ESB के तीन रिजल्ट को लेकर उम्मीदवारों में निराशा, दो में हाईकोर्ट का पेंच
मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) की तीन भर्ती परीक्षाओं के रिजल्ट को लेकर उम्मीदवारों में भारी निराशा है। इनमें ग्रुप 1 सब ग्रुप 2, ग्रुप 2 सब ग्रुप 3 और आईटीआई टीओ की भर्ती परीक्षा शामिल है। इन तीनों परीक्षाओं में करीब ढाई लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे, जो पिछले चार से छह महीने से रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।
क्या है परीक्षा की स्थिति, पद
- ग्रुप 1 सब ग्रुप 2 भर्ती परीक्षा 17 से 20 फरवरी के बीच हुई थी। इसमें 450 पद हैं और करीब 18 हजार उम्मीदवार शामिल हुए थे।
- ग्रुप 2 सब ग्रुप 3 भर्ती परीक्षा 29 जनवरी से 6 फरवरी के बीच हुई थी। इसमें 454 पद हैं और करीब 67 हजार उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी।
- आईटीआई टीओ भर्ती परीक्षा 27 फरवरी से 17 मार्च के बीच हुई थी। इसमें 1,120 पद हैं और करीब 1.65 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे।
क्या आ रही समस्या
ग्रुप 1 सब ग्रुप 2
इस परीक्षा के रिजल्ट (ग्रुप 1 रिजल्ट) में सबसे बड़ा पेंच हाईकोर्ट में चल रहा मामला है। यह केस लोक स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा विभाग से जुड़ा है। याचिका नंबर 12623/26 में सीधी भर्ती और पदोन्नति से भरे जाने वाले पदों को लेकर सवाल उठाया गया है। इस याचिका में कुल 48 याचिकाकर्ता हैं।
सरकार ने कोर्ट में जवाब देने के लिए समय मांगा है। मामले की सुनवाई 13 जुलाई को संभावित थी, लेकिन अभी तक नहीं हो सकी है। इसमें 9 अप्रैल को रिजल्ट जारी नहीं करने का अंतरिम आदेश है जो अभी बना हुआ है।
ग्रुप टू सब ग्रुप 3
इस परीक्षा की बात करें तो इसमें भी हाईकोर्ट जबलपुर और इंदौर की याचिकाओं की ही भूमिका है। दरअसल, इस भर्ती में अलग-अलग विभागों के पद शामिल हैं। नगर निगमों में सहायक इंजीनियर की भर्ती को लेकर मामला कोर्ट पहुंचा था।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि सहायक इंजीनियर का पद उच्च स्तर का है और इसकी भर्ती पीएससी के जरिए होनी चाहिए, ईएसबी के जरिए नहीं। इसी मामले में हाईकोर्ट ने सहायक इंजीनियर के पदों पर भर्ती पर रोक लगा दी है। फिलहाल मामला कोर्ट में लंबित है और अगली संभावित सुनवाई 27 जुलाई को हो सकती है।
आईटीआई टीओ परीक्षा रिजल्ट में पेंच नहीं
आईटीआई टीओ परीक्षा का रिजल्ट भी चार माह से अटका हुआ है। इसमें 1120 पद हैं और 1.65 लाख उम्मीदवार हैं। ईएसबी से मिली जानकारी के अनुसार इस रिजल्ट को लेकर कोई पेंच नहीं है। अधिकारी इसका रिजल्ट जल्द जारी करने की बात कह रहे हैं।
उम्मीदवारों की क्या मांग है
वहीं उम्मीदवारों की मांग है कि ग्रुप 1 सब ग्रुप 2 व ग्रुप टू सब ग्रुप 3 की परीक्षाओं में विविध विभागों के पद होते हैं। ऐसे में यदि एक-दो पद कोड को लेकर हाईकोर्ट की कोई रोक है तो उससे पूरा रिजल्ट होल्ड नहीं किया जाए। इसका रिजल्ट जारी किया जाए। हालांकि यह बात भी है कि यदि किसी भी तरह का रिजल्ट ईएसबी को जारी करना है तो उन्हें इसके लिए भी हाईकोर्ट से मंजूरी लेना होगी। इसी के चलते यह मामला उलझा हुआ है।
पीएससी से सीख लेने की जरूरत
वहीं इस मामले में ईएसबी को पीएससी से सीख लेने की जरूरत है। आयोग ने इस मामले में कानूनी लड़ाई के लिए अलग से अधिवक्ताओं की टीम तैयार की है। साथ ही यदि कोई रिजल्ट/परीक्षा होल्ड होती है तो आयोग की पहली कोशिश होती है इन पर स्टे हटवाए और इन्हें जारी किया जाए। आगे फिर कानूनी मामला चलता रहेगा। इसी के तहत कई विषय के असिस्टेंट प्रोफेसर के रिजल्ट जारी हुए और आयोग को राज्य सेवा मेंस परीक्षा 2025 को कराने की मंजूरी भी मिली। वहीं ईएसबी इस मामले में इस तरह के कदम नहीं उठाता है, जिसके चलते मामला फंसा हुआ है।
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