ई-व्हीकल पॉलिसी पर 3 हजार करोड़ का भार, इसलिए वित्त विभाग ने लगाया अड़ंगा

Sandeep Kumar | Feb 10, 2025, 07:53 IST
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मध्य प्रदेश की नई ई-व्हीकल पॉलिसी पर वित्त विभाग ने आपत्ति जताई है। नीति के तहत भारी छूट प्रस्तावित है, जिससे सरकार पर 3 हजार करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।

मध्य प्रदेश में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। नगरीय विकास विभाग ने भारी छूट प्रस्तावित की है। इसी वजह से वित्त विभाग ने पॉलिसी पर आपत्ति दर्ज कराई है। मुख्य सचिव अनुराग जैन के सामने पॉलिसी का प्रेजेंटेशन रखा गया। इस दौरान वित्त विभाग ने प्रस्तावित सब्सिडी को लेकर अपनी चिंता जाहिर की।



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सरकार पर आएगा 3 हजार करोड़ का बोझ

सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित छूट से सरकार पर 3 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा। वित्त विभाग ने इसे मंजूरी देने से इनकार कर दिया है। अब 12 फरवरी को नगरीय विकास विभाग और वित्त विभाग के बीच फिर से बैठक होगी। इसके बाद ही अंतिम रूप देकर प्रस्ताव को कैबिनेट में भेजा जाएगा।



जानिए, वित्त विभाग की पॉलिसी को लेकर आपत्ति

पॉलिसी में सब्सिडी और इन्सेंटिव की छूट देने का प्रावधान किया गया है, जिससे सरकार पर 3021.37 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा। वित्त विभाग को इस पर आपत्ति है। हालांकि, पॉलिसी में डीजल से चलने वाली गाड़ियों पर 10 पैसे प्रति लीटर का प्रदूषण टैक्स लगाने और 25 लाख से ज्यादा कीमत वाले पेट्रोल-डीजल वाहनों पर रोड टैक्स बढ़ाने की सिफारिश की गई है।



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नीति के तहत शहरों को ईवी सिटी बनाने की योजना

भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन को अगले 5 वर्षों में ईवी सिटी बनाया जाएगा। यात्री बसों और नगर निगम की गाड़ियों को भी इलेक्ट्रिक व्हीकल में बदला जाएगा।



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नीति के चार प्रमुख लाभ

पहले आओ, पहले पाओ

आम लोगों के लिए इलेक्ट्रिक वाहन पर सब्सिडी का प्रावधान है। इसमें ई-साइकिल, टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर और फोर-व्हीलर शामिल हैं।



कैपिटल सब्सिडी

वाहनों की बैटरी कैपेसिटी के आधार पर सब्सिडी दी जाएगी।



रेगुलेटरी इन्सेंटिव

रजिस्ट्रेशन और टैक्स में 5 वर्षों तक छूट मिलेगी।



स्क्रैप पॉलिसी



पुराने पेट्रोल-डीजल वाहन स्क्रैप में देकर नया ई व्हीकल खरीदा जा सकेगा।



FAQ

  1. ई-व्हीकल पॉलिसी का उद्देश्य क्या है?
    इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है।
  2. पॉलिसी में वित्त विभाग की आपत्ति क्यों है?
    प्रस्तावित भारी छूट से सरकार पर 3 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार पड़ेगा।
  3. आम लोगों को पॉलिसी में क्या लाभ मिलेगा?
    सब्सिडी, टैक्स छूट और स्क्रैप इन्सेंटिव जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
  4. किन शहरों को ईवी सिटी बनाने की योजना है?
    भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन को ईवी सिटी बनाया जाएगा।
  5. पॉलिसी कब तक प्रभावी रहेगी?
    यह पॉलिसी अगले 5 वर्षों तक प्रभावी रहेगी।




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