ईएसबी की तीन परीक्षा में नकल घोटाले में अलग-अलग रवैया, कंपनी का नाम किसी में भी नहीं
INDORE. ईएसबी में हाल ही में एक के बाद एक तीन नकल घोटाले सामने आए हैं। इसमें परीक्षा केंद्रों पर मिलीभगत और कम्प्यूटर के साथ छेड़छाड़ (कम्प्यूटर काम्प्रोमाइज) के जरिए खेल हुआ है।
जेल प्रहरी व वनरक्षक परीक्षा में 109 उम्मीदवार संदिग्ध हैं, सिपाही भर्ती परीक्षा में 14 और आबकारी आरक्षक परीक्षा में 12 उम्मीदवारों पर शक है। लेकिन तीनों ही मामलों में मंडल ने अलग-अलग रवैया अपनाया है।
परीक्षा कराने वाली कंपनी को क्यों बख्शा
इस पूरे मामले में ईएसबी ने कभी भी परीक्षा कराने वाली विवादित कंपनी एप्टेक लिमिटेड को छुआ तक नहीं। जबकि सिपाही और आबकारी आरक्षक परीक्षा में तो साफ तौर पर कम्प्यूटर के साथ छेड़छाड़ होने और सेंटर की मिलीभगत की बात खुद ईएसबी की जांच में आई है।
वहीं, दोनों ही मामलों में ईएसबी ने परीक्षा कराने वाली कंपनी के खिलाफ लिखित शिकायत पुलिस थाने या सायबर सेल में नहीं की। यह वही कंपनी है, जिसे कई राज्य ब्लैकलिस्ट कर चुके हैं और कुछ राज्यों में तो केस भी दर्ज है।
आबकारी आरक्षक परीक्षा में कराई एफआईआर
ईएसबी की ओर से सबसे बड़ा कदम आबकारी आरक्षक परीक्षा में उठाया गया। इसमें सीसीटीवी फुटेज और एआई टूल्स का इस्तेमाल करके ईएसबी ने रतलाम के पब्लिक स्कूल के 12 उम्मीदवारों को अनुचित साधन का उपयोग यानी नकल का मामला बनाकर परीक्षा निरस्त की।
साथ ही भोपाल के एमपी नगर थाने में 12 उम्मीदवारों पर सीधे एफआईआर करवाई। इसमें जीरो पर केस दर्ज किया गया और मामला जांच के लिए रतलाम भेजा गया। इसमें सेंटर के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत भी बताई गई।
सिपाही भर्ती में एफआईआर नहीं, सायबर में शिकायत
इसके बाद सिपाही भर्ती परीक्षा में भोपाल के आल सेंट्स कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी परीक्षा केंद्र पर 12 उम्मीदवार संदिग्ध मिले। लेकिन इस मामले में ईएसबी ने एमपी नगर थाने या संबंधित परीक्षा केंद्र के थाने में एफआईआर नहीं कराई।
इस मामले में ईएसबी ने सायबर सेल को लिखित शिकायत की और जांच की मांग की। अब सवाल यही है कि आबकारी आरक्षक परीक्षा जैसा ही इसमें उम्मीदवारों पर एफआईआर क्यों नहीं कराई गई।
जेल प्रहरी, वन रक्षक भर्ती में कुछ नहीं किया
अब तीसरे केस की बात करते हैं, यह है जेल प्रहरी भर्ती परीक्षा 2023 में नकल घोटाले का मामला। इसमें दिसंबर 2024 में ही गड़बड़ सामने आ चुकी थी। इसी में राजा भैय्या प्रजापति ने 100 में से 101.66 नंबर हासिल किए।
इसमें 109 उम्मीदवारों के रिजल्ट होल्ड किए गए क्योंकि ये शंका के दायरे में थे। लेकिन इसमें ईएसबी ने ना थाने में केस दर्ज कराया, न ही सायबर सेल में शिकायत की। इसमें मंडल ने कुछ भी नहीं किया।
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