भोपाल में रेव पार्टियों के लिए मंगाई थी 24 करोड़ की ड्रग, रेलवे स्टेशन पर ही पकड़ी गई

Sanjay Dhiman | Aug 23, 2025, 11:18 IST
Photograph: (the sootr)
डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस की टीम ने भोपाल स्टेशन से विदेशी ड्रग हाइड्रोपोनिक वीड जब्त करने में सफलता प्राप्त की है। यह ड्रग रेव पार्टियों में खपाने के लिए बुलाई गई थी। इस कार्रवाई के बाद देशभर में 72 करोड़ रुपए की प्रतिबंधित ड्रग जब्त की गई।

भोपाल बना ड्रग तस्करी का हाॅट स्पाॅट बनता जा रहा है। अभी पांच दिन पहले ही जहां राजधानी भोपाल में भारतीय राजस्व सूचना निदेशालय ने अवैध मेफेड्रोन ड्रग बनाने के कारखाने का भंडाफोड़ करते हुए 92 करोड़ कीमत की 60 किलो से ज्यादा मेफेड्रोन ड्रग जब्त की थी। अब ताजा कार्रवाई में डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने भोपाल में एक बड़ी ड्रग्स तस्करी का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पानी में उगने वाला विदेशी गांजा (हाइड्रोपोनिक वीड) की 24.186 किलो की बड़ी खेप पकड़ी गई है। यह गांजा एक महंगी किस्म का होता है, जो खासकर रेव पार्टियों में इस्तेमाल होता है।



पकड़ी गई ड्रग्स की कीमत 24 करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है। इस कार्रवाई के बाद मिले इनपुट के आधार पर देशभर में 72 करोड़ रुपए की 72 किलो से अधिक हाइड्रोपोनिक वीड और एक करोड़ रूपए अवैध नकदी भी बरामद हुई है।



भोपाल में हुई बड़ी कार्रवाई

20 अगस्त को डीआरआई ने बेंगलुरु और भोपाल रेलवे स्टेशन पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान बेंगलुरु से 29.88 किलो हाइड्रोपोनिक वीड जब्त किया गया। वहीं, भोपाल जंक्शन पर भी 24.186 किलो हाइड्रोपोनिक वीड बरामद किया गया।



कुल मिलाकर, 72 करोड़ रुपये की हाइड्रोपोनिक वीड और 1.02 करोड़ रुपये की अवैध नकदी जब्त की गई है। डीआरआई की टीम ने इस मामले में दो लोगों को पकड़ा, इनकी निशानदेही पर देशभर में दिल्ली, बैगलुरू में छापेमारी कर गिरोह के तीन अन्य लोगों से कुल 72 करोड़ रुपए की प्रतिबंधित ड्रग पकड़ी गई।



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तस्करी का नेटवर्क और मास्टरमाइंड

डीआरआई ने ऑपरेशन "वीड आउट" के तहत तस्करी के गिरोह का भंडाफोड़ किया। इस गिरोह में एक मास्टरमाइंड भी शामिल था, जिसने अपने सहयोगियों के जरिए सोशल मीडिया के माध्यम से गांजे की तस्करी को अंजाम दिया था। गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों में से एक मास्टरमाइंड है, जो इस पूरे ऑपरेशन का मुख्य सूत्रधार था। यह गिरोह कॉलेज ड्रॉपआउट्स, बेरोजगार और अंशकालिक नौकरी करने वाले युवाओं को निशाना बनाता था और उन्हें ड्रग्स के व्यापार में शामिल करता था।



अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाइड्रोपोनिक वीड की आपूर्ति

हाइड्रोपोनिक वीड की खेती मुख्य रूप से थाईलैंड, कनाडा और यूएसए में की जाती है। इसके उच्च THC स्तर के कारण, यह अधिक नशा देने वाला होता है, जिससे इसकी कीमत पारंपरिक गांजे से कहीं अधिक होती है।



भारत में पूरी तरह से बैन होने के कारण, इसकी तस्करी बड़ी मात्रा में की जाती है, और इसकी कीमत करोड़ों रुपये तक पहुंच जाती है। यह ड्रग्स आमतौर पर फ्लाइट के जरिए देश में लाए जाते हैं और छोटे पैकेजों में तस्करी की जाती है।



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हाइड्रोपोनिक वीड: क्या है और क्यों है खास?

हाइड्रोपोनिक वीड, गांजे की एक विशेष किस्म है, जिसे समुद्र के पानी में हाइड्रोपोनिक तकनीक से उगाया जाता है। यह पारंपरिक गांजे की तुलना में अधिक नशा देने वाली और महंगी होती है। हाइड्रोपोनिक वीड में THC का लेवल बहुत उच्च होता है, जिससे यह नशे के शौकिनों के बीच बहुत लोकप्रिय है, विशेषकर रेव पार्टियों में। भारत में यह पूरी तरह से प्रतिबंधित है, और इसीलिए तस्करी के जरिए इसकी आपूर्ति की जाती है।



डीआरआई द्वारा ड्रग तस्करी पर की गई कार्रवाई को ऐसे समझें



डीआरआई की कार्रवाई: 20 अगस्त को डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने भोपाल स्टेशन पर छापेमारी की और 24.186 किलो हाइड्रोपोनिक वीड बरामद किया।

कुल जब्ती: इस कार्रवाई में 72 करोड़ रुपये की हाइड्रोपोनिक वीड और 1.02 करोड़ रुपये की अवैध नकदी जब्त की गई।

गिरफ्तारी: डीआरआई ने दो आरोपियों को पकड़ा, जिनके माध्यम से अन्य गिरोह के सदस्य तक पहुंच बनाई गई।

दिल्ली और बैंगलोर में छापेमारी: आरोपी की निशानदेही पर दिल्ली और बैंगलोर में भी छापेमारी की गई, जहां और ड्रग्स बरामद किए गए।

तस्करी के गिरोह का भंडाफोड़: इस कार्रवाई में कुल 72 करोड़ रुपये मूल्य की प्रतिबंधित ड्रग्स पकड़ी गई, जिससे तस्करी के गिरोह का भंडाफोड़ हुआ।

ड्रग सिंडिकेट का गढ़ बनता जा रहा भोपाल

राजधानी भोपाल ड्रग तस्करी के लिए सबसे महफूज शहर के रूप में सामने आ रहा है। यहां लगातार सामने आ रहे ड्रग निर्माण और तस्करी के मामलों को देखकर तो यहीं लगता है। अभी पांच दिन पहले ही भोपाल के इस्लामनगर में एक ड्रग बनाने का कारखाना पकड़ा गया था।



यहां लंबे समय से प्रतिबंधित मेफेड्रोन ड्रग का निर्माण किया जा रहा था। भोपाल पुलिस की नाक के नीचे इस फैक्ट्री से बडी मात्रा में नशीली ड्रग देशभर में सप्लाई की जा रही थी। 16-17 अगस्त को की गई कार्रवाई में यहां से 92 करोड़ रुपए की एमडी ड्रग बरामद की गई थी। वहीं अब फिर 24 करोड़ की प्रतिबंधित हाइड्रोपोनिक वीड ड्रग पकड़ी गई है।



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