती
रेलखंड पर ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन का काम बीकानेर की जगदंबा इंजीनियर्स एंड बिल्डर्स कंपनी ने किया है। ट्रायल के दौरान बिजली व्यवस्था की क्षमता और निरंतरता को भी परखा गया। यह जांच पूरी तरह सफल रही।
इस काम को तय समयसीमा और तकनीकी मानकों के अनुसार पूरा करने में बड़ौदा बिजली विभाग के रेलवे निर्माण दल की अहम भूमिका रही। अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत से यह प्रोजेक्ट तय समय पर आगे बढ़ पाया।
दिसंबर 2026 तक दौड़ सकती है यात्री ट्रेन
रेलवे सूत्रों के मुताबिक सफल स्पीड ट्रायल के बाद अब परिचालन से जुड़ी अन्य औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। अगर सभी काम इसी रफ्तार से आगे बढ़ते रहे तो दिसंबर 2026 तक डेकाकुंड से टांडा रोड के बीच यात्री ट्रेनों की आवाजाही शुरू हो सकती है।
धार आदिवासी अंचल गुजरात रेल कनेक्टिविटी
इलाके के लोग लंबे समय से इस रेल सेवा का इंतजार कर रहे हैं। ट्रायल की सफलता के बाद अब उनकी उम्मीदें और बढ़ गई हैं। रेलवे प्रशासन की कोशिश है कि तय समयसीमा में यह प्रोजेक्ट पूरी तरह चालू हो जाए।
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