ईएसबी की सिपाही, आबकारी परीक्षा के नकल घोटाले में FIR, लेकिन जेल प्रहरी में हुआ बड़ा खेल दबा दिया
पीएमटी घोटाले के बाद व्यापमं का नाम भले ही बदल दिया गया हो, लेकिन अभी भी घोटाले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। पीएमटी के बाद सबसे चर्चित घोटाला पटवारी भर्ती परीक्षा का आया था। इसमें टॉप टेन में से 7 एक ही सेंटर से निकले थे। लेकिन इस घोटाले में जांच की खानापूर्ति कर सभी की क्लीन चिट दे दी और भर्ती भी हो गई।
हाल ही में सिपाही भर्ती परीक्षा और आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा में सेंटर पर फिर से नकल कांड सामने आया। सिपाही भर्ती में भोपाल के केंद्र पर 12 संदिग्ध मिले, तो आबकारी आरक्षक में रतलाम के केंद्र पर 14 संदिग्ध मिले। लेकिन इन सभी से बड़ा एक और कांड हो चुका है, जिसे दबा दिया गया।
राजा भैय्या याद है ना आपको, इसी जेल प्रहरी में खेल
हम बात कर रहे हैं उस जेल प्रहरी, वन रक्षक भर्ती परीक्षा 2023 की, जिसके टॉपर राजा भैय्या प्रजापति शायद आपको याद होंगे। दिसंबर 2024 में इस परीक्षा का रिजल्ट आया था।
द सूत्र ने खुलासा किया था कि इसके टॉपर राजा भैय्या को 100 में से 101.66 नंबर आए हैं, जो इतिहास में पहली बार हुआ है। इसके बाद राजा भैय्या और अन्य टॉपर गायब हो गए और चुपचाप ज्वाइनिंग कर ली।
बताया गया कि नार्मलाइजेशन फार्मूले के कारण यह अधिक अंक बताए गए। इसी जेल प्रहरी, वन रक्षक भर्ती परीक्षा 2023 में सबसे बड़े सेंटर पर नकल घोटाला हुआ था।
इस परीक्षा में 109 उम्मीदवारों पर नकल की शंका
इस परीक्षा में करीब आधा दर्जन शहरों में एक-दो नहीं, पूरे 109 उम्मीदवारों पर सेंटर में मिलीभगत कर नकल करने की आशंका है। ईएसबी द्वारा रिजल्ट जारी करने से पहले चयनित होने वाले उम्मीदवारों के परीक्षा पैटर्न को जांचा जाता है। यानी देखा जाता है कि जिस कंप्यूटर पर वह बैठा है, वहां पर वह कितने मिनट में कितने सवालों का जवाब दे रहा है। कुल कितने प्रश्न किए, किस गति से किए आदि।
यहां पर एआई टूल की मदद से पता चलता है कि उम्मीदवार के कंप्यूटर को काम्प्रोमाइज तो नहीं किया गया था। इसी तरीके से सिपाही और आबकारी आरक्षक के संदिग्ध चिन्हित हुए। इस पैटर्न से जेल प्रहरी परीक्षा में भोपाल, सागर, सतना व अन्य शहरों (करीब 6 शहरों के परीक्षा केंद्र) के 109 उम्मीदवार चिन्हित हुए और उनके रिजल्ट होल्ड कर दिए गए।
ईएसबी ने नहीं कराई इन पर एफआईआर
इस मामले में ईएसबी ने किसी भी उम्मीदवार पर केस दर्ज नहीं कराया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इसका कारण है कि सिपाही भर्ती और आबकारी भर्ती में सीसीटीवी फुटेज भी है और कई और तकनीकी मजबूत साक्ष्य हैं।
इसके बावजूद जेल प्रहरी परीक्षा में केवल पैटर्न का ही एनालिस किया गया, इसी में ये 109 संदिग्ध मिले, लेकिन सीसीटीवी व अन्य मजबूत तकनीकी साक्ष्य नहीं हैं। इसके चलते एफआईआर के लिए फाइल नहीं चलाई गई और मामला ठंडा हो गया।
सिपाही भर्ती में यह हुआ कांड
कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) की सिपाही भर्ती परीक्षा में नकल घोटाला हुआ है। ईएसबी ने सिपाही भर्ती परीक्षा के संदिग्ध 14 उम्मीदवारों के खिलाफ भोपाल साइबर सेल में औपचारिक तौर पर शिकायत दर्ज कर दी है।
मंडल द्वारा की गई शिकायत में बताया गया कि 30 अक्टूबर से 15 दिसंबर 2025 तक 11 शहरों के 46 परीक्षा केंद्रों पर सिपाही भर्ती परीक्षा का आयोजन किया गया था। इसमें डाटा की जांच, सीसीटीवी फुटेज, रजिस्ट्रेशन लॉगइन डिटेल यानी जिस कंप्यूटर पर उम्मीदवार ने परीक्षा दी, उनकी जांच की गई।
इसमें आया कि भोपाल के सेंट्स कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी केंद्र के 14 उम्मीदवारों के डाटा उचित नहीं है। केंद्र पर उपस्थित अन्य व्यक्तियों द्वारा उम्मीदवारों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया। इन सभी का डाटा असामान्य था।
इसके चलते ईएसबी इनके खिलाफ यूएफएम (अनुचित साधन उपयोग करना) केस बनाकर उम्मीदवारी निरस्त कर चुका है। सिपाही भर्ती परीक्षा जो 7500 पदों के लिए हुई थी और इसमें करीब 9.50 लाख उम्मीदवार थे।
आबकारी आरक्षक में 12 संदिग्ध का यह केस
इसके पहले ईएसबी की आबकारी आरक्षक परीक्षा में रतलाम के सेंटर में कंप्यूटर काम्प्रोमाइज हुए थे। यहां के सेंटर पर 12 उम्मीदवारों ने खेल किया। इनके द्वारा अंतिम 20 मिनट में सभी प्रश्न हल कर सौ में सौ अंक हासिल किए थे।
आबकारी आरक्षक परीक्षा का आयोजन 9 से 25 सितंबर 2025 तक कराया था। रतलाम शहर के रतलाम पब्लिक स्कूल में विविध पालियों में बैठे भिंड, मुरैना व अन्य शहरों के 12 उम्मीदवारों के अंक बहुत ज्यादा थे। यह टॉपर्स के अंक थे।
जांच में सामने आया कि इन सेंटर पर सभी उम्मीदवारों ने परीक्षा के अंतिम 20 मिनट में ही पेपर हल किया है। सेंटर के ही एक व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध है, जो इन 12 उम्मीदवारों की मदद कर रहा था। यह भी सीसीटीवी एनालिस में आया है कि सेंटर का यह व्यक्ति इन उम्मीदवारों की मदद कर रहा था।
ईएसबी सिस्टम एनालिस्ट प्रणीत सिजरिया ने एमपी नगर थाना भोपाल में केस दर्ज कराया। इसमें 12 उम्मीदवारों पर बीएनएस की धारा 318(4) के तहत केस दर्ज किया गया है। यह सभी उम्मीदवार रतलाम पब्लिक स्कूल से परीक्षा में शामिल हुए थे।
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