पब्लिक से सीधे जुड़ने दिग्विजय सिंह का नया दांव, सार्वजनिक किया अपना नंबर, X भी छोड़ा
समझें क्या है पूरा मामला...
- दिग्विजय सिंह ने सार्वजनिक किया अपना निजी मोबाइल नंबर।
- दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया का X प्लेटफार्म भी छोड़ा।
- एक नंबर सचिव को सौंपा, दूसरे पर खुद रहेंगे मौजूद।
- पब्लिक से सीधे जुड़ने दिग्विजय सिंह का नया दांव।
- राजनीति छोड़ धर्म रक्षा, अब जनता से सीधा संवाद भी।
संभवतः यह पहली बार है जब किसी वरिष्ठ नेता ने इस तरह अपना मोबाइल नंबर सार्वजनिक किया हो। दिग्विजय सिंह ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि आज से वे अपना मोबाइल नंबर +91 81304 09494 उपयोग नहीं करेंगे।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) से भी दूरी बना ली है। उन्होंने अपना आधिकारिक एक्स अकाउंट अब निजी इस्तेमाल के बजाय कार्यालय के संचालन के लिए सौंप दिया है।
दिग्विजय सिंह ने छोड़ा सोशल मीडिया
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) से दूरी बना ली है। उन्होंने अपना आधिकारिक एक्स अकाउंट अब निजी इस्तेमाल के बजाय कार्यालय के संचालन के लिए सौंप दिया है। इसके साथ ही उन्होंने अपना पर्सनल मोबाइल फोन भी अपने सेक्रेटरी सचिन वत्स को दे दिया है।
दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया का उपयोग नहीं करने का ऐलान किया है। अब उनके एक्स अकाउंट से पोस्ट और गतिविधियां ऑफिस टीम के जरिए संचालित की जाएंगी।
फिर चर्चा में है पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह
मध्यप्रदेश की राजनीति में एक बार फिर दिग्विजय सिंह चर्चा के केंद्र में हैं। इस बार वजह कोई बयान नहीं, बल्कि उनका एक निजी फैसला है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने अपना मोबाइल नंबर सोशल मीडिया मंच X पर सार्वजनिक कर दिया है।
मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने अपना मोबाइल नंबर सोशल मीडिया पर सार्वजनिक किया है। उन्होंने X पर पोस्ट कर लिखा कि यह नंबर अब वे खुद उपयोग नहीं करेंगे।
यह नंबर अब उनके सचिव सचिन वत्स के पास रहेगा। उनका दूसरा वाट्सऐप नंबर उनके पास ही बना रहेगा। यह कदम ऐसे समय आया है जब दिग्विजय सिंह सक्रिय राजनीति से दूरी की बात कह चुके हैं।
अब सचिव के पास रहेगा यह नंबर
दिग्विजय सिंह ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा कि अब यह नंबर उनके सचिव सचिन वत्स द्वारा उपयोग किया जाएगा। इस नंबर पर मिलने वाले महत्वपूर्ण संदेशों और जानकारियों से सचिन वत्स समय-समय पर उन्हें अवगत कराते रहेंगे।
हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि उनका दूसरा नंबर, जिस पर वाट्सऐप भी चालू है, यानी +91 82694 68621, पूरी तरह उनके पास ही रहेगा। यानी जनता से सीधा संवाद पूरी तरह बंद नहीं होगा, बल्कि एक नया सिस्टम बनाया जा रहा है।
लगातार सुर्खियों में बने रहने का हुनर
दिग्विजय सिंह देश के उन गिने-चुने नेताओं में शुमार हैं जिन्हें अपने बयानों और फैसलों से लगातार सुर्खियों में बने रहने का हुनर आता है। मोबाइल नंबर सार्वजनिक करने का यह कदम भी उनकी इसी छवि से मेल खाता है।
दरअसल हाल के हफ्तों में दिग्विजय सिंह लगातार बड़े ऐलानों के चलते चर्चा में रहे हैं। सबसे बड़ा ऐलान यह रहा कि उन्होंने सक्रिय राजनीति से दूरी बनाने का संकेत दिया। उन्होंने कहा था कि अब वे धर्म की रक्षा का काम करेंगे और जीवन के अंतिम समय तक इसे जारी रखेंगे।
राम मंदिर चढ़ावे को लेकर बड़ा ऐलान
दिग्विजय सिंह के इस बदलाव की जड़ में राम मंदिर चढ़ावे में हुई कथित गड़बड़ी का मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या में मंदिर को मिलने वाले रोजाना के चढ़ावे में 10 से 20 प्रतिशत तक की चोरी हो रही थी। इसे लेकर उन्होंने बड़ा फैसला सुनाया।
उन्होंने ऐलान किया कि वे 2 अक्टूबर से उज्जैन के महाकाल मंदिर से अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि तक करीब एक हजार किलोमीटर की पदयात्रा शुरू करेंगे। उन्होंने इसे पूरी तरह गैर-राजनीतिक यात्रा बताया और मोहन भागवत तथा RSS-VHP से भी इसमें साथ देने की अपील की।
अपने भोपाल स्थित आवास के बाहर उन्होंने "चंदा चोरों का प्रवेश वर्जित" लिखे पोस्टर तक लगवा दिए थे। यह कदम भी उसी दौर में उनकी सक्रियता की एक और मिसाल बना।
राज्यसभा को लेकर भी दी थी सफाई
दिग्विजय सिंह के संन्यास वाले संकेतों के बीच यह सवाल भी उठा कि क्या वे राज्यसभा सीट भी छोड़ेंगे। इस पर उन्होंने साफ किया था कि मौजूदा कार्यकाल पूरा होने के बाद वे तीसरी बार राज्यसभा उम्मीदवार नहीं बनना चाहते।
इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो को लेकर भी उन्होंने सफाई दी थी। उन्होंने बताया कि यह वीडियो ओडिशा के एक रिटायर्ड बैंक मैनेजर दंपति का था, जो देशभर की यात्रा कर रहे हैं। उन्हें यह विचार रोचक लगा, इसलिए उन्होंने इसे शेयर किया था।
इन तमाम घटनाक्रमों के बीच अब मोबाइल नंबर सार्वजनिक करने का यह ताजा कदम एक बार फिर दिग्विजय सिंह को चर्चा के केंद्र में ले आया है। साफ है कि दिग्गी राजा भले ही सक्रिय राजनीति से दूरी बनाने की बात कह रहे हों, लेकिन सुर्खियों से दूरी उन्होंने अभी नहीं बनाई है।
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