नकली दूध और जहरीली सब्जियों से बचना होगा आसान, DRDO की नई किट से घर बैठे कर सकेंगे जांच
Aman Vaishnav | Oct 19, 2026, 07:39 IST
DRDO की नई जांच किट से घर पर दाल और हरी मटर में खतरनाक केमिकल की पहचान की जा सकेगी।
DRDO की एक लैब ने ऐसी किट तैयार की है, जिससे घर पर ही दूध, दाल और हरी मटर में मिलावट का पता लगाया जा सकेगा। इसकी मदद से खाने-पीने की चीजों में मौजूद खतरनाक केमिकल्स की पहचान कुछ ही मिनटों में हो जाएगी। मैसूर की इस लैब का नाम बदलकर अब DIBT कर दिया गया है। साथ ही इसे ग्वालियर की DRDE के अधीन कर दिया गया है।
दूध में डिटर्जेंट और दाल में केमिकल का खेल
दाल और सब्जियों में मैलाकाइट ग्रीन, मेटानिल येलो और सीसा यानी लेड जैसे खतरनाक रसायनों का खुलेआम इस्तेमाल हो रहा है। ये सारे केमिकल्स हमारे शरीर में जाकर गंभीर बीमारियां पैदा करते हैं। इसी खतरे को देखते हुए वैज्ञानिकों ने यह आसान समाधान निकाला है।
किन चीजों में कौन से केमिकल मिलाए जा रहे हैं?
- दूध (Milk): दूध में मुनाफा बढ़ाने के लिए यूरिया, डिटर्जेंट और स्टार्च मिलाया जाता है। यह पेट और पूरे पाचन तंत्र के लिए बेहद नुकसानदेह साबित होता है।
- दालें (Pulses): दालों को ज्यादा पीला और चमकदार दिखाने के लिए मेटानिल येलो और सस्ते सिंथेटिक रंग मिलाए जाते हैं। यह शरीर के अंदरूनी अंगों को नुकसान पहुंचाते हैं।
- मटर और हरी सब्जियां (Peas & Vegetables): इन्हें लंबे समय तक एकदम ताजा और हरा-भरा दिखाने के लिए मैलाकाइट ग्रीन और सीसा (लेड) जैसे जहरीले केमिकल का इस्तेमाल होता है। यह भी सेहत के लिए जानलेवा खतरा बन सकते हैं।
घर पर खुद कैसे करें जांच?
- सबसे पहले किट में मिली टेस्ट ट्यूब यानी परखनली में तय मात्रा में घोल डालें।
- अब नापने वाले कप से दाल या मटर का थोड़ा सा नमूना लेकर उसी घोल में डाल दें।
- इस घोल को 30 से 60 सेकंड तक अच्छी तरह हिलाएं।
- हिलाने के बाद परखनली को थोड़ी देर सीधा रख दें, ताकि रंग घोल में घुल जाए और अलग-अलग परतें साफ दिखने लगें।
- इसके बाद परखनली की तय परत से एक बूंद घोल निकालें और टेस्टिंग पट्टी के जांच वाले हिस्से पर डालें।
- कुछ मिनट तक पट्टी को देखें। अगर पट्टी का रंग बदल जाता है, तो समझ जाइए कि उस दाल या मटर में खतरनाक केमिकल मिला हुआ है।
DRDO की लैब का बदला नाम
इस संस्थान को अब डीआरडीई (DRDE) ग्वालियर के प्रशासनिक नियंत्रण में सौंपा गया है, ताकि देश में बायो-डिफेंस के लक्ष्यों पर और तेजी से काम हो सके।
वहीं डीआरडीई के निदेशक डॉ. एम.एम. परीडा ने बताया कि दूध में मिलावट की जांच के लिए पहले से ही किट मौजूद है। अब दाल और मटर में खतरनाक रसायनों की पहचान के लिए भी यह नई परीक्षण किट विकसित कर ली गई है।
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