खजराना ब्रिज पर पानी भरने की फेक न्यूज पर महापौर की FIR की चेतावनी, 1.7 इंच पानी में डूबा शहर, उस पर चुप्पी
इंदौर में लंबे समय बाद सावन की झड़ी लगी और 1.78 इंच बारिश ने पूरे शहर को पानी से भर दिया। इसके चलते शहर की पुरानी बीमारी जल जमाव फिर सामने आ गई है। जगह-जगह पूरी सर्विस रोड, मुख्य मार्ग पानी में डूब गए।
इसी दौरान एक वीडियो चला, जिसमें एक ब्रिज पर पानी भरा हुआ था। इसे इंदौर के खजराना ब्रिज बताया गया, जो हाल ही में बना है। इस पर पहले आईडीए ने आपत्ति ली और इसे फर्जी कहा, और इसके बाद महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने चेतावनी दी। लेकिन इस चेतावनी पर भी सवाल खड़े हो गए।
महापौर ने यह दी चेतावनी
महापौर ने कहा कि इंदौर के जागरूक नागरिकों का धन्यवाद, जो सही मुद्दों को नगर निगम तक पहुंचाते हैं, लेकिन कुछ लोग महज लाइक्स और व्यूज के लिए फर्जी और गुमराह करने वाली पोस्ट डालकर शहर की प्रतिष्ठा को चोट पहुंचा रहे हैं।
हाल ही में खजराना ब्रिज की आड़ में दूसरे शहर के वीडियो को इंदौर का बताकर भ्रम फैलाया गया। साथ ही फेक के माध्यम से किसी और शहर के गड्ढे में ऑटो पलटने की घटना को इंदौर का बता कर पोस्ट किया। इसकी शिकायत पुलिस को करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
खजराना ब्रिज पर पानी भरने की फेक न्यूज पर एक नजर...
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महापौर यह भी बोले- अब सीधे एफआईआर होगी
महापौर ने कहा कि इंदौर की पहचान उसकी स्वच्छता, अनुशासन और सकारात्मकता से है। कोई भी व्यक्ति अगर सोशल मीडिया पर जानबूझकर फेक वीडियो या झूठी जानकारी डालकर शहर की छवि बिगाड़ने की कोशिश करेगा, तो उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इसके लिए नगर निगम की सोशल मीडिया निगरानी टीम अब ऐसे कंटेंट पर नजर रखेगी, और यदि कोई पोस्ट संदिग्ध पाई गई, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ तुरंत एफआईआर की जाएगी। इंदौरवासियों से अपील है कि सोशल मीडिया पर किसी भी वीडियो या फोटो को साझा करने से पहले उसकी सच्चाई जरूर जांच लें। भ्रामक जानकारी फैलाना अपराध है और इससे आपके शहर की छवि पर आंच आती है।
बारिश में पूरा शहर डूबा हुआ है, उसकी चिंता कौन करेगा
इसके बाद लोगों ने बारिश के बाद डूबे शहर की फोटो, वीडियो शेयर करना शुरू कर दिया। रविवार को अलग-अलग मीडिया में भी यह डूबी सड़कें सुर्खियां बंटोर रही हैं। इस पर अब सवाल उठ रहे हैं कि महापौर को जो एक फेक वीडियो से परेशानी है, लेकिन पूरा शहर हलाकान है और बारिश में डूबा हुआ है, इस पर चिंता क्यों नहीं जताते हैं।
महापौर बनने के बाद किया था वादा
महापौर का पद संभालने के बाद जुलाई-अगस्त 2022 में जब तेज बारिश हुई थी, तब भार्गव इंदौर में पैदल घूमे थे और इस दौरान जल जमाव को दूर करने के लिए जुटे थे। तब उन्होंने कहा था कि यह चिन्हित कर रहे हैं कि कहां जल जमाव होता है, ताकि फिर आगे वहां पर यह नहीं हो। लेकिन इसके बाद भी हर साल एक-दो इंच की बारिश में ही शहर डूब जाता है।
निगम ने जल जमाव के दौरान आपदा स्थिति में काम करने के लिए इस बार आरेंज आर्मी भी बनाई है, लेकिन वह भी पूरे शहर के जल जमाव को दूर करने के लिए नाकाफी है। पूरा शहर नाला टेपिंग और खराब इंजीनियरिंग और विभिन्न विभागों में बिना सामंजस्य के हुए काम को भुगत रहा है।
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