एमपी के पूर्व आईएएस रमेश थेटे नागपुर से गिरफ्तार, कोर्ट ने घोषित किया था फरार, जानें क्या है पूरा मामला
Aman Vaishnav | Oct 29, 2026, 12:37 IST
कोर्ट के नोटिस की अनदेखी और आय से अधिक संपत्ति के मामले में पूर्व IAS अधिकारी रमेश थेटे को पुलिस ने नागपुर से गिरफ्तार कर लिया है।
मध्य प्रदेश कैडर के 1993 बैच के पूर्व IAS अधिकारी रमेश थेटे को पुलिस ने महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया है। भोपाल की अदालत में जज कल्पना कोतवाल ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। रमेश थेटे के 36 साल के सेवाकाल में 27 उन पर केस दर्ज हुए हैं।
पूर्व आईएएस रमेश थेटे गिरफ्तार
क्या है आय से अधिक संपत्ति का यह पूरा मामला?
विवादों भरा रहा रमेश थेटे का करियर
2002 का रिश्वत कांड और बर्खास्तगी
सीलिंग जमीन का मामला और कैबिनेट की मंजूरी
आईएएस रमेश थेटे के करियर की शुरुआत
इसके बाद साल 1999 में जब रमेश थेटे वापस लौटे, तो उन्हें जबलपुर का नगर निगम कमिश्नर बनाया गया। आगे चलकर 2002 में वे भोपाल में डिप्टी सेक्रेटरी बने और 2011 तक अलग-अलग विभागों में इसी पद पर काम करते रहे।
इसी साल यानी 2011 में आईएएस रमेश थेटे को उज्जैन में एडमिशन कमिश्नर की जिम्मेदारी दी गई। इसके बाद 2013 से वे भोपाल में ही विभिन्न पदों पर सेवाएं देते रहे। हालांकि अपनी पूरी सर्विस के दौरान उन्हें कभी भी किसी जिले का कलेक्टर बनने का मौका नहीं मिला।
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