EOW का एक्शन: जिस संस्था का अस्तित्व ही नहीं उसके नाम पर किया फर्जीवाड़ा, केस दर्ज
समझें पूरा मामला...
- EOW धोखाधड़ी के आरोपों के चलते दर्ज की FIR।
- अस्तित्व में ही नहीं है गणपति हॉस्पिटल और नर्सिंग कॉलेज।
- तीन साल दूसरी संस्थाओं के नाम के खातों में किया लेनदेन।
- बैंक विजिलेंस टीम ने गणपति नर्सिंग कॉलेज को बताया फर्जी।
- CMHO जांच में भी सामने आया था गड़बड़झाला।
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ भोपाल ने शिक्षा और स्वास्थ्य के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। EOW ने भोपाल के गणपति हॉस्पिटल एवं श्री गणपति कॉलेज ऑफ नर्सिंग के कर्ताधर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज किया है। दर्ज केस में संस्था के कथित अध्यक्ष विनोद सिंह, अभिराज सिंह के अलावा अन्य पदाधिकारी और सदस्यों को आरोपी बनाया गया है।
बैंक विजलेंस ने भी पाया था फर्जीवाड़ा
अस्तित्वहीन संस्था और नर्सिंग कॉलेज की आड़ में विजिलेंस टीम ने जांच में पाया कि गणपति नर्सिंग कॉलेज गणपति शिक्षा समिति के अंतर्गत पंजीकृत संस्था अस्तित्वहीन है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल ने बताया कि श्री गणपति हॉस्पिटल का पंजीयन नहीं है। इसके बावजूद निजी क्षेत्र के बैंक की शाखा में खाता खोलकर लेन-देन किया गया।
क्या है पूरा मामला
आरटीआई एक्टिविस्ट सुशील लेवी एवं कर्नल बीबी वत्स ने बैंक और EOW में शिकायत की थी। तथ्यों के आधार पर की गई जांच में बैंक विजिलेंस ने गणपति नर्सिंग कॉलेज को अस्तित्वहीन बताया। जिसके बाद भोपाल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जांच की। इसमें पाया गया कि श्री गणपति हॉस्पिटल पंजीकृत नहीं है।
आयुष्मान भारत निरामयम में सिर्फ गणपति हॉस्पिटल दर्ज है। इसमें भी श्री गणपति हॉस्पिटल का उल्लेख नहीं। इसके अलावा ESIC की 4 सदस्यीय टीम ने विनोद सिंह की संस्थाओं का दौरा किया। उनकी रिपोर्ट में भी श्री गणपति हॉस्पिटल व नर्सिंग कॉलेज का उल्लेख नहीं मिला।
बैंक खातों से हुआ खुलासा
निजी क्षेत्र के बैंक में श्री गणपति हॉस्पिटल के नाम पर 31 मई 2021 को अकाउंट खोला गया। यह खाता अभिराज सिंह एवं मोहित सिक्का द्वारा संयुक्त रूप से संचालित है। 09 जून 2021 से 31मार्च 2022 तक इस खाते में हुए लेन-देन संदिग्ध पाए गए। वहीं गणपति कॉलेज ऑफ नर्सिंग व श्री गणपति हॉस्पिटल के पंजीयन संबंधी कोई दस्तावेज नहीं मिले।
कैसे हुई धोखाधड़ी
आरोपियों ने आर्थिक लाभ के लिए एक्सिस बैंक व SBI में गलत जानकारी देकर अस्तित्वहीन संस्था के खाते खुलवाए। फर्जी शिक्षण संस्थान खोलकर छात्र-छात्राओं से ठगी की गई। शासन व आमजन से धोखाधड़ी कर अवैध राशि प्राप्त की गई। इकोग्रीन जन कल्याण समिति के पंजीयन क्रमांक 01/01/0134009/18 का भी गलत तरीके से उपयोग किया गया।
किन धाराओं में केस
EOW ने विनोद सिंह, अभिराज सिंह व अन्य के विरुद्ध धारा 420 भादवि व 120 बी भादवि के तहत प्रकरण दर्ज किया। निरीक्षक वंदना दुबे जांच अधिकारी हैं। थाना आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ, भोपाल में 08 मई 2026 को FIR दर्ज कर विवेचना शुरू की गई है। इस मामले में बड़े खुलासे की आशंका को देखते हुए आर्थिक अपराध अन्वेषण विंग बारीकी से जांच कर रही है।
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